Chaitra Maas 2022: चैत्र मास में है गुड़ खाने की मनाही, इन चीजों को भी इस महीने नहीं खाना चाहिए और क्यों

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 22, 2022, 10:59 AM IST

Chaitra Maas 2022: हिंदू धर्म चैत्र का महीना बहुत ही पवित्र माना जाता है। इस महीने में मां दुर्गा की पूजा आराधना की जाती है। ऐसी मान्यता है कि इस महीने में गुड़ और मिश्री का सेवन करने से सेहत को नुकसान पहुंच सकता है।

Chaitra Maas 2022: चैत्र मास में है गुड़ खाने की मनाही, इन चीजों को भी इस महीने नहीं खाना चाहिए और क्यों

Chaitra Maas 2022: भारत में नव वर्ष की शुरुआत चैत्र मास से ही होती है। यह महीना हिंदुओं के लिए बेहद पवित्र होता है। इस महीने में लोग मां दुर्गा का व्रत नवरात्रि करके माता को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं। ऐसा माना जाता है कि इसी महीने से ग्रीष्म ऋतु की शुरुआत भी हो जाती है। हिंदू पंचांग के अनुसार नए महीने की शुरुआत पूर्णिमा के अगले दिन से ही होती है। इस साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा 17 मार्च को है और ठीक उसके अगले दिन यानी 18 मार्च से चैत्र मास प्रारंभ होकर 17 अप्रैल तक रहेगा। इसके अलावा चैत्र माह में कुछ चीजें ऐसी भी है, जिनका सेवन करना निषेध है। क्या आपको पता है वह कौन सी चीज हैं। अगर नहीं, तो आइए जानें यहां।

गुड़ और मिश्री का सेवन क्यों है निषेध?

हिंदू धर्म चैत्र माह में कई तरह के पर्व मनाए जाते हैं। कुछ व्रत में लोग नमक के बजाय मीठा का सेवन करते हैं। अधिक मीठा खाने से आपकी सेहत को नुकसान पहुंच सकता है। अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए आपको मीठी चीज के अलावा  इन चीजों का भी सेवन नहीं करना चाहिए।

खट्टे फलों का सेवन करने से बचें

ऐसी मान्यता है कि चैत्र माह में मीठी चीज के अलावा खट्टे फलों का भी सेवन नहीं करना चाहिए। यह दोरस का महीना होता है। यानी इस मौसम में हल्की ठंड और हल्की गर्मी होती हैं। इस वजह से ऐसे मौसम में हमें हमेशा संतुलित भोजन का सेवन करना चाहिए।

क्यों नहीं करना चाहिए इनका सेवन

चैत्र के महीने में नवरात्रि का पर्व होता है। इस पर्व में लोग मां दुर्गा की नौ दिनों तक पूरी श्रद्धा के साथ पूजा अर्चना करते हैं। चैत्र महीने में दिन गर्म और रात ठंडी होती हैं। ऐसे में हमारे शरीर का तापमान कम ज्यादा होते रहता है। इसलिए हमें इस मौसम में अपने खाने पीने पर विशेष ध्यान देना चाहिए।

इन चीजों का जरूर करें सेवन

हिंदू धर्म में चैत्र महीने में शीतला माता के साथ-साथ नीम की भी पूजा की जाती हैं। नीम की पत्तियों का इस्तेमाल प्रसाद के रूप में किया जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार नीम का सेवन करने से कई तरह की बीमारियां भी दूर होती हैं। नीम का सेवन कर आप वात, पित्त और कफ जैसी समस्या को दूर कर सकते हैं। धर्म के अनुसार शीतता माता को रोका नाशक माना जाता है, इसलिए इस महीने में इन चीजों का सेवन करना लाभकारी होता जाता हैं।
 

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