Monsoon Flu Symptoms In Hindi: बरसात का मौसम हर किसी को अच्छा लगता है। इस दौरान ठंडी-ठंडी हवा, हरियाली और चाय-पकोड़े का मजा लेना भला किसे नहीं पसंद। लेकिन इसी मौसम में सबसे ज्यादा बीमारियां भी फैलती हैं, खासतौर पर फ्लू और सर्दी-जुकाम। कई बार हम इन्हें छोटा-मोटा वायरल समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी बातें बड़ी बीमारी में बदल सकती हैं। खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह समय थोड़ा ज्यादा रिस्की होता है। अगर बरसात के मौसम में बार-बार बुखार, गले में दर्द या छींक-खांसी हो रही है, तो इसे हल्के में बिल्कुल न लें। चलिए जानते हैं ऐसे कौन-से लक्षण हैं जिन्हें नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है।
नाक बहना और लगातार छींक आना
मानसून में नाक बहना या छींक आना आम बात है, लेकिन अगर ये लगातार दो-तीन दिन तक बना रहे तो यह सिर्फ सर्दी नहीं, फ्लू का भी संकेत हो सकता है। अगर छींक और नाक से पानी आना कम नहीं हो रहा, तो इसे नजरअंदाज करने की गलती न करें।
बुखार जो उतरे ही नहीं
अगर बुखार बार-बार आ रहा है, दवा लेने के बावजूद नहीं उतर रहा और साथ में बदन दर्द भी है, तो यह फ्लू हो सकता है। बरसात में शरीर की इम्युनिटी थोड़ी कमजोर हो जाती है और वायरस जल्दी असर करता है।
गले में खराश और दर्द
गले में जलन, खराश और निगलने में परेशानी मानसून फ्लू का अहम संकेत है। कई बार यह सर्दी का लक्षण लगता है लेकिन असल में यह वायरस इंफेक्शन हो सकता है जो गले से फेफड़ों तक पहुंच सकता है।
हर वक्त थकान और सुस्ती
अगर बिना किसी भारी काम के ही आपको थकावट महसूस हो रही है, नींद ज्यादा आ रही है और शरीर सुस्त लग रहा है, तो सावधान हो जाइए। ये फ्लू के लक्षण हो सकते हैं। ऐसा तब होता है जब शरीर अंदर ही अंदर वायरस से लड़ रहा होता है।
सीने में जकड़न या सांस लेने में परेशानी
अगर आपको सांस लेने में दिक्कत हो रही है या सीने में हल्का भारीपन महसूस हो रहा है, तो यह सीरियस संकेत हो सकता है। फ्लू के कारण श्वसन तंत्र पर असर पड़ सकता है और यह खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों में ज्यादा देखा जाता है।
थोड़ा सावधानी रखें तो बच सकते हैं
बरसात में फ्लू से बचने के लिए साफ-सफाई बहुत जरूरी है। हाथ धोते रहिए, बारिश में भीगने के बाद कपड़े बदलिए और ज्यादा भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क पहनिए। सबसे जरूरी बात अगर लक्षण लगातार बने रहें तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें।
डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।
