Covid Variant 'BF.7': चीन में एक बार फिर से कोरोना विस्फोट हो गया है। चीन के हालात न सिर्फ उसे बल्कि पूरी दुनिया के लिए चिंता का कारण बन गए हैं। चीन में अब कोरोना के कारण हालात इस कदर भयानक हो गए हैं कि यहां मृतकों का अंतिम संस्कार तक नहीं हो पा रहा है। अंतिम संस्कार के लिए हजारों में वेटिंग चल रही है। वहीं कोरोना पीड़ितों को न ही अस्पतालों में बैड मिल पा रहे हैं और न ही दवाइयां। अमेरिका के इंस्टीट्यूट आफ हेल्थ मेट्रिक्स ने आशंका जताई है कि नया साल 2023 चीन के लिए नई मुसीबत लेकर आ रहा है और इस साल यहां करीब दस लाख लोगों की कोरोना से मौत होने की आशंका है। आशंका है कि कोरोना इस बार पहले से भी तेजी से फैल सकता है और यह 90 दिनों में ही 60 फीसदी चीनी जनता को अपनी चपेट में ले लेगा। चीन के हालात देखते हुए भारत सरकार भी अलर्ट मोड पर आ गई है। केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों से कोरोना को लेकर सचेत रहने की अपील की है।
Covid Variant BF.7: जानिए क्या है कोरोना का BF.7 वैरिएंट
आखिर क्या है कोरोना का BF.7 वैरिएंट
दरअसल, चीन में इस समय कोरोना का BF.7 वैरिएंट फैला है। इस वैरिएंट को अब तक सामने आए वैरिएंट में से सबसे ज्यादा तेजी से फैलने वाला माना जा रहा है। यही कारण है कि चीन में अचानक से कोरोना ब्लास्ट हो गया। आपको बता दें कि कोरोना के इससे पहले भी कई वैरिएंट मिले हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह वैरिएंट कोरोना वायरस के स्पाइक प्रोटीन में एक विशेष म्यूटेशन से बना है। ऐसे में इस वैरिएंट से पीड़ित शख्स में एंटीबॉडी का असर नहीं होता है। ऐसे में साफ है कि इसपर कोरोना वैक्सीन का ज्यादा असर नहीं होगा और जो लोग कोरोना से पहले पीड़ित हो चुके हैं, उन्हें भी यह वैरिएंट अपनी चपेट में ले सकता है।
क्यों है BF.7 वैरिएंट इतना खतरनाक
इस वैरिएंट के खतरनाक होने के दो कारण हैं। पहला यह बहुत तेजी से फैलता है। दूसरा इसपर एंटीबॉडी का कोई असर नहीं होता। एक्सपर्ट्स के अनुसार इस नए वैरिएंट से संक्रमित एक व्यक्ति 10 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि इसका आरओ वैल्यू 10 से 18 है। आरओ वैल्यू से यह निश्चित होता है कि वैरिएंट कितनी तेजी से फैल सकता है। इससे पहले डेल्टा वैरिएंट की यह वैल्यू 6 से 7 के बीच थी। यानी डेल्टा से संक्रमित एक पीड़ित अगर 6 से 7 लोगों को संक्रमित करता था तो BF.7 वैरिएंट से संक्रमित पीड़ित 10 से 18 लोगों को संक्रमित कर सकता है।
भारत में भी दे चुका है दस्तक
ऐसा नहीं है कि यह वैरिएंट सिर्फ चीन में ही फैला है। भारत में भी यह दस्तक दे चुका है।सितंबर माह में वडोदरा की एक एनआरआई महिला में इस वैरिएंट के लक्षण पाए गए थे। यह महिला अमेरिका से भारत आई थी। मामला सामने आने के बाद महिला के संपर्क में आए अन्य लोगों की भी जांच की गई। हालांकि उनमें कोरोना के कोई लक्षण नजर नहीं आए। इसी के साथ चीन के मंगोलिया प्रांत से निकलकर यह वैरिएंट अमेरिका, यूके, बेल्जियम, जर्मनी, फ्रांस और डेनमार्क भी पहुंच गया है।
ये हैं BF.7 वैरिएंट के लक्षण
विशेषज्ञों के अनुसार BF.7 वैरिएंट मानव शरीर के श्वसन तंत्र को सीधे प्रभावित करता है। कम इम्यूनिटी वाले लोग इसकी चपेट में अधिक आते हैं। बुखार, थकान होना, गले में खराश, लगातार खांसी आना, नाक बहना, सीने और पेट में दर्द होना, अत्यधिक ठंड लगना इस वैरिएंट से संक्रमित लोगों के लक्षण हैं।
(डिस्क्लेमर: प्रस्तुत लेख में सुझाए गए टिप्स और सलाह केवल आम जानकारी के लिए हैं और इसे पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जा सकता। किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी तरह का बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
