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नेतन्याहू को क्यों माफी दिलाना चाह रहे ट्रंप? राष्ट्रपति हार्गोस को लिखा पत्र; क्या कहता है इजरायली कानून

US Israel Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए क्षमादान की मांग की। ट्रंप ने पिछले महीने इजराइली संसद में अपने भाषण के दौरान भी नेतन्याहू के लिए क्षमादान का आह्वान किया था, जब वह गाजा में युद्ध के लिए अपनी युद्धविराम योजना को बढ़ावा देने के लिए एक संक्षिप्त यात्रा पर आए थे।

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Photo : AP
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (फाइल फोटो साभार: AP)
Authored by: Anurag Gupta
Updated Nov 12, 2025, 22:35 IST
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US Israel Relations: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड (Donald Trump) ने इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग (Isaac Herzog) को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) के लिए क्षमादान की मांग की। ट्रंप पहले भी कई मौकों पर नेतन्याहू के खिलाफ मुकदमे को लेकर अपनी राय दे चुके हैं, लेकिन इस बार इजरायली राष्ट्रपति को पत्र लिखकर उन्होंने सीधे किसी दूसरे देश की घरेलू राजनीति में हस्तक्षेप की कोशिश की है। हालांकि, नेतन्याहू इजरायल के इतिहास में पद पर रहते हुए आपराधिक मुकदमे का सामना करने वाले पहले मौजूदा प्रधानमंत्री भी हैं तो चलिए विस्तार से समझते हैं कि ट्रंप ने नेतन्याहू के लिए माफी की मांग करने वाले पत्र में क्या लिखा है और इसको लेकर इजरायली कानून क्या कहता है, लेकिन सबसे पहले यह जान लेते हैं कि नेतन्याहू पर आरोप क्या है।

नेतन्याहू पर क्या हैं आरोप

पद पर रहते हुए इजरायली प्रधानमंत्री पर रिश्वतखोरी, धोखाधड़ी और विश्वासघात के आरोपों मई 2020 में मुकदमा शुरू हुआ और हमास के साथ युद्ध छिड़ने के बाद दिसंबर 2024 में नेतन्याहू की गवाही शुरू हुई, लेकिन मामले की सुनवाई में बार-बार टलती रही।

ट्रंप ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने इजरायली राष्ट्रपति इसाक हर्जोग को एक पत्र लिखकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए क्षमादान की मांग की। दरअसल, ट्रंप ने भ्रष्टाचार के मुकदमे का सामने कर रहे अपने खास मित्र नेतन्याहू को माफ करने के अनुरोध किया है। द टाइम्स ऑफ इजरायल के अनुसार, बुधवार को यह चिट्ठी राष्ट्रपति हर्जोग को मिली जिसमें ट्रंप ने लिखा है, "इस ऐतिहासिक समय में आपको पत्र लिखना मेरे लिए सम्मान की बात है, क्योंकि हमने मिलकर कम से कम 3,000 वर्षों से अपेक्षित शांति प्राप्त की है।"

नेतन्याहू के लिए मांगी माफी

ट्रंप ने पत्र में कहा, "मैं आपसे बेंजामिन नेतन्याहू को पूरी तरह से माफ करने का आग्रह करता हूं, जो युद्ध के समय एक दुर्जेय और निर्णय लेने में सक्षम प्रधानमंत्री के तौर पर दिखे तो अब इजरायल को शांति के युग की ओर ले जा रहे हैं। दुनिया को बदलने वाले अब्राहम अकॉर्ड में कई और देशों को जोड़ने के लिए मध्य पूर्व के प्रमुख नेताओं के साथ मैं भी निरंतर जुड़ा हुआ हूं।" ट्रंप ने कहा कि मैं इजरायली न्याय प्रणाली की स्वतंत्रता का पूर्ण सम्मान करता हूं, लेकिन नेतन्याहू के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित और अनुचित अभियोजन करार दिया।

ट्रंप ने अपने वादे की याद दिलाते हुए कहा, "इसाक, हमने एक बेहतरीन रिश्ता स्थापित किया है, जिसके लिए मैं बहुत आभारी हूं और जिसके लिए मैं सम्मानित महसूस करता हूं और जनवरी में शपथ लेते ही हम इस बात पर सहमत हुए थे कि अब ध्यान अंततः बंधकों को घर वापस लाने और शांति समझौते पर केंद्रित होना चाहिए। अब जब हमने ये अभूतपूर्व सफलताएं हासिल कर ली हैं और हमास को नियंत्रण में रख रहे हैं, तो अब समय आ गया है कि बीबी को माफ करके और उस कानूनी लड़ाई को हमेशा के लिए समाप्त करके इजरायल को एकजुट करने पर ध्यान केंद्रित किया जाए।"

US Israel

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इजरायल के प्रति ट्रंप का अटूट समर्थन

राष्ट्रपति निवास ने इजरायल के प्रति ट्रंप के अटूट समर्थन की सराहना की। राष्ट्रपति निवास के अनुसार, राष्ट्रपति ट्रंप के प्रति पूरा सम्मान रखते हैं और इजरायल के प्रति ट्रंप के अटूट समर्थन, बंधकों की वापसी, मध्य पूर्व और गाजा के पुनर्निर्माण और इजरायल की सुरक्षा में उनके अभूतपूर्व योगदान की सराहना करते हैं। इसमें आगे कहा गया, "जैसा कि राष्ट्रपति ने कई मौकों पर स्पष्ट किया है, उपरोक्त बातों से विचलित हुए बिना, क्षमादान चाहने वाले किसी भी व्यक्ति को स्थापित प्रक्रियाओं के तहत ही औपचारिक अनुरोध प्रस्तुत करना होगा।"

क्या कहता है इजरायली कानून

इजरायल में राष्ट्रपति को अदालत में दोषी ठहराए गए लोगों को क्षमादान देने का अधिकार है। बहुत ही दुर्लभ मामलों में अगर कानूनी कार्यवाही पूरी होने से पहले भी इसे जनहित में समझा जाता है तो वे माफ कर सकते हैं यानी दोषसिद्धि से पहले भी माफी दी जा सकती है। हालांकि, परंपरा तो यह रही है कि राष्ट्रपति आमतौर पर कानूनी कार्यवाही पूरी होने के बाद ही माफी का फैसला करते हैं, लेकिन कानून में ऐसा कोई प्रतिबंध नहीं है।

क्षमादान की क्या है प्रक्रिया

क्षमादान के लिए क्षमा मांगने वाले व्यक्ति या उसके किसी निकटतम परिवार के सदस्य को राष्ट्रपति से आग्रह करना होता है। हालांकि, नेतन्याहू और उनके रिश्तेदारों ने अभी तक ऐसा नहीं किया है, लेकिन स्थानीय मीडिया चैनल 13 ने पिछले महीने प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों के हवाले से बताया था कि नेतन्याहू की पत्नी सारा की ओर से अनुरोध प्रस्तुत करने पर चर्चा चल रही है।

इजरायल का भरोसेमंद साथी रहा अमेरिका

अमेरिका और इजरायल के संबंध काफी पुराने और खास रहे हैं। एकाद बार टकराव की बातों को नजरअंदाज कर दिया जाए तो दोनों ने एक दूसरे का कदम-कदम पर साथ दिया है या यूं कहें कि अमेरिका ने हमेशा से इजरायल के लिए बड़े भाई की भूमिका निभाई है। बराक ओबामा सरकार के समय नेतन्याहू के साथ संबंध थोड़े तनावपूर्ण दिखे थे और टकराव की स्थिति ईरान से न्यूक्लियर डील को लेकर पैदा हुई थी। हालांकि, अपने कार्यकाल के आखिरी दिनों में ओबामा ने इजरायल के लिए 38 अरब डॉलर के पैकेज की मंजूरी दी थी। एक बार ऐसी स्थिति बाइडन के साथ भी दिखाई दी थी, वो भी इजरायल की न्यायिक प्रणाली को लेकर, लेकिन 7 अक्टूबर 2023 को इजरायल पर हमास के हमले के बाद अमेरिका और इजरायल के संबंधों ने नई ऊंचाईयां छुईं। भले की किसी विषय को लेकर इजरायल के साथ अमेरिका थोड़ा चिंतित दिखाई दे, लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से अगर किसी ने इजरायल पर आंख ततेरी तो अमेरिका फिर मजबूती से यहूदियों का साथ देता है।

बाइडन प्रशासन और फिर मौजूद ट्रंप प्रशासन ने नेतन्याहू की कंधे से कंधा मिलाकर मदद की। अमेरिका ने अपनी आधिकारिक नीति में स्पष्ट कहा है कि इजरायल का अस्तित्व अमेरिका के राष्ट्रीय हितों से जुड़ा हुआ है। अगर कोई देश इजरायल पर खतरा पैदा करेगा तो अमेरिका सैन्य, आर्थिक और कूटनीतिक मदद मुहैया कराएगा। यह नीति अमेरिकी सरकारों (चाहे डेमोक्रेट्स हों या फिर रिपब्लिकन) के लिए एक नॉन-नेगोशिएबल नीति बन चुकी है।

नेतन्याहू की अगुवाई में इजरायल ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को रोकने, आतंकवाद के खिलाफ लंबे समय तक युद्ध लड़ने, और अब्राहम अकॉर्ड जैसे ऐतिहासिक शांति समझौतों के जरिए नई कूटनीतिक रास्ते बनाएं, जो अमेरिका के व्यापक क्षेत्रीय हितों से सीधे संबंधित हैं। हालांकि, 2023 के बाद से इजरायल लगातार पड़ोसियों के निशाने पर रहा और उसका मुंहतोड़ जवाब भी दिया।

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