Is Cow Milk Really Better Than Buffalo Milk: सोचकर देखिए कि आप आप सुबह की चाय पी रहे हैं और अचानक खबर आती है कि गाय का दूध बच्चों को ज्यादा बुद्धिमान बनाता है। तब आप भी शायद एक पल के लिए सोच में पड़ जाएंगे कि क्या सच में ऐसा है? हाल ही में राजस्थान के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने एक कार्यक्रम में कहा कि गाय का दूध पीने से बुद्धि तेज होती है, जबकि भैंस का दूध सुस्ती ला सकता है। बस फिर क्या, यह बयान सोशल मीडिया से लेकर टीवी डिबेट तक चर्चा का विषय बन गया। साथ ही, इसने लोगों के मन में भी यह दुविधा पैदा कर दी है, कि आखिर कौन सा दूध सही है।
लेकिन सवाल यह है कि क्या वाकई ऐसा कुछ वैज्ञानिक शोध से साबित है? क्या दूध के प्रकार से IQ (बुद्धिमत्ता) में कोई फर्क आता है, हम रोज दूध पिया करते हैं तो क्या यह सच में दिमाग को तेज बनाता है, या यह सिर्फ एक पुरानी मान्यता है? आपके इन्ही सवालों के जवाब जानने के लिए हमने बात की मैक्स अस्पताल की क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट प्रियंका अग्रवाल और अमृता अस्पताल, फरीदाबाद की क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट चारू दुआ से। चलिए एक्सपर्ट्स से ही जानते हैं साइंस क्या कहती है..
क्या सच में दूध और IQ का सीधा संबंध है?
सबसे पहले तो यहां एक बात साफ करना जरूर है - IQ यानी बुद्धिमत्ता सिर्फ एक गिलास दूध से तय नहीं होती। यह कई चीजों पर निर्भर करती है। घर का माहौल, पढ़ाई, नींद, जेनेटिक्स और पूरी डाइट - ये सब मिलकर दिमाग को प्रभावित करते हैं।
कुछ रिसर्च में यह जरूर देखा गया है कि संतुलित पोषण बच्चों के कॉग्निटिव डेवलपमेंट में मदद करता है। 2016 में न्यूट्रिंएट्स जर्नल (Nutrients Journal) में छपी एक मेटा-एनालिसिस स्टडी में पाया गया कि दूध और डेयरी का सेवन कुछ मामलों में दिमागी स्वास्थ्य से जुड़ा हो सकता है, लेकिन इसने यह साबित नहीं किया कि किसी खास प्रकार का दूध IQ बढ़ाता है। यानी अभी तक ऐसा कोई पक्का वैज्ञानिक सबूत नहीं है जो कहे कि गाय का दूध भैंस के दूध से ज्यादा बुद्धिमत्ता देता है।
क्या वाकई गाय और भैंस का दूध अलग होता है?
गाय के दूध की न्यूट्रिशन प्रोफाइल
गाय का दूध हल्का माना जाता है। इसमें फैट कम होता है और यह पचने में अपेक्षाकृत आसान होता है। इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन B12 और आयोडीन जैसे पोषक तत्व होते हैं, जो शरीर और दिमाग दोनों के लिए जरूरी हैं।
डाइट एक्सपर्ट प्रियंका अग्रवाल बताती हैं कि जिन बच्चों को हल्का और आसानी से पचने वाला दूध चाहिए, उनके लिए गाय का दूध अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन वह साफ कहती हैं कि इसे 'IQ बूस्टर' कहना वैज्ञानिक रूप से सही नहीं है।
भैंस के दूध की न्यूट्रिशन प्रोफाइल
अब बात करें भैंस के दूध की, तो यह थोड़ा गाढ़ा और ज्यादा क्रीमी होता है क्योंकि इसमें फैट की मात्रा अधिक होती है। इसमें भी प्रोटीन और कैल्शियम भरपूर मात्रा में होते हैं।
न्यूट्रिशनिस्ट चारू दुआ बताती हैं कि जिन बच्चों या लोगों को ज्यादा ऊर्जा की जरूरत है, उनके लिए भैंस का दूध उपयोगी हो सकता है। लेकिन जहां तक दिमाग की बात है, इसमें ऐसा कोई जादुई तत्व नहीं है जो सीधे IQ को बढ़ा दे। असल फर्क सिर्फ फैट और कैलोरी में है, IQ में नहीं।
दिमाग के लिए वास्तव में क्या जरूर है
दिमाग के लिए जरूरी न्यूट्रिएंट्स
अगर सच में दिमाग को मजबूत बनाना है तो सिर्फ दूध पर निर्भर रहना सही नहीं है। दिमाग के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड, आयरन, जिंक, विटामिन B12 और आयोडीन जैसे पोषक तत्व जरूरी हैं।
दूध इनमें से कुछ देता है, लेकिन पूरी जरूरत पूरी करने के लिए संतुलित आहार जरूरी है - जैसे दालें, हरी सब्जियां, फल, नट्स और प्रोटीन के दूसरे सोर्स।
कुछ रिसर्च यह भी बताती हैं कि शुरुआती जीवन में सही पोषण मिलने से कॉग्निटिव डेवलपमेंट बेहतर हो सकता है। लेकिन यह किसी खास पशु के दूध से नहीं, बल्कि कुल पोषण की मात्रा से जुड़ा होता है।
रिसर्च क्या कहती है?
वैज्ञानिक अध्ययनों की बात करें तो 2016 में न्यूट्रिएंट्स जर्नल में प्रकाशित अध्ययन ने डेयरी फूड्स के सेवन और कॉग्निटिव हेल्थ के बीच कुछ संबंध दिखाए, लेकिन यह निष्कर्ष नहीं निकाला कि गाय का दूध भैंस के दूध से बेहतर है।
इसी तरह, कुछ शोधों में स्तनपान और बेहतर IQ के बीच संबंध पाया गया है, लेकिन वह मानव दूध के संदर्भ में है, न कि गाय या भैंस के दूध के।
मतलब साफ है कि अभी तक कोई ऐसी वैज्ञानिक स्टडी नहीं है जो यह कहे कि गाय का दूध भैंस के दूध से ज्यादा IQ बढ़ाता है।
एक्सपर्ट्स की साफ राय
प्रियांका अग्रवाल और चारू दुआ दोनों का कहना है कि दूध स्वास्थ्य के लिए अच्छा है, लेकिन इसे चमत्कारी बताना ठीक नहीं। गाय और भैंस दोनों दूध पोषण देते हैं। फर्क सिर्फ उनकी संरचना में है, दिमागी क्षमता में नहीं।
अगर आप सच में बच्चे के IQ को लेकर चिंतित हैं, तो उसे बैलेंस डाइट, सही नींद, खेलकूद और अच्छा सीखने का माहौल दीजिए। यही असली ब्रेन बूस्टर है।
Expert Views By: न्यूट्रिशनिस्ट प्रियंका अग्रवाल, नोएडा के मैक्स अस्पताल की डाइट एक्सपर्ट और क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट हैं। उनके पास इस क्षेत्र में लगभग 15 साल का अनुभव है। वहीं, डॉ. चारू दुआ, अमृता अस्पताल फरीदाबाद में डाइट एक्सपर्ट और क्लीनिकल न्यूट्रिशनिष्ट हैं। उनको इस फील्ड में लगभग 26 साल का अनुभव है।
