Tips To Prevent Children From Migraine Headache: सिरदर्द की समस्या पहले आमतौर पर वयस्क लोगों में देखने को मिलती थी। लेकिन आजकल हम देखते हैं कि बच्चों में सिरदर्द की समस्या काफी तेजी से बढ़ रही है। आजकल छोटे-छोटे बच्चों में माइग्रेन सिरदर्द जैसी गंभीर स्थितियां देखने मिल रही हैं, जो उनके स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक हो सकती हैं। इसका उनके स्वास्थ्य पर बहुत गहरा असर पड़ सकता है। ऐसे में पेरेंट्स को बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर काफी सावधानी बरतनी चाहिए। अच्छी बात यह है कि पेरेंट्स अगर बच्चों की सही तरीके से देखभाल करें, उन्हें अच्छा खानपान दें और कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखें तो वह बच्चों में माइग्रेन सिरदर्द के विकास के खतरे को कम कर सकते हैं। पेरेंट्स की छोटी सी गलती बच्चे के स्वास्थ्य के लिए काफी खतरनाक हो सकती है।
Tips To Prevent Children From Migraine Headache In Hindi
अच्छी बात यह पेरेंट्स कुछ बातों को ध्यान में रखें तो वह बच्चों को माइग्रेन से बचा सकते हैं। AIIMS दिल्ली की पूर्व डॉक्टर न्यूरोलॉजिस्ट प्रियंका सहरावत (MD Medicine, DM Neurology- AIIMS Delhi) ने बच्चों में बढ़ती माइग्रेन की समस्या को देखते हुए पेरेंट्स के लिए कुछ ऐसी टिप्स शेयर की हैं, जिनका अगर वह ध्यान रखें तो भविष्य में बच्चों को माइग्रेन सिरदर्द से बचा सकते हैं। इस लेख में हम आपको इसके बारे में विस्तार से बता रहे हैं।
बच्चों को माइग्रेन सिरदर्द से बचाने के लिए पेरेंट्स इन बातों का रखें ध्यान - Tips To Prevent Children From Migraine Headache In Hindi
1. बच्चों को बिना नाश्ता कराए स्कूल न भेजें
अगर आपका बच्चा बिना-कुछ खाए पिए ही स्कूल चला जाता है, तो इसे बदलने की जरूरत है। बच्चों को हमेशा स्वस्थ नाश्ता कराने के बाद ही स्कूल भेजें। उन्हें नाश्ते में स्वस्थ चीजें खिलाएं। लंबे समय तक खाली पेट रहने की वजह से माइग्रेन सिरदर्द ट्रिगर हो सकता है।
2. स्क्रीन टाइम कम कर दें
बच्चों को बहुत ज्यादा लंबे समय तक मोबाइल, टैबलेट और टीवी आदि से दूर रखें। उनका स्क्रीन टाइम करें। बहुत से पेरेंट्स बताते हैं कि उनका बच्चा स्कूल का काम और पढ़ाई भी मोबाइल या टैबलेट से करता है। साथ ही, उनकी क्लासेस भी ऑनलाइन होती हैं। बच्चे की पढ़ाई जरूरी है, ऐसे में पेरेंट्स बच्चे का स्क्रीन टाइम करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रख सकते हैं। सबसे पहली चीज कि उन्हें रात 8 बजे के बाद स्क्रीन से पढ़ने दें। जो भी स्कूल का काम बच्चा स्क्रीन की मदद से करना चाहते हैं, वह उसे रात 8 बजे से पहले कर ले। उसके बाद अगर वह पढ़ना चाहता है, तो फोटो कॉपी या किताबों की मदद से पढ़ाई करे।
3. मैग्नीशियम रिच फूड खिलाएं
बच्चे की डाइट का ध्यान रखना बहुत आवश्यक है। उनकी डाइट में मैग्नीशियम से भरपूर फूड्स जरूर शामिल करें। यह उन्हें एक अच्छी नींद लेने में मदद करता है और सिरदर्द से बचाता है। मैग्नीशियम नट्स और बीज में भरपूर मात्रा में होता है। बादाम, अखरोट, काजू, कद्दू के बीज इसके कुछ बेहतरीन स्रोत हैं।
4. विटामिन डी ख्याल रखें
आपके बच्चे के लिए विटामिन डी बहुत आवश्यक है। यह न सिर्फ उनके हड्डियों के विकास के लिए बहुत आवश्यक है, बल्कि रिसर्च में यह पाया गया है कि यह विटामिन माइग्रेन अटैक को रोकने में मदद करता है। यह माइग्रेन से बचाव में बहुत प्रभावी है। धूप विटामिन डी का बेहतरीन स्रोत है। सुबह और शाम के समय 10-15 मिनट बच्चों को धूप में खेलने दें। इससे उन्हें पर्याप्त विटामिन डी मिलेगा।
