न प्रेस कांफ्रेंस, न इंटरव्यू और न ही बड़ी रैलियां...तो विजय ने कैसे रच दिया तमिलनाडु में इतिहास

Vijay in Tamil Nadu: विजय ने चुनावों के दौरान न तो सभी निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया, न ही हर उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांगे और न ही पारंपरिक तरीके से बड़ी-बड़ी रैलियां या रोड शो किए।

Thalapati Vijay Journey: जब अभिनेता-नेता विजय बार-बार दावा कर रहे थे कि साल 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (टीवीके) और सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के बीच सीधा मुकाबला है, तो कई लोग उनकी बात मानने को तैयार नहीं थे। टीवीके और विजय कई मामलों में मुख्यधारा के राजनीतिक दलों से अलग थे। उनका चुनाव प्रचार का तरीका भी पारंपरिक दलों से भिन्न था। विजय ने चुनावों के दौरान न तो सभी निर्वाचन क्षेत्रों का दौरा किया, न ही हर उम्मीदवार के पक्ष में वोट मांगे और न ही पारंपरिक तरीके से बड़ी-बड़ी रैलियां या रोड शो किए। इसके बावजूद, उनके संदेश सोशल मीडिया और उनके प्रशंसकों के जरिये लोगों के बीच लगातार पहुंचते रहे।

न तो संवाददाता सम्मेलन और न ही साक्षात्कार

विजय ने न तो संवाददाता सम्मेलन बुलाए और न ही साक्षात्कार दिए। इसके बजाय, उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से सीधे संवाद करने का विकल्प चुना। चुनाव प्रचार के दौरान अभिनेता ने असामान्य रूप से किशोरों और बच्चों पर ध्यान केंद्रित किया, ताकि वे उनके माता-पिता को टीवीके के पक्ष में मतदान करने के लिए प्रेरित कर सकें। जब मतदान का आंकड़ा 85 फीसदी के पार चला गया, तब विजय ने खुद को "विजय मामा" कहते हुए खास तौर पर "कुट्टी, नानबा, नानबी" (बच्चों और दोस्तों) को संबोधित किया और अभिभावकों को टीवीके के समर्थन के लिए मनाने के वास्ते उनका आभार जताया।

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