Explained: कुरील द्वीप क्यों गए रूसी राष्ट्रपति पुतिन? द्वितीय विश्व युद्ध से क्या है कनेक्शन?

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने हाल ही में जापान के दावे वाले विवादित कुरील द्वीप समूह (इतुरुप) का दौरा किया है। इस दौरे से टोक्यो और मॉस्को के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। जानिए द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़े इस 170 साल पुराने विवाद, 1951 की संधियां, सामरिक-आर्थिक कारण और इसके वैश्विक नतीजों की पूरी कहानी।

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन हाल ही में विवादित कुरील द्वीप समूह के सबसे बड़े द्वीप इतुरुप पर पहुंचे। 2010 के बाद यह पहला मौका है जब रूस का कोई राष्ट्राध्यक्ष इस क्षेत्र में कदम रख रहा है। पुतिन का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक निरिक्षण नहीं था, बल्कि इसने द्वितीय विश्व युद्ध के उस अनसुलझे पन्नों को फिर से खोल दिया है, जिसकी वजह से रूस और जापान के बीच आज तक शांति संधि पर हस्ताक्षर नहीं हो सके हैं।

Kuril Islands Dispute putin visit

जानिए पुतिन क्यों पहुंचे विवादित इतुरुप द्वीप

जापान की प्रधानमंत्री सानाए ताकाइची ने पुतिन के इस दौरे की सख्त शब्दों में निंदा करते हुए इसे "जापानी लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला और पूरी तरह से अस्वीकार्य" बताया है। वहीं दूसरी ओर, रूस ने इसे अपना संप्रभु अधिकार करार देते हुए टोक्यो की आपत्तियों को खारिज कर दिया।

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