हाल ही में इंफ्लुएंसर Raja Vlogs की बेटी की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चर्चा तेज हुई। राजा ने सोशल मीडिया पर शेयर किया कि, उनकी बेटी को हाइड्रोसेफेलस (Hydrocephalus) नामक बीमारी है। इंफ्लुएंजर द्वारा शेयर की गई फोटोज और वीडियोज में बच्ची का सिर साधारण से काफी बड़ा नजर आ रहा है। इन तस्वीरों के वायरल होने के बाद कई लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर यह बीमारी क्या होती है और इसका इलाज कैसे मुम्किन है।
डॉ. गौरव बत्रा, न्यूरोसर्जन (ब्रेन एंड स्पाइन), मैक्स हॉस्पिटल, वैशाली के अनुसार, आम बोलचाल की भाषा में हाइड्रोसेफेलस को 'दिमाग में पानी भरना' भी कहा जाता है। हालांकि यह सामान्य पानी नहीं होता, बल्कि मस्तिष्क के आसपास मौजूद एक खास तरल पदार्थ होता है। जब यह तरल जरूरत से ज्यादा जमा होने लगता है, तो दिमाग पर दबाव बढ़ सकता है। अगर समय पर पहचान और इलाज न मिले, तो यह स्थिति कई तरह की शारीरिक और मानसिक समस्याओं का कारण बन सकती है।
Hydrocephalus Meaning, हाइड्रोसेफेलस क्या है?
हमारे दिमाग और रीढ़ की हड्डी के आसपास एक तरल पदार्थ मौजूद होता है, जिसे सेरेब्रोस्पाइनल फ्लूइड (CSF) कहा जाता है। इसका काम मस्तिष्क को प्रोटेक्ट करना और जरूरी पोषण पहुंचाना होता है। सामान्य स्थिति में यह तरल बनता है और शरीर द्वारा जरूर अनुसार अब्जॉर्ब होता रहता है। लेकिन जब किसी कारण से इसका बहाव रुक जाता है या यह जरूरत से ज्यादा जमा होने लगता है। तो इस स्थिति को हाइड्रोसेफेलस कहा जाता है, जिसमें दिमाग के अंदर दबाव बढ़ने लगता है।
Hydrocephalus Meaning
हाइड्रोसेफेलस का कारण क्या है
हाइड्रोसेफेलस के पीछे कई कारण हो सकते हैं। कुछ बच्चों में यह जन्म से मौजूद होती है, जबकि कुछ लोगों में बाद में विकसित होती है। हाइड्रोसेफेलस केवल नवजात बच्चों में ही नहीं बल्कि किसी भी उम्र में हो सकता है। सड़क दुर्घटना में सिर पर चोट लगने, ब्रेन ट्यूमर होने या किसी गंभीर संक्रमण के बाद भी यह समस्या विकसित हो सकती है।
- गर्भ में मस्तिष्क के विकास में समस्या
- कुछ आनुवंशिक विकार
- गर्भावस्था के दौरान संक्रमण
बाद में होने वाले कारण
- सिर में गंभीर चोट
- ब्रेन ट्यूमर
- दिमाग में संक्रमण
- खून का थक्का
- स्ट्रोक
बुजुर्गों में भी एक प्रकार का हाइड्रोसेफेलस देखा जाता है, जिसमें चलने में परेशानी, भूलने की आदत और पेशाब पर नियंत्रण कम होने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
Hydrocephalus Causes And Treatment
किन लोगों को ज्यादा खतरा होता है?
- नवजात शिशु
- समय से पहले जन्मे बच्चे
- सिर में चोट झेल चुके लोग
- ब्रेन ट्यूमर के मरीज
- मस्तिष्क संक्रमण से पीड़ित लोग
हाइड्रोसेफेलस के लक्षण क्या हैं
हाइड्रोसेफेलस किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकती है, इसलिए इसके लक्षणों को हल्के में नहीं लेना चाहिए। डॉक्टर के अनुसार छोटे बच्चों में सिर का आकार तेजी से बढ़ना, बार बार उल्टी होना, चिड़चिड़ापन, दूध पीने में परेशानी और बहुत नींद आना लक्षण हो सकते हैं।
वहीं बड़ों में लगातार सिरदर्द, धुंधला दिखाई देना, चलने में दिक्कत, याददाश्त कमजोर होना, बार-बार मतली या उल्टी जैसा महसुस होना हाइड्रोसेफेलस के कुछ मुख्य कारण हो सकते हैं। डॉ. गौरव बत्रा के अनुसार, हाइड्रोसेफेलस में सबसे महत्वपूर्ण बात समय पर पहचान है। यदि मरीज में लगातार सिरदर्द, चलने की समस्या या बच्चों में सिर के आकार में असामान्य वृद्धि दिखाई दे, तो तुरंत विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। शुरुआती इलाज से बेहतर परिणाम मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
Hydrocephalus Surgery
क्या हाइड्रोसेफेलस से बचाव संभव है?
मेडिकल की दुनिया में हाइड्रोसेफेलस जैसी बीमारी से बचाव के लिए कुछ सावधानियां बरतना जोखिम को कम कर सकता है। हालांकि हर मामले में इसे रोका नहीं जा सकता है। हाइड्रोसेफेलस का रिस्क कम करने के लिए गर्भावस्था के दौरान नियमित स्वास्थ्य जांच करवाना आवश्यक है। साथ ही साथ मां को किसी भी प्रकार के संक्रमण से भी खुद को बचाकर रखना अनिवार्य है। सिर पर चोट या किसी भी प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्या को नजरअंदाज न करना भी जरूरी है।
हाइड्रोसेफेलस का इलाज क्या है
कुछ समय पहले एक्ट्रेस जैकलीन फर्नांडिस का हाइड्रोसेफेलस से जूझ रहे बच्चे के साथ वाला वीडियो वायरल हुआ था। इस वीडियो के बाद कई लोग बीमारी के प्रति जागरुक बने। हाइड्रोसेफेलस एक गंभीर बीमारी है, लेकिन इसका इलाज मुम्किन है। डॉक्टर मरीज की उम्र और बीमारी की स्थिति के अनुसार ट्रिटमेंट तय करते हैं।
शंट सर्जरी
यह सबसे आम उपचार है। इसमें एक पतली ट्यूब लगाई जाती है, जो अतिरिक्त तरल को शरीर के दूसरे हिस्से तक पहुंचाने का काम करती है।
एंडोस्कोपिक सर्जरी
कुछ मरीजों में एंडोस्कोपिक तकनीक की मदद से तरल के बहाव के लिए नया रास्ता बनाया जाता है। यह प्रक्रिया कुछ मामलों में काफी प्रभावी मानी जाती है।
सही जानकारी, समय पर पहचान और विशेषज्ञ इलाज के जरिए इस स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। यदि बच्चे के सिर का आकार असामान्य रूप से बढ़ रहा हो या किसी व्यक्ति को लगातार सिरदर्द और संतुलन की समस्या हो रही हो, तो डॉक्टर से सलाह लेने में देर नहीं करनी चाहिए।
