Aaj Ki Taza Khabar: ट्रंप बोले- यूक्रेन रूस के कब्जे में गए सभी क्षेत्रों को वापस हासिल करने की स्थिति में....कांग्रेस की पटना में हुई CWC बैठक
Aaj Ki Taza Khabar 24 Sep 2025: पटना में बुधवार को कांग्रेस की बड़ी बैठक होनी है। इस दौरान कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी पार्टी की वर्किंग कमेटी की बैठक में शामिल होंगे। वहीं, सुपर टाइफून रागासा ने तेज हवाओं और भारी बारिश के साथ हांगकांग पर खतरनाक दस्तक दी। तूफान ने हांगकांग के समुद्र तट पर ऊंची लहरें उठाईं और दक्षिणी चीन के तटीय इलाकों में जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी। कई लोगों की जान भी गई। उधर अमेरिका पहुंचे जयशंकर ने समान विचारधारा वाले वैश्विक दक्षिणी देशों की उच्च-स्तरीय बैठक की मेजबानी की। दूसरी ओर तुर्की के राष्ट्रपति तैयप एर्दोगन ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में एक बार फिर कश्मीर मुद्दे का जिक्र किया। आइए जानते हैं देश और दुनिया की अहम खबरें...
Aaj Ki Taza Khabar: ट्रंप बोले- यूक्रेन रूस के कब्जे में गए सभी क्षेत्रों को वापस हासिल करने की स्थिति में....कांग्रेस की पटना में हुई CWC बैठक
-एर्दोगन ने UNGA में उठाया कश्मीर मुद्दा
-नाटो की मदद से यूक्रेन अपने मूल स्वरूप को वापस पाने की स्थिति में: ट्रंप
एक सीट के लिए उपचुनाव की घोषणा
शारदीय नवरात्रि और विजयदशमी के त्योहार पर कानून-व्यवस्था दुरुस्त
इस संबंध में संयुक्त पुलिस आयुक्त बबलू कुमार ने आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक, 4 अक्टूबर 2025 तक किसी भी पुलिसकर्मी को छुट्टी नहीं मिलेगी। हालांकि अतिआवश्यक और विषम परिस्थितियों में छुट्टी की अनुमति दी जा सकती है।
छात्राओं से यौन शोषण के आरोपों में स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती फरार
जम्मू-कश्मीर के पुंछ में सड़क दुर्घटना में पांच सेनाकर्मी घायल
रुपया शुरुआती कारोबार में सात पैसे टूटकर 88.80 प्रति डॉलर पर
गुमला में JJMP के तीन उग्रवादी एनकाउंटर में मारे गए
राहुल गांधी पटना में CWC की बैठक में होंगे शामिल
साइक्लोन ने मचाई हांगकांग व दक्षिणी चीन में तबाही
विदेश मंत्री जयशंकर की हाई लेवल बैठक
एर्दोगन ने UNGA में उठाया कश्मीर मुद्दा
नाटो की मदद से यूक्रेन अपने मूल स्वरूप को वापस पाने की स्थिति में: ट्रंप
ट्रंप ने लिखा, 'मुझे लगता है कि यूरोपीय संघ के समर्थन से यूक्रेन लड़ने और पूरे यूक्रेन को उसके मूल स्वरूप में वापस लाने की स्थिति में है। समय, धैर्य और यूरोप तथा विशेष रूप से नाटो के वित्तीय समर्थन के साथ उन मूल सीमाओं वाली स्थिति में पहुंचने का विकल्प संभव है जिससे यह युद्ध शुरू हुआ था।'
