Heart palpitations : दिल हमारे शरीर का सबसे जरूरी और अहम अंग माना जाता है। इसकी मदद से हमारे शरीर में ब्लड और ऑक्सीजन बेहतर तरीके से फ्लो कर पाता है। हार्ट रेट से पता चलता है कि हमारा हार्ट सही है और हेल्दी तरीके से कार्य कर रहा है। हार्ट रेट में कमी या फिर अचानक से बढ़ोतरी होना गंभीर परेशानी की ओर इशारा कर सकता है। खासतौर पर अगर आपका हार्ट रेट काफी तेजी से बढ़ जाए, तो इसकी वजह से कई तरह की परेशानी हो सकती है। हार्ट रेट का तेजी से बढ़ना ही हार्ट पालिप्टेशन कहलाता है। डॉक्टर्स के अनुसार, अगर किसी व्यक्ति का हार्ट रेट प्रति मिनट 120 से अधिक हो, तो यह हार्ट पालिप्टेशन की ओर इशारा कर सकता है। इसका कारण ड्रग्स, स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन इत्यादि हो सकते हैं। आइए जानते हैं हार्ट पाल्पिटेशन के कारण और बचाव टिप्स क्या हैं?
हार्ट पल्पिटेशन के लक्षण
हार्ट पल्पिटेशन के लक्षण क्या हैं?
हार्ट पल्पिटेशन में हृदय गति तेज होने के साथ-साथ शरीर में अन्य लक्षण नजर आ सकते हैं, जैसे-
- स्किप्पिंग हार्टबीट
- फ्लटरिंग
- पाउंडिंग ऑफ़ द हार्ट
- फ्लिप-फ्लोप्पिंग इत्यादि।
हार्ट पल्पिटेशन से बचाव
हार्ट पल्पिटेशन में आपको हार्ट बीट नॉर्मल करने की जरूरत होती है। इसके लिए आपको निम्न उपायों का सहारा लेने की जरूरत है, जैसे-
- चीनीयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें, साथ ही धूम्रपान और शराब से दूरी बनाकर रखें।
- अधिक से अधिक पानी का सेवन करें। इसके अलावा लिक्विड खाद्य पदार्थों का सेवन करें, ताकि आप हार्ट रेट को कम कर सकें।
- इसके अलावा आपको अपने एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट पर ध्यान देने की जरूरत होती है। मुख्य रूप से अपने आहार में साबुत अनाज, फल और सब्जियों को शामिल करें।
- कैफीन युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन न करें। चाय और कॉफी कम से कम मात्रा में पिएं।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
