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बड़े काम का है Starlink का बायपास मोड, आपका पुराना राउटर भी करने लगेगा काम, जानें इस्तेमाल का तरीका

Starlink Bypass Mode: पावर यूजर्स इसकी परफॉर्मेंस को और बेहतर बनाने के लिए Bypass Mode का इस्तेमाल करते हैं। इस मोड को ऑन करने पर Starlink का बिल्ट-इन राउटर और वाई-फाई बंद हो जाता है और इंटरनेट सीधे किसी थर्ड-पार्टी राउटर से कनेक्ट होता है।

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Authored by: Pradeep Pandey
Updated Aug 19, 2025, 15:18 IST
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जहां पारंपरिक ब्रॉडबैंड या तो अविश्वसनीय है या बिल्कुल मौजूद नहीं है, वहां सैटेलाइट इंटरनेट जैसे Starlink एक मजबूत विकल्प बन जाता है। Starlink की सर्विसेज दुनियाभर में तेजी से लोकप्रिय हो रही है। शुरुआत में जहां इसके केवल पांच लाख यूजर्स थे, अब यह संख्या 6 मिलियन (60 लाख से अधिक) को पार कर चुकी है यानी पहले से कहीं ज्यादा लोग अब भरोसेमंद सैटेलाइट इंटरनेट का लाभ उठा पा रहे हैं। भारत में भी Starlink जल्द ही लॉन्च होने वाला है।

स्टारलिंक की खासियत इसका सेटअप आसान है, लेकिन पावर यूजर्स इसकी परफॉर्मेंस को और बेहतर बनाने के लिए Bypass Mode का इस्तेमाल करते हैं। इस मोड को ऑन करने पर Starlink का बिल्ट-इन राउटर और वाई-फाई बंद हो जाता है और इंटरनेट सीधे किसी थर्ड-पार्टी राउटर से कनेक्ट होता है। इसका फायदा यह है कि आपका राउटर नेटवर्क को मैनेज करता है, जिससे स्पीड बेहतर मिलती है, कवरेज बढ़ता है और एडवांस फीचर्स जैसे VPN, मेष नेटवर्क या बड़े घरों के लिए बेहतर नेटवर्क परफॉर्मेंस मिलती है। वैसे भारत में स्टारलिंक में Bypass Mode मिलेगा या नहीं, यह लॉन्चिंग के बाद ही साफ होगा लेकिन यदि यह मोड मिलता है तो लोगों को काफी आसानी होगी।

डबल NAT की समस्या का समाधान

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Bypass Mode का एक और बड़ा फायदा है Double NAT समस्या से छुटकारा। सामान्य रूप से Starlink का डिफॉल्ट राउटर और आपका निजी राउटर दोनों ही NAT (Network Address Translation) संभालते हैं, जिससे गेमिंग, वीडियो कॉल और VPN कनेक्शन में दिक्कत आ सकती है। बायपास मोड ऑन करने पर सिर्फ आपका राउटर NAT संभालता है, जिससे नेटवर्क ज्यादा स्मूद और स्थिर रहता है। इसके अलावा, यह मोड Starlink फर्मवेयर अपडेट्स के दौरान भी नेटवर्क को स्थिर बनाए रखता है, ताकि अचानक रिबूट होकर मीटिंग या कॉल बीच में न कटे।

Starlink Bypass Mode कैसे ऑन करें?

सबसे पहले अपने Starlink से थर्ड-पार्टी राउटर कनेक्ट करें।

Gen 2 Starlink के लिए Ethernet Adapter की ज़रूरत होगी।

Gen 3 Starlink में पहले से ही Ethernet पोर्ट दिया होता है।

अब Starlink ऐप खोलें → Settings में जाएं → और Bypass Mode ऑन कर दें।

इसे वेब पोर्टल से भी सक्रिय किया जा सकता है: अपने अकाउंट में लॉगिन करें → Manage चुनें → Wi-Fi Settings में जाकर Bypass Mode ऑन करें।

starlink router

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Bypass Mode को बंद कैसे करें?

Gen 2 मॉडल्स पर Starlink राउटर को छह बार पावर साइकिल कर Factory Reset करें।

Gen 3 यूनिट्स पर राउटर का रीसेट बटन 10 सेकंड दबाकर रखें।

अगर Starlink नेटवर्क दिखाई नहीं दे रहा है, तो पास के नेटवर्क्स से होने वाले इंटरफेरेंस को जांचें और ऐप की मदद से स्कैन करके सही नेटवर्क से कनेक्ट करें।

किसके लिए है फायदेमंद?

Bypass Mode उन लोगों के लिए बढ़िया है जो अपने नेटवर्क पर ज्यादा कंट्रोल चाहते हैं, चाहे वह होम ऑफिस हो, गेमिंग सेटअप हो या बेहतर इंटरनेट अनुभव। यह फीचर Starlink Mini पर भी उपलब्ध है, जिससे छोटे उपकरणों के जरिए भी नेटवर्क रेंज और लचीलापन बढ़ाया जा सकता है। एक बार यह मोड ऑन हो जाने के बाद, आपके सारे डिवाइस सीधे आपके राउटर की वाई-फाई से जुड़ते हैं और Starlink केवल इंटरनेट फीड के रूप में काम करता है।

क्या है सैटेलाइट इंटरनेट?

सैटेलाइट इंटरनेट एक ऐसा इंटरनेट कनेक्शन है, जिसमें डेटा पहुंचाने और प्राप्त करने का काम धरती के टावरों के बजाय अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट्स करते हैं। ये सैटेलाइट्स धरती की कक्षा (Orbit) में घूमते हैं और ग्राउंड स्टेशन के जरिए आपके इंटरनेट डिवाइस से जुड़ते हैं। जब आप कोई वेबसाइट खोलते हैं, तो आपका सिग्नल पहले आपके घर के सैटेलाइट डिश या टर्मिनल से अंतरिक्ष में मौजूद सैटेलाइट तक जाता है। वहां से यह सिग्नल धरती पर स्थित ग्राउंड स्टेशन को भेजा जाता है, जो इंटरनेट से जुड़ा होता है। इंटरनेट से डेटा लेकर वही रास्ता उल्टा तय करते हुए सिग्नल फिर आपके डिवाइस तक लौट आता है। इस पूरे प्रोसेस में सेकंड के हिस्से जितना समय लगता है, जिसे Latency कहते हैं।

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