विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के 24 दलों के प्रमुख नेताओं ने शनिवार को एक अहम ऑनलाइन बैठक की, जिसमें आगामी संसद के मानसून सत्र में सरकार को घेरने की रणनीति पर चर्चा हुई। यह बैठक ऐसे समय हुई जब कई ज्वलंत मुद्दे—जैसे कि पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर को अचानक रोका जाना, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मध्यस्थता संबंधी दावे और बिहार में चल रहा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)—राष्ट्रीय विमर्श के केंद्र में हैं।
इंडिया गठबंधन के नेता (फाइल फोटो- PTI)
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कौन-कौन नेता हुए शामिल
बैठक में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी, अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी, शिवसेना (उद्धव) के उद्धव ठाकरे, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव, आरजेडी के तेजस्वी यादव, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और भाकपा (माले) लिबरेशन के महासचिव दीपांकर भट्टाचार्य जैसे प्रमुख नेता शामिल हुए।
किन-किन मुद्दों को संसद में उठाएगा विपक्ष
इस मीटिंग के बाद कांग्रेस की ओर से एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए राज्यसभा में विपक्ष के उपनेता प्रमोद तिवारी ने कहा कि संसद के मानसून सत्र से पहले हुई वर्चुअल मीटिंग में INDIA गठबंधन के करीब 24 दल शामिल हुए। इस बैठक में देश से जुड़े विषयों और राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हुई, जिन्हें हम संसद सत्र के दौरान उठाएंगे। सभी की सहमति के साथ इस बैठक में मुख्य रूप से 8 मुद्दे सामने आए हैं।
- पहलगाम हमला
- ऑपरेशन सिंदूर
- युद्धविराम व ट्रेड को लेकर ट्रंप के बयान
- बिहार में SIR के नाम पर हो रही वोटबंदी
- विदेश नीति का विषय (पाक, चीन, गाजा)
- डिलिमिटेशन का मुद्दा
- देश में दलित, पिछड़े, आदिवासी, महिला और अल्पसंख्यक वर्गों पर अत्याचार का मुद्दा
मोदी सरकार पर साधा निशाना
इन सबके अलावा, हम अहमदाबाद प्लेन हादसे जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगेंगे। मोदी सरकार जिस तरह से देश के हितों की अनदेखी कर रही है, उसके खिलाफ हम सभी एकजुट होकर लोकतांत्रिक ढंग से सदन में अपने विषय उठाएंगे। हम चाहेंगे कि संसद चले और मोदी सरकार हमारे सवालों का जवाब दे।
