Times Now Navbharat
live-tv
Premium

आसमान में उड़ती प्रयोगशाला! क्या है NASA का X-70 Fractal? जो बदल देगा विमानों की दुनिया

नासा ने नए प्रयोगात्मक विमान X-70 फ्रैक्टल की पहली झलक दिखाई है। यह हाई-परफॉर्मेंस टेस्ट प्लेटफॉर्म modular डिजाइन और एडवांस्ड फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम से लैस है, जिसकी पहली उड़ान अगले दो साल में संभावित है।

Image
NASA का X-70 Fractal क्यों है खास? (AI Photo)
Authored by: शिशुपाल कुमार
Updated Nov 6, 2026, 11:56 IST
Follow on Google News

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा (NASA) अभी तक अंतरिक्ष की दुनिया में एक से एक कारनामे कर चुकी है, चांद से लेकर मंगल तक पहुंच चुकी है। अब नासा एक ऐसा विमान बनाने जा रहा है, जो हवाई जहाजों की दुनिया में क्रांति ला देगा। कल्पना कीजिए, एक ऐसा विमान जो सिर्फ आसमान में उड़ान भरने के लिए नहीं, बल्कि भविष्य के विमानों की तकनीक तय करने के लिए बनाया जा रहा है। जिसकी बनावट में बदलाव कर अलग-अलग फ्लाइट-कंट्रोल सिस्टम और नई तकनीकों को परखा जा सके। नासा के इस विमान का नाम X-70 Fractal है। यह कोई पारंपरिक यात्री विमान या लड़ाकू जेट नहीं, बल्कि उड़ान की दुनिया में नई संभावनाओं को आजमाने वाली एक उड़ती हुई प्रयोगशाला है। अब सवाल ये है इस विमान में आखिर ऐसा क्या है, कौन सी तकनीक है, यह कैसे भविष्य के विमानों की रफ्तार, नियंत्रण और क्षमता को नई दिशा दे सकता है? और क्यों NASA इसे एयरोनॉटिक्स के क्षेत्र में एक नई शुरुआत मान रहा है? आइए इसे समझते हैं।

क्या है NASA का X-70 Fractal विमान?

4 नवंबर 2026 को NASA ने फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर में आयोजित UP.Summit के दौरान अपने नए प्रयोगात्मक विमान X-70 Fractal की एक झलक दुनिया के सामने पेश किया। यह एक मानव चालित विमान होगा, जिसे अत्याधुनिक उड़ान तकनीकों के परीक्षण के लिए तैयार किया जाएगा। NASA के मुताबिक, इसमें तेजी से कॉन्फिगरेशन बदलने वाली फ्लाइट-कंट्रोल तकनीक होगी। इसके जरिए विमान के बाहरी और आंतरिक हिस्सों में बदलाव कर अलग-अलग तकनीकों का परीक्षण किया जा सकेगा। इस मॉड्यूलर डिजाइन की मदद से वैज्ञानिक और इंजीनियर विमान की उड़ान क्षमता और उसकी गतिशीलता का उन तरीकों से अध्ययन कर सकेंगे, जिनका मानव चालित विमानों में अब तक प्रदर्शन नहीं हुआ है।

नए प्रयोगात्मक विमान X-70 Fractal की एक झलक (फोटो-NASA)

नए प्रयोगात्मक विमान X-70 Fractal की एक झलक (फोटो-NASA)

NASA के प्रशासक जेरेड आइजैकमैन ने कहा, “X-70 Fractal NASA को वास्तविक उड़ान के दौरान अत्याधुनिक फ्लाइट-कंट्रोल, मैन्यूवरबिलिटी और दूसरी उन्नत तकनीकों के परीक्षण के लिए एक मानव चालित और हाई-परफॉर्मेंस प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराता है। इसका मॉड्यूलर डिजाइन और अंदरूनी व बाहरी पेलोड को तेजी से बदलने की क्षमता हमारी टीमों को लगातार उड़ान भरने, सीखने और एक प्रयोग से दूसरे प्रयोग की ओर तेजी से बढ़ने में मदद करेगी। हमें उम्मीद है कि NASA के बैनर तले इसकी पहली उड़ान अगले दो वर्षों के भीतर होगी। X-70 एयरोनॉटिक्स के क्षेत्र में इस नई शुरुआत का सिर्फ एक हिस्सा है। लोग NASA से जुड़ना इसलिए चाहते हैं, ताकि वे निर्माण कर सकें, सीख सकें और सबसे महत्वपूर्ण बात, उड़ान भर सकें।”

कितनी होगी विमान की रफ्तार और क्षमता?

NASA की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, X-70 Fractal की क्रूज स्पीड मैक 0.75 होगी। यानी यह आवाज की गति के लगभग 75 फीसदी की रफ्तार से उड़ान भर सकेगा। इसकी तुलना बोइंग 737 क्लासिक विमान की सामान्य क्रूज स्पीड से की गई है। विमान के भीतर और बाहरी हिस्से में प्रयोगात्मक उपकरण ले जाने की सुविधा होगी। करीब 900 किलोग्राम की पेलोड क्षमता से NASA को अलग-अलग तरह के उपकरणों और तकनीकों का परीक्षण करने में मदद मिलेगी।

विशेषताक्षमता
अधिकतम ऊंचाईकरीब 45,000 फीट (13.7 किलोमीटर)
क्रूज स्पीडमैक 0.75
उड़ान की रेंज1,726 मील (करीब 2,777 किलोमीटर) या 1,500 नॉटिकल मील से अधिक
पेलोड क्षमताकरीब 2,000 पाउंड (लगभग 900 किलोग्राम)
टेकऑफ वजनलगभग 10,000 पाउंड (करीब 4,535 किलोग्राम)

X-70 Fractal का टेकऑफ वजन 10,000 पाउंड यानी करीब 4,536 किलोग्राम होगा। यह अधिकतम 45,000 फीट यानी करीब 13.7 किलोमीटर की ऊंचाई तक जा सकेगा। इसकी परिचालन रेंज 1,726 मील यानी लगभग 2,777 किलोमीटर या 1,500 नॉटिकल मील से अधिक होगी।

क्या यह लड़ाकू विमान है?

X-70 Fractal की शुरुआती तस्वीर में इसके पिछले हिस्से में दो तिरछे झुके हुए वर्टिकल टेल फिन दिखाई देते हैं। इनका आकार अमेरिकी लड़ाकू विमानों F-22 रैप्टर और F/A-18 सुपर हॉर्नेट के टेल फिन से मिलता-जुलता नजर आता है। इसी वजह से इसकी डिजाइन को लेकर चर्चा हो रही है।हालांकि, NASA ने इसे लड़ाकू विमान नहीं बताया है। इसका मुख्य उद्देश्य सैन्य ऑपरेशन करना नहीं, बल्कि विमानन क्षेत्र की नई तकनीकों का परीक्षण करना है।

नासा का X-59 विमान (फोटो- NASA)

नासा का X-59 विमान (फोटो- NASA)

भविष्य में क्या होगा फायदा?

X-70 उन प्रयोगात्मक विमानों की गौरवशाली परंपरा में शामिल हो गया है, जिन्होंने विमानन के क्षेत्र में अमेरिका की अग्रणी भूमिका स्थापित करने में मदद की है। इस सिलसिले की शुरुआत 1947 में बेल X-1 से हुई थी, जिसने पहली बार ध्वनि की गति को पार किया था। इसके बाद हाइपरसोनिक रिसर्च विमान X-15 और मौजूदा X-59 क्वाइट सुपरसोनिक डेमोंस्ट्रेटर जैसे विमानों ने उड़ान की सीमाओं को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। NASA के रिसर्च एंड टेक्नोलॉजी मिशन निदेशालय के तहत एयरोनॉटिक्स डिवीजन की निदेशक लॉरी ग्रिंडल ने कहा, “दशकों से NASA एयरोनॉटिक्स विमानन तकनीक को आगे बढ़ाने के लिए X-प्लेन का इस्तेमाल करता रहा है। एक और X-प्लेन को इस कार्यक्रम से जोड़ना उत्साहजनक है। इससे एयरोनॉटिक्स रिसर्च को गति मिलेगी और इसे आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।”

X-70 के जरिए NASA प्रयोगात्मक उड़ान अनुसंधान की अपनी क्षमता का विस्तार करना चाहता है। साथ ही, उभरती हुई तकनीकों के परीक्षण को तेज करने और अमेरिकी विमानन क्षेत्र की अगली पीढ़ी को विकसित करने की दिशा में काम करेगा।

End of Article