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बारिश में गंदा पानी बन सकता है फंगल इंफेक्शन की वजह, बचाव के लिए अपनाएं ये उपाय

Fungal Infection In Rainy Season In Hindi: बरतास के मौसम में बारिश में भीगना और सुहाने मौसम का मजा लेना तो सभी को बहुत पसंद होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं, बारिश के बाद जो गंदा पानी जमा हो जाता है उसकी वजह से की तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं। आपको बता दें कि बारिश में गंदा पानी फंगल इंफेक्शन की वजह बन सकता है। जानिए आप बरसात के मौसम में अपनी स्किन को सुरक्षित रख सकते हैं।

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Fungal Infection In Rainy Season In Hindi

Fungal Infection In Rainy Season In Hindi: बारिश का मौसम सबको अच्छा लगता है ठंडी हवाएं, भीगती जमीन और चाय के साथ पकौड़े। लेकिन इसी खूबसूरत मौसम में एक छोटी सी लापरवाही आपकी सेहत के लिए बड़ी परेशानी बन सकती है। सड़कों पर भरा हुआ गंदा पानी, नम कपड़े, गीले जूते और नमी ये सब मिलकर आपके शरीर को फंगल इंफेक्शन का आसान शिकार बना देते हैं। खुजली, जलन, लाल चकत्ते और बदबू जैसी समस्याएं फंगल इन्फेक्शन की पहली निशानियां होती हैं। इसलिए अगर आप भी चाहते हैं कि यह मॉनसून सिर्फ मस्ती और राहत का मौसम रहे, तो इन आसान और असरदार उपायों को अपनाकर खुद को सुरक्षित रखिए।

बारिश में गंदे पानी से कैसे फैलता है इंफेक्शन

जब आप बिना सोचे-समझे बारिश के पानी में चलते हैं, या घंटों गीले कपड़ों में रहते हैं, तो आपकी त्वचा पर फंगस का अटैक हो सकता है। ये फंगस नमी और गंदगी में जल्दी पनपते हैं और शरीर की उन जगहों को ज्यादा प्रभावित करते हैं, जहां हवा कम पहुंचती है जैसे पैर की उंगलियों के बीच, जांघों के पास या बगल में।

लगातार गीले रहने से बढ़ता है खतरा

बारिश में भीगना तो मजा देता है, लेकिन अगर आपने भीगे कपड़े देर तक नहीं बदले, तो स्किन पर फंगस पनपना शुरू हो जाता है। खासकर अगर शरीर पूरी तरह सूखने से पहले ही दोबारा भीग जाए, तो संक्रमण जल्दी फैलता है। इसलिए भीगने के बाद तुरंत कपड़े बदलें और खुद को अच्छी तरह सुखाएं।

नीम और हल्दी हैं फंगल इंफेक्शन के दुश्मन

नीम और हल्दी दोनों में नैचुरल एंटीसेप्टिक और एंटीफंगल गुण होते हैं। नीम की पत्तियों को उबालकर उस पानी से नहाना या हल्दी को नारियल तेल में मिलाकर प्रभावित जगह पर लगाना बेहद असरदार साबित होता है। ये उपाय घरेलू भी हैं और बिना साइड इफेक्ट के काम करते हैं।

पैरों और जूतों की सफाई है ज़रूरी

बारिश के मौसम में पैरों की सफाई को हल्के में बिल्कुल न लें। गंदे पानी में भीगने के बाद जूतों को धूप में सुखाएं और मोजे रोज़ बदलें। अगर पैरों में पहले से ही पसीना आता है, तो खुली हवा वाले जूते पहनना ज़्यादा अच्छा रहेगा।

टाइट कपड़ों से करें परहेज

मॉनसून में टाइट कपड़े पहनना स्किन को हवा नहीं लगने देता और नमी अंदर बंद रह जाती है। इससे फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है। कोशिश करें कि ढीले और सूती कपड़े पहनें जो पसीना जल्दी सोख लें और त्वचा को सूखा रखें।

लक्षण दिखें तो डॉक्टर से लें सलाह

अगर आपको लगातार खुजली, लाल दाग या जलन महसूस हो रही है और घरेलू उपाय से भी आराम नहीं मिल रहा, तो देरी न करें। स्किन स्पेशलिस्ट से संपर्क करें ताकि सही क्रीम या दवा से संक्रमण को फैलने से रोका जा सके।

निष्कर्ष

मॉनसून का मजा तभी है जब आप हेल्दी रहें। बारिश का गंदा पानी कई तरह की बीमारियों की वजह बन सकता है, लेकिन थोड़ी सी समझदारी और कुछ देसी उपायों से आप इस खतरे से खुद को दूर रख सकते हैं। नीम, हल्दी, साफ-सफाई और थोड़ी सावधानी आपके शरीर को इंफेक्शन-फ्री बनाए रखेगी।

डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

Vineet
विनीतauthor

विनीत टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में हेल्थ डेस्क के साथ बतौर चीफ कॉपी एडिटर जुड़े हैं। दिल्ली के रहने वाले विनीत को हेल्थ, फिटनेस और न्यूट्रिशन जैसे विषयों पर गहरी समझ है। इन्होंने हेल्थ, फिटनेस, न्यूट्रिशन और सप्लीमेंट के फील्ड में प्रोफेशनल सर्टिफिकेशन भी किए हैं। वे 6 साल से इस फील्ड से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर 7,000 से अधिक लेख लिख चुके हैं। विनीत की खासियत उनकी रिसर्च-बेस्ड लेखन शैली और जनहित को ध्यान में रखते हुए लिखी गई जानकारीपूर्ण स्टोरीज हैं।

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