Chhattisgarh Naxal News: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में तीन महिलाओं समेत छह माओवादियों ने सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। इन माओवादियों पर कुल 35 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
बीजापुर में माओवाद को बड़ा झटका (फाइल फोटो)
अधिकारियों ने बताया कि एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने पड़ोसी सुकमा जिले में माओवादियों के एक ठिकाने से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए हैं।
बीजापुर जिले के पुलिस अधीक्षक उमेश प्रसाद गुप्ता ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले छह माओवादियों में से चार पड़ोसी राज्य ओडिशा में सक्रिय थे। गुप्ता ने कहा कि ये माओवादी छत्तीसगढ़ सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति तथा बीजापुर में लागू की जा रही पुनर्वास पहलों से प्रभावित थे।उन्होंने बताया कि माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल होने के कई कारण बताए हैं। इनमें सुरक्षाबलों का बढ़ता प्रभाव, प्रतिबंधित संगठन का कमजोर होता संगठनात्मक ढांचा, संगठन की हिंसक और जनविरोधी विचारधारा से मोहभंग, पूर्व माओवादियों का सफल पुनर्वास और आदिवासी क्षेत्रों में तेजी से हो रहा विकास शामिल हैं।
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अधिकारी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वालों में रानी सोढ़ी उर्फ संध्या , उनके पति संतोष कुडियम उर्फ सुक्कु और पांडो पोडियम उर्फ सस्मिता शामिल हैं। ये तीनों ओडिशा राज्य इकाई की कंपनी नंबर आठ में प्लाटून पार्टी कमेटी सदस्य के रूप में सक्रिय थे। इन सभी पर आठ-आठ लाख रुपये का इनाम घोषित था।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ इकाई की कंपनी नंबर दो में पीपीसीएम के रूप में सक्रिय रहे कोसा माडवी पर भी आठ लाख रुपये का इनाम था। वहीं, ओडिशा राज्य इकाई में पार्टी सदस्य रहे देवे माडकम उर्फ जन्नी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित था।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बीजापुर के गंगालूर इलाके में पार्टी सदस्य के रूप में सक्रिय रहे लालू ताती पर एक लाख रुपये का इनाम था।उन्होंने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले सभी माओवादी बस्तर क्षेत्र के अलग-अलग जिलों के रहने वाले हैं। उन पर छत्तीसगढ़ और ओडिशा में सुरक्षाबलों पर हुए कई हमलों में शामिल होने का आरोप है।
'उन्हें अपना काम शुरू करने या नौकरी पाने में भी मदद की जाएगी'
पुलिस ने बताया कि पुनर्वास नीति के तहत उन्हें नयी जिंदगी शुरू करने और समाज में फिर से घुलने-मिलने में मदद के लिए आर्थिक सहायता, कौशल विकास प्रशिक्षण, आवास और शिक्षा की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, उन्हें अपना काम शुरू करने या नौकरी पाने में भी मदद की जाएगी। पुलिस ने बताया कि एक अन्य घटना में सुरक्षाबलों ने सोमवार को सुकमा जिले के किस्टाराम क्षेत्र के पालाचलमा जंगल से माओवादियों द्वारा पहले छिपाकर रखे गए हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक बरामद किए।
अधिकारियों के अनुसार, पूर्व में आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया जानकारी के आधार पर जिला पुलिस, जिला रिजर्व गार्ड और बस्तर फाइटर्स के संयुक्त दल ने क्षेत्र में अभियान शुरू किया था। पुलिस ने बताया कि सोमवार सुबह तलाशी के दौरान दल को माओवादियों द्वारा पहले छिपाकर रखे गए हथियारों और अन्य सामान का जखीरा मिला।
सुकमा समेत बस्तर क्षेत्र के सात जिलों में तलाशी अभियान तेज
बरामद सामान में दो .303 राइफल, एक सिंगल-शॉट बंदूक, चार बैरल ग्रेनेड लॉन्चर , तीन 12-बोर राइफल, दो भरमार बंदूक और अन्य सामान शामिल हैं।पुलिस ने बताया कि इस साल 31 मार्च को छत्तीसगढ़ को हथियारबंद माओवादियों की मौजूदगी से मुक्त घोषित किए जाने के बाद से सुरक्षाबलों ने माओवादियों द्वारा छिपाए गए हथियारों, गोला-बारूद, विस्फोटकों और अन्य सामान का पता लगाने के लिए सुकमा समेत बस्तर क्षेत्र के सात जिलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
