फारस की खाड़ी और काला सागर में बहा भारतीयों का खून (फाइल फोटो)
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए विजय कुमार ने बताया कि सरकार ने होर्मुज जलडमरूमध्य क्षेत्र से अब तक 4,232 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाया चुका है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को अमेरिका-ईरान युद्ध शुरू होने के बाद से हॉर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी के कुछ हिस्सों में जहाजों पर मिसाइल हमले लगातार बढ़े हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच तनातनी
विजय कुमार ने कहा कि उस दिन अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई और कई शीर्ष कमांडर मारे गए। पश्चिम एशिया में स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य एक संकरा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 28 फरवरी से काला सागर में जारी संघर्ष में पांच भारतीय नाविकों की जान जा चुकी है।
रियाद में धमाकों के बाद एयरपोर्ट हुआ बंद
इस बीच, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब की राजधानी रियाद में नए हमलों को दावा किया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, रियाद में हमलों के बाद एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया और अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला। चश्मदीदों को मुताबिक, किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से जाने वाली उड़ानें रोक दी गईं और यात्रियों को अपना चेक-इन सामान वहीं छोड़कर बाहर निकलने का निर्देश दिया गया।
