आयुर्वेद के अनुसार इस दोष के बिगड़ने से होता है माइग्रेन, आयुर्वेदाचार्य ने बताए राहत के लिए 3 आसान नुस्खे

Migraine Ayurvedic Remedies: क्या आपको भी माइग्रेन सिरदर्द बार-बार परेशान करता है? आयुर्वेद के अनुसार पित्त-वात दोष का असंतुलन इसकी बड़ी वजह हो सकता है। जानिए इसे कैसे मैनेज किया जा सकता है।

Migraine Ayurvedic Remedies: माइग्रेन का दर्द जब शुरू होता है, तो कई लोगों का पूरा दिन खराब हो जाता है। ऐसे में ज्यादातर लोग तुरंत दर्द की गोली खा लेते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बार-बार माइग्रेन क्यों होता है? आयुर्वेदाचार्य और हेल्थ इंफ्लुएंसर डॉ. वरलक्ष्मी यानमंद्रा के मुताबिक, आयुर्वेद में माइग्रेन को सूर्यावर्त कहा गया है। उनका कहना है कि जब शरीर में वात और पित्त दोष का संतुलन बिगड़ जाता है, तो माइग्रेन की समस्या हो सकती है। हालांकि, इसका सही कारण को समझकर और कुछ आसान आयुर्वेदिक उपाय अपनाकर राहत पाने की कोशिश की जा सकती है। ऐसे में आप ये तीन नुस्खे आजमा सकते हैं..

Migraine Ayurvedic Remedies

आयुर्वेद के इन नुस्खों से पाएं माइग्रेन से राहत

पहले जानिए माइग्रेन किन वजहों से बढ़ सकता है

डॉ. वरलक्ष्मी के अनुसार, हर व्यक्ति में माइग्रेन का कारण अलग हो सकता है। कई बार कम नींद लेना, तेज धूप में ज्यादा रहना, दही खाना, कॉफी की ज्यादा आदत या जरूरत से ज्यादा तनाव माइग्रेन को बढ़ा सकता है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि आपको किस वजह से दर्द शुरू होता है। अगर ट्रिगर की पहचान हो जाए, तो उससे बचना आसान हो जाता है।

End of Feed