Covid-19 New Update In Hindi: कोरोना महामारी के दौरान करोड़ों लोग इससे संक्रमित हुए। कोविड-19 वायरस के प्रकोप के चलते करोड़ों लोगों को अपनी जान भी गंवानी पड़ी। कोरोनावायरस से लोगों से लोगों को संक्रमित होने से बचाने के लिए दुनिया भर में लोगों को नैक्सीन बनाई गईं। इस बीच बुहत से लोग ऐसे भी थे जिन्होंने कभी कोविड वैक्सीन के लिए टीका नहीं लगवाया, लेकिन फिर भी वे कोविड की चपेट में नहीं आए है। ऐसे में बहुत से लोगों ने यह पूछा कि आखिर ऐसा कैसे हुआ। इतने सारे लोग ऐसे थे जिन्होंने कोविड से बचाव के लिए वैक्सीन नहीं लगवाई थी, लेकिन फिर भी वे इसकी चपेट में नहीं आए। अब एक नई स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ है कि आखिर क्यों कुछ लोग कोविड की चपेट में नहीं आए। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
Covid-19 New Update In Hindi
क्यों कोविड की चपेट में नहीं आए कुछ लोग
महामारी के दौरान बहुत से लोग ऐसे थे जिन्होंने वायरस से बचाव के लिए जरूरी एहतियात बरती। लेकिन फिर भी कुछ लोग ऐसे थे जिनके परिवार के अन्य सदस्य तो पीड़ित हुए, लेकिन उन्हें कोरोना ने चपेट में नहीं लिया। इसके पीछे की वजह जानने के लिए वेलकम सैंगर इंस्टीट्यूट, इंपीरियल कॉलेज लंदन और यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन की ओर से एक अध्ययन किया गया।
इसमें रिसर्चर्स ने ऐसे प्रतिभागियों को लिया जिन्हें पहले कभी कोविड नहीं हुआ था। साथ ही, उन्हें पहले कभी कोविड वैक्सीन भी नहीं लगी थी। अध्ययन में इन लोगों को नेजल स्प्रे की मदद से SARS-CoV-2 के ओरिजिनल स्ट्रेन की बहुत कम डोज के साथ एक्सपोज किया गया। इस अध्ययन में ऐसे 16 प्रतिभागी शामिल थे। वैज्ञानिकों ने यह प्रतिभागियों के नाक और गले के सैंपल लिए गए। ये सैंपल वायरस के संपर्क में आने से पहले और बाद में लिए गए। अध्ययन के परिणाम चौंकाने वाले हैं।
अध्ययन में क्या पाया गया
वैज्ञानिक अध्ययन के परिणाम को देखकर हैरान रह गए । क्योंकि सभी प्रतिभागियों को समान रूप से कोविड वायरस की समान डोज देने के बाद भी, उनकी जांच पॉजिटिव नहीं आई। हालांकि, कुछ लोग वायरस से संक्रमित हो चुके थे। ऐसे में कोविड के प्रतिभागियों को अलग-अलग तीन कैटेगरी में बांटा गया।
पहली कैटेगरी
इन लोगों में सर्दी-जुकाम जैसे लक्षण देखने को मिले, जो पूरी तरह से संक्रमित लोगों के समान ही थे।
दूसरी कैटेगरी
इस कैटेगरी वाले लोगों में लक्षण बहुत हल्के या कम देखने को मिले।
तीसरी कैटेगरी
इस कैटेगरी वाले लोगों में ऐसे लोग रखे गए जो संक्रमित थे लेकिन उनमें कोई लक्षण नहीं देखने को मिेले।
जब वैज्ञानिकों ने तीनों ही कैटेगरी के लोगों की टाइमिंग और सेल्युलर रिस्पॉन्स की तुलना की , तो उन्होंने कुछ खास पैटर्न नोटिस किए। जैसे दूसरी कैटेगरी के लोगों में संक्रमित होने के अगले दिन नाक से इम्यून सेल्स का तुरंत और मजबूती के साथ संचयन देखा गया।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
