What is Article 5 : रूस-यूक्रेन युद्ध खत्म कराने की कोशिशों के बीच यूक्रेन की सुरक्षा का मसला सबसे अहम हो गया है। 15-16 अगस्त की रात अलास्का के एंकोरेज में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात में पुतिन ने कहा कि यह युद्ध रुक सकता है लेकिन उनकी कुछ शर्तें हैं। रूस राष्ट्रपति ने कहा कि 'जब तक समस्या की मूल वजह (रूट कॉज) का समाधान नहीं होगा तब तक युद्ध जारी रहेगा।' यानी कि यूक्रेन को नाटो की सदस्यता पाने की अपनी जिद छोड़नी होगी। दूसरा, उसके ऊपर से आर्थिक प्रतिबंध हटाने होंगे और पुतिन के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट वापस लेना होगा।
बीते रविवार को व्हाइट हाउस में ट्रंप से मिले जेलेंस्की
बीते रविवार को यानी 17 अगस्त को ट्रंप से मिलने के लिए व्हाइट हाउस में यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की पहुंचे थे। इस मुलाकात से पहले ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यूक्रेन नाटो में शामिल नहीं होगा लेकिन हम उसकी सुरक्षा करेंगे। प्रेस के इस सवाल पर कि कीव की सुरक्षा में क्या अमेरिकी फौज भी शामिल होगी? इस सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'यूक्रेन नाटो में शामिल नहीं होगा लेकिन हम उसकी सुरक्षा करेंगे। यह सुरक्षा किस तरीके की होगी, इसके बारे में बाद में हम आपको बताएंगे क्योंकि हम सात देशों के महान नेताओं से मिलने जा रहे हैं। इससे यूक्रेन को बड़ी मदद हासिल होगी। यूक्रेन की रक्षा में यूरोप सबसे पहले पंक्ति में होगा क्योंकि वह यूक्रेन के पास है। बावजूद इसके हम उसकी मदद करने जा रहे हैं। हम इस सुरक्षा में शामिल होंगे।'
यक्रेन को सुरक्षा देने पर पुतिन ने दिखाया सकारात्मक रुख-रूबियो
एंकोरेज के जिस सैन्य बेस में ट्रंप और पुतिन की मुलाकात हुई, वहां अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो भी थे। रूबियो ने मीडिया से बातचीत में दावा किया कि इस समिट में पुतिन राजी हुए कि अमेरिका और उसके सहयोगी यूरोपीय देश नाटो की तरह की एक सुरक्षा यूक्रेन को दे सकते हैं। सीएनए के 'स्टेट ऑफ द यूनियन' कार्यक्रम में रूबियो ने कहा कि 'इस बैठक में हम यह रियायत पाने में सफल हुए। अमेरिका, यूक्रेन को आर्टिकल-5 जैसी सुरक्षा यूक्रेन को दे सकता है। सुरक्षा ही मसला है जिसके लिए यूक्रेन नाटो में शामिल होना चाहता है।' रूबियो ने आगे कहा कि 'यह पहली बार है जब रूस, यूक्रेन को इस तरह की सुरक्षा देने पर सकारात्मक रुख अपनाया है।' अमेरिकी विदेश मंत्री ने इस प्रस्ताव को 'गेम चेंजिंग' बताया।
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क्या है NATO का आर्टिकल-5?
वैसे तो नाटो के संविधान एवं प्रस्तावना में सहयोग और सुरक्षा से जुड़े कई प्रावधान हैं लेकिन इसका आर्टिकल-5, इस संगठन को बहेद खास बनाता है और उसे ताकत देता है। नाटो की असली ताकत वास्तव में यदि कुछ है तो यह आर्टिकल-5 ही है। यह आर्टिकल सदस्य देशों को सामूहिक रूप से रक्षात्मक उपाय करने की शक्तियां देता है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) में इस वक्त 32 देश हैं। यह आर्टिकल कहता है कि सदस्य देशों में से किसी एक देश पर भी कोई देश यदि हमला करता है तो यह नाटो के सभी देशों पर हमला माना जाएगा। यानी कि सभी 32 देश मिलकर उस हमलावर देश का सामना करेंगे। उस पर हमला बोलेंगे। नाटो की यही ताकत जेलेंस्की को लंबे समय से लुभाती आ रही है। इसी सुरक्षा गारंटी के लिए वह नाटो का हिस्सा बनना चाहते हैं जबकि रूस इसके खिलाफ है। पुतिन को लगता है कि यूक्रेन के नाटो में शामिल होने पर पश्चिमी देश, रूस के और करीब आ जाएंगे और इससे रूस की सुरक्षा को खतरा पैदा होगा।
क्या 'शांति सेना' की होगी यूक्रेन में तैनाती?
इस बीच नाटो के महासचिव मार्क रूट ने सोमवार को कहा कि यूक्रेन को नाटो की सदस्यता देने पर कोई बातचीत नहीं हो रही लेकिन उसे आर्टिकल-5 की तरह सुरक्षा दाने पर राय-मशविरा जरूर चल रहा है। खास बात यह है कि अमेरिका आर्टिकल-5 की तरह यूक्रेन की सुरक्षा देने की तो बात कह रहा है कि लेकिन यह किस तरीके का और कैसा होगा, इसकी कोई रूपरेखा अभी तक सामने नहीं आई है। क्या यूक्रेन की सुरक्षा के लिए नाटो की तरह किसी 'शांति सेना' की तैनाती यूक्रेन में होगी? यह बड़ा प्रश्न है।
किसी सैन्य गठजोड़ में शामिल नहीं होगा अमेरिका
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा है कि वह यूक्रेन के लिए यूरोपीय सुरक्षा गारंटी का समर्थन करेंगे। ट्रंप ने इस प्रयास के तहत अमेरिकी सैनिकों की तैनाती को लेकर प्रतिबद्धता नहीं जताई, लेकिन कहा कि ‘नाटो (उत्तर अटलांटिक संधि संगठन) जैसी’ सुरक्षा मौजूदगी होगी, लेकिन यूरोपीय संघ के नेताओं के साथ दोपहर की बैठक में इससे जुड़े सभी विवरणों पर चर्चा की जाएगी। ट्रंप ने कहा, ‘वे सुरक्षा देना चाहते हैं और वे इसके लिए बहुत दृढ़ हैं तथा हम इसमें उनकी मदद करेंगे।... मुझे लगता है कि यह समझौता करना बहुत जरूरी है।’ट्रंप ने शुक्रवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी और कहा था कि अब यह जिम्मेदारी जेलेंस्की पर है कि वह उन रियायतों पर सहमत हों, जिनसे युद्ध समाप्त हो सकता है। ट्रंप ने जेलेंस्की, पुतिन और ट्रंप के बीच संभावित त्रिपक्षीय वार्ता का जिक्र करते हुए कहा, ‘अगर आज सब ठीक रहा तो हम त्रिपक्षीय वार्ता करेंगे।...हम रूस के साथ काम करेंगे, हम यूक्रेन के साथ काम करेंगे।’
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जेलेंस्की ने भी अपने सुर बदले
सोमवार को वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति और यूरोपीय नेताओं के साथ पुतिन की बातचीत हुई। इस मुलाकात के बाद जेलेंस्की ने एक्स पर लिखा, 'कल वाशिंगटन में अमेरिकी राष्ट्रपति और यूरोपीय नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बातचीत हुई। यह युद्ध समाप्त करने और यूक्रेन तथा उसके लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम था। हम सुरक्षा गारंटियों के ठोस पहलुओं पर पहले से ही काम कर रहे हैं। आज हम नेताओं के स्तर पर समन्वय जारी रखेंगे। चर्चाएं होंगी और हम इसके लिए उपयुक्त प्रारूप तैयार कर रहे हैं। कल भी काम जारी रहेगा। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी लगातार संपर्क में हैं। सुरक्षा गारंटी मिलेगी। मैं अपने सभी सहयोगियों को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देता हूं। यूक्रेन इस ताकत को महसूस करता है। हम साझेदारी, सुरक्षा गारंटी और यूक्रेनी लोगों के साहस के माध्यम से शांति को वास्तविकता बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।'
