Avoid Antibiotics: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association) ने शुक्रवार को एक एडवाइजरी जारी कर लोगों से एज़िथ्रोमाइसिन और एमोक्सिक्लेव जैसे एंटीबायोटिक्स (Antibiotics) लेने से बचने का आग्रह किया। आईएमए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ शरद कुमार अग्रवाल और अन्य सदस्यों की ओर से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि आवश्यकता न होने पर एंटीबायोटिक्स लेने से बचें। साथ ही आईएमए ने डॉक्टरों को भी सलाह देते हुए कहा कि वह मौसमी बुखार या कफ के दौरान मरीजों को एंटीबायोटिक्स की दवाई प्रिस्क्राइब करने से बचें।
Avoid Antibiotics
एडवाइजरी में आईएमए ने कहा कि कुछ मामलों में खांसी, मतली, उल्टी, गले में खराश, बुखार, शरीर में दर्द और दस्त के लक्षण वाले मरीजों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है। संक्रमण आमतौर पर लगभग 5 से 7 दिनों तक रहता है। तीन दिन के अंत में बुखार उतर जाता है, लेकिन खांसी तीन हफ्ते तक बनी रह सकती है। एनसीडीसी से मिली जानकारी के मुताबिक ज्यादातर मामले एच3एन2 वायरस के हैं।
Indian Medical Association (IMA) in a notice posted on social media advised people & medical practitioners to avoid… t.co/soYHWC06G3
— ANI (@ANI) Mar 3, 2023
आईएमए का कहना है कि इन्फ्लुएंजा और अन्य वायरस के कारण अक्टूबर से फरवरी के दौरान मौसमी सर्दी या खांसी होना आम बात है। कई दूसरी एंटीबायोटिक दवाओं का भी दुरुपयोग किया जा रहा है, जैसे डायरिया के 70 फीसदी मामले वायरल डायरिया हैं, जिसके लिए एंटीबायोटिक दवाओं की आवश्यकता नहीं है, लेकिन डॉक्टरों द्वारा निर्धारित किया जा रहा है। इसमें यह भी कहा गया है कि कैसे कोविड के दौरान एज़िथ्रोमाइसिन और आइवरमेक्टिन के बेतरतीब इस्तेमाल से लोगों में प्रतिरोध पैदा हो गया है।
