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योग के फायदे: पूरे शरीर को लाभ देता है ताड़ासन, बॉडी को बैलेंस करने के साथ ही मिलेंगे ये भी बड़े बेनेफिट्स

Tadasana ke fayde: पंजों के बल खड़े होकर दोनों हाथों को ऊपर की ओर खींच कर बॉडी को स्ट्रेच करने की मुद्रा को ताड़ासन कहते हैं। यह बॉडी में संतुलन बढ़ाता है। साथ ही लंबे समय तक बैठने से होने वाली थकान को भी दूर करता है। यहां जानें ताड़ासन के बारे में विस्तार से।

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जानें ताड़ासन के बारे में विस्तार से (Pic: iStock)

Tadasana ke fayde: योग के क्षेत्र में ताड़ासन, जिसे ताड़ के पेड़ की मुद्रा या पर्वत मुद्रा के नाम से जाना जाता है। यह एक मूलभूत खड़े होकर करने वाला आसन है। यह आसन न केवल शारीरिक स्थिरता और संतुलन को बढ़ाता है, बल्कि मानसिक ताकत को भी प्रोत्साहित करता है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस की एक खबर के अनुसार, इस आसन का नाम ताड़ से लिया गया है। इसका अर्थ है ताड़ का पेड़ या पर्वत, जो इस आसन की दृढ़ और स्थिर प्रकृति को दिखाता है। यह सभी खड़े आसनों का आधार माना जाता है और योग साधना में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। एक्सपर्ट के अनुसार, यह बेहद आसान और फायदेमंद योगासन है जिसे करने से हाइट भी बढ़ने लगती है।

ताड़ासन कैसे करते हैं

भारत सरकार का आयुष मंत्रालय बताता है कि ताड़ासन करने से एक-दो नहीं, कई फायदे मिलते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले पैरों को 2 इंच की दूरी पर रखकर सीधे खड़े हों। उंगलियों को आपस में फंसा लें और कलाई को बाहर की ओर मोड़ें। सांस लेते हुए बाजुओं को सिर के ऊपर कंधों की सीध में उठाएं। इसके बाद, एड़ियों को जमीन से ऊपर उठाकर पंजों पर संतुलन बनाएं। इस मुद्रा में 10-15 सेकंड तक रहना चाहिए।

ताड़ासन करने से क्या लाभ मिलते हैं

ताड़ासन शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद फायदेमंद है। यह रीढ़ की हड्डी को मजबूत करता है और शरीर की मुद्रा (पोश्चर) को बेहतर बनाता है। यह मांसपेशियों को खींचता है, जिससे लचीलापन बढ़ता है। यही नहीं, ताड़ासन रक्त संचार को भी बेहतर करता है और पाचन तंत्र को सुधारता है, साथ ही तनाव को कम करने में भी मददगार है। यह आत्मविश्वास और मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने में भी सहायक है। ताड़ासन के नियमित अभ्यास से पैरों, पीठ और कंधों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे चोटों का खतरा कम होता है।

ताड़ासन एक सरल लेकिन प्रभावी योग मुद्रा है, जो शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाती है। इसके नियमित अभ्यास से एक-दो नहीं, कई लाभ मिलते हैं। हालांकि, इसे करते समय कुछ सावधानियां भी बरतनी चाहिए। लो बीपी या चक्कर आने की समस्या वाले लोगों को पंजों पर संतुलन बनाते समय सतर्क रहना चाहिए। गर्भवती महिलाओं को यह आसन किसी योग प्रशिक्षक की देखरेख में करना चाहिए। अधिक समय तक मुद्रा में न रहें, क्योंकि इससे पैरों पर अनावश्यक दबाव पड़ सकता है। हमेशा शरीर की क्षमता के अनुसार अभ्यास करना चाहिए।

इनपुट : आईएएनएस

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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