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कौन है कपिल शर्मा के कैफे पर फायरिंग में शामिल बंधु मान सिंह? जानिए कैसे चढ़ा दिल्ली पुलिस के हत्थे

पुलिस और जांच एजेंसियों को इस पर नजर थी और खुफिया जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 नवंबर की आधी रात इसे पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया। बंधु मान की गिरफ्तारी को विदेश में फैले गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। इससे गैंगस्टर नेटवर्क के बारे में अहम सुराग मिलेंगे।

Bandhu Maan Singh Sekhon

लुधियाना से गिरफ्तार हुआ बंधु मान सिंह। तस्वीटर-टाइम्स नाउ नवभारत

Who is Bandhu Maan Singh Sekhon : दिल्ली पुलिस ने मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित रेस्तरां पर बीते सात अगस्त को हुई गोलीबारी में कथित रूप से शामिल संदिग्ध गैंगस्टर को गिरफ्तार किया है। इस गैंगस्टर का नाम बंधु मान सिंह है। बंधु मान सिंह पर घटना में शामिल शूटरों को गोलीबारी के लिए साजो-सामान मुहैया कराने का आरोप है। गोलीबारी की घटना के बाद बंधु मान कनाडा से भागकर दिल्ली आ गया था। पुलिस और जांच एजेंसियों को इस पर नजर थी और खुफिया जानकारी मिलने पर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 25 नवंबर की आधी रात इसे पंजाब के लुधियाना से गिरफ्तार किया। बंधु मान की गिरफ्तारी को विदेश में फैले गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है। खासतौर से इस गिरफ्तारी के बाद ब्रिटिश कोलंबिया के सरे स्थित कपिल शर्मा के 'कैप्स कैफे' पर लगातार हुई गोलीबारी के तह तक पहुंचने में जांच एजेंसियों को अहम सुराग मिलेंगे।

गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों का करीबी सहयोगी

प्रारंभिक जांच से पता चला कि सिंह ने गोलीबारी के बाद एक कार उपलब्ध कराकर तथा उसके लिए सुरक्षित पार्किंग स्थल की व्यवस्था करके हमलावरों की मदद की थी। अधिकारी ने बताया कि आरोपी बंधु मान सिंह कनाडा स्थित गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों का करीबी सहयोगी है और माना जाता है कि ढिल्लों विदेशों में व्यापारियों और हाई-प्रोफाइल व्यक्तियों को निशाना बनाकर वसूली करने वाले कई गिरोहों में शामिल है। जांचकर्ताओं के अनुसार सिंह, ढिल्लों से जुड़े कई लोगों के साथ मिलकर लोकप्रिय कलाकार को डराने-धमकाने के लिए उसके रेस्तरां को निशाना बनाने की व्यापक साजिश का हिस्सा था। अधिकारी ने बताया, 'जांच के दौरान हमें पता चला कि सिंह के खिलाफ कनाडा में मामला दर्ज होने के बाद वह वहां से भाग गया था। हम उसके यात्रा मार्ग की पड़ताल कर रहे हैं।'

कारतूस सहित एक चीनी पिस्तौल बरामद

उन्होंने बताया कि पुलिस को सिंह के लुधियाना में छिपे होने की सूचना मिली थी। अधिकारी ने कहा, ‘उसके पास से कारतूस सहित एक चीनी पिस्तौल बरामद की गई है। साजिश में उसकी भूमिका और विदेशी गुर्गों के साथ उसके संबंधों की जांच की जा रही है।’अधिकारियों ने बताया कि अन्य षड्यंत्रकारियों की पहचान करने तथा भारत और विदेशों में गिरोह की गतिविधियों का पता लगाने के लिए भी जांच जारी है।

पंजाब में दिल्ली पुलिस ने निगरानी बढ़ाई

कनाडा की जांच एजेंसियां कपिल के कैफे पर फायरिंग की घटना कर ही रही थीं कि बंधु अगस्त में वहां से फरार होकर भारत आ गया। जांच के दौरान कनाडा की एजेंसियों को एक वाहन का बारे में पता चला। पता चला कि इस वाहन का इस्तेमाल गोलीबारी की घटना में हुआ था। इसके कुछ समय बाद दिल्ली पुलिस ने एक हथियार तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इनसे पूछताछ में पता चला कि तस्करों ने लुधियाना में बंधु मान को हथियार बेचे हैं। इस जानकारी के बाद क्राइम ब्रांच को यह पुख्ता यकीन हो गया कि बंधु मान पंजाब के ही किसी इलाके से ऑपरेट कर रहा है।

25 नवंबर की देर रात पुलिस ने लुधियाना में छापा मारा

इसके बाद से गैंगस्टर के लोकेशन के बारे में पता करने के लिए पुलिस और खुफिया एजेंसियां जुट गईं। पंजाब में निगरानी बढ़ा दी गई। बंधु मान की गतिविधियों पर कई दिनों तक नजर रखने के बाद 25 नवंबर की देर रात पुलिस ने लुधियाना के एक ठिकाने पर छापा मारा। यहां से बंधु मान गिरफ्तार हुआ। उसके पास से चीन निर्मित PX-3 सेमी-ऑटोमेटिक पिस्टल और उसके वाहन से आठ कारतूस बरामद हुए। क्राइम ब्रांच के अधिकारियों का कहना है कि बंधु मान हथियार तस्करी में बहुत ही गहराई से जुड़ा हुआ है।

कनाडा जाने के बाद अपराध की दुनिया में उतरा

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि सेखों का संगठित अपराध से संबंध कई साल पहले कनाडा जाने के बाद शुरू हुआ। संयुक्त पुलिस आयुक्त (क्राइम ब्रांच) सुरेन्द्र कुमार के अनुसार, सेखों शुरू में वर्क वीजा पर विदेश गया था और विभिन्न जगहों पर काम करने के बाद कट्टरपंथी तत्वों के संपर्क में आया। कुमार ने बताया, 'वह कुछ मामलों में जेल भी गया और वहीं उसकी मुलाकात चरमपंथी तत्वों से हुई। इसके बाद उसने उनके साथ काम करना शुरू कर दिया।' कनाडा में रहने के दौरान उसका आपराधिक दायरा बढ़ता गया, और उसके खिलाफ हथियारों से जुड़े मामलों और रंगदारी गतिविधियों के कई केस दर्ज हुए।

फायरिंग और रंगदारी मामलों में शामिल रहा

डीसीपी (क्राइम ब्रांच) संजीव कुमार यादव ने पुष्टि की कि जांचकर्ताओं को एक हथियार तस्करी मामले में उसका नाम पहले भी मिला था। उन्होंने कहा, 'उसे पकड़ने के बाद हमें पता चला कि वह कनाडा-आधारित गैंगस्टर है, जो वहां कई फायरिंग और रंगदारी मामलों में शामिल रहा है और कनाडा में भी गिरफ्तार हो चुका है।' आधिकारिक मामलों से इतर, सोशल मीडिया पर वायरल एक ऑनलाइन वीडियो में सेखों को कनाडा जैसे दिखने वाले बर्फीले इलाके में एक शॉटगन से गोलियां चलाते हुए देखा गया है। क्लिप में वह बाइकर्स जैकेट और चश्मा पहने हुए हथियार चलाते हुए खुद को रिकॉर्ड कर रहा है।

गोल्डी ढिल्लों गैंग के ऑपरेशन में बना अहम कड़ी

जांचकर्ताओं के अनुसार, सेखों धीरे-धीरे गोल्डी ढिल्लों गैंग के भीतर एक भरोसेमंद व्यक्ति बन गया और उसे सीमा पार समन्वय जैसे महत्वपूर्ण काम सौंपे गए। उस पर वाहनों की व्यवस्था करने, हथियारों की सप्लाई कराने और विदेश-स्थित ऑपरेटिव्स के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभाने का आरोप है। यह भी संदेह है कि कनाडा से लौटने के बाद उसने भारत में गैंग के नेटवर्क के कुछ हिस्सों को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की। पुलिस का मानना है कि उसने उन्नत हथियारों की व्यवस्था की, जिसमें दिल्ली में पहले जब्त की गई आयातित पिस्तौलें — जैसे PX-5.7 और PX-3 मॉडल शामिल हैं। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार गैंग के सदस्य मंदीप सिंह और दलविंदर कुमार ने बताया कि जब्त की गई पिस्तौलों में से एक सेखों को सप्लाई की गई थी। इन बयानों ने अवैध हथियार खरीद में उसकी भूमिका की पुष्टि की।

कैप्स कैफ़े पर हुई तीन फायरिंग कैसे हुईं

सरे (कनाडा) में स्थित कपिल शर्मा का 'कैप्स कैफे' लगातार निशाने पर रहा है। यहां 10 जुलाई, 7 अगस्त और 16 अक्टूबर को तीन बार फायरिंग हुई। हर घटना में अज्ञात हमलावरों ने या तो चलती गाड़ी से या सड़क किनारे से कैफे पर गोलियां चलाईं। हालांकि कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन सभी घटनाओं में संपत्ति को नुकसान पहुंचा और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। इन फायरिंगों की जिम्मेदारी विभिन्न आपराधिक नेटवर्क से जुड़े कई व्यक्तियों ने ली है। अक्टूबर की फायरिंग के बाद कुलवीर सिद्धू नामक व्यक्ति—जो कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई ग्रुप से जुड़ा बताया जाता है, ने एक वीडियो जारी कर जिम्मेदारी ली। इससे पहले, खालिस्तानी समर्थक हरजीत सिंह लड्डी ने जुलाई में हुई फायरिंग की जिम्मेदारी ली थी, यह कहते हुए कि वह शर्मा के टीवी शो पर की गई कथित टिप्पणियों से नाराज था। इसके बाद गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने भी हमले में अपनी भूमिका का दावा किया।

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आलोक कुमार राव
आलोक कुमार राव Author

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारो... और देखें

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