KP Sharma Oli: पड़ोसी देश नेपाल में शनिवार तड़के एक बड़ा सियासी घटनाक्रम हुआ। नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को गिरफ्तार कर लिया गया। ओली के अलावा पूर्व गृह मंत्री एवं नेपाली कांग्रेस के नेता रमेश लेखक भी गिरफ्तार हुए हैं। दोनों नेताओं की गिरफ्तारी भक्तपुर जिले में स्थित उनके आवास से हुई। खास बात यह है कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष ओली और नेपाली कांग्रेस के नेता लेखक की गिरफ्तारी बालेंद्र शाह के प्रधानमंत्री बनने के 24 घंटे के भीतर हुई। इन पर आरोप है कि पिछले साल नेपाल में हुए व्यापक Gen Z प्रदर्शनों को दबाने में इनकी संलिप्तता रही। नेपाल में पिछले साल सितंबर में सरकार के खिलाफ Gen Z ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया था। इस हिंसा में कई युवाओं सहित 76 लोग मारे गए।
रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला
विरोध-प्रदर्शनों की जांच करने वाले उच्चस्तरीय आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने के नवगठित सरकार के फैसले के एक दिन बाद दोनों नेता गिरफ्तार हुए। दरअसल, नेपाल के नए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह 'बालेन’ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई नवगठित मंत्रिमंडल की बैठक में आयोग की रिपोर्ट को तुरंत लागू करने का फैसला किया गया था। पुलिस ने बताया कि नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी-एकीकृत मार्क्सवादी-लेनिनवादी (सीपीएन-यूएमएल) के अध्यक्ष ओली को शनिवार तड़के काठमांडू से 12 किलोमीटर पूर्व भक्तपुर जिले के गुंडू इलाके से गिरफ्तार किया गया। उसने बताया कि पूर्व गृह मंत्री एवं नेपाली कांग्रेस के नेता रमेश लेखक को भी भक्तपुर जिले की सूर्यविनायक नगरपालिका के कटुंजे स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया है।
आयोग ने कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की
Gen Z आंदोलन से जुड़े घटनाक्रम की जांच के लिए गठित आयोग ने ओली और लेखक सहित अन्य लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले में कानूनी कार्रवाई की सिफारिश की है। बालेंद्र शाह के नेतृत्व वाली नेपाल की नवगठित सरकार ने शुक्रवार को अपनी पहली मंत्रिमंडल बैठक में जांच आयोग की सिफारिशों को तत्काल लागू करने का निर्णय लिया। गृह मंत्री सुदन गुरुंग ने ओली की गिरफ्तारी के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में लिखा, 'कानून से ऊपर कोई नहीं है।’ उन्होंने कहा, 'हमने पूर्व प्रधानमंत्री के पी ओली और पूर्व गृह मंत्री रमेश लेखक को हिरासत में ले लिया है। ऐसा किसी से बदला लेने के लिए नहीं किया गया बल्कि यह न्याय की शुरुआत है।’ उन्होंने कहा, 'मेरा मानना है कि अब देश को एक नयी दिशा मिलेगी।’ पुलिस ने कहा कि ओली और लेखक को भद्रकाली स्थित काठमांडू जिला पुलिस सर्किल में हिरासत में रखा गया है।
ओली की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध
सीपीएन-यूएमएल ने ओली की गिरफ्तारी का कड़ा विरोध किया है। पार्टी के नेता महेश बस्नेत ने एक्स पर अपने पोस्ट में कहा कि 'पूर्व प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष केपी शर्मा ओली की तत्काल रिहाई की मांग को लेकर आज आयोजित सीपीएन-यूएमएल सचिवालय बैठक में निम्नलिखित कार्यक्रम तय किए गए हैं- आम जनता और नागरिक समाज के संकल्प के साथ कानूनी और राजनीतिक रूप से विरोध किया जाएगा
- आज दोपहर 3 बजे प्रत्येक जिले के मुख्यालय में पार्टी संगठनों की ओर से विरोध प्रदर्शन किया जाएगा
- कल दोपहर 12 बजे, प्रत्येक जिले में जिला पार्टी समिति द्वारा बड़े पैमाने पर प्रदर्शन आयोजित
- मुख्य जिला अधिकारी (सीडीओ) कार्यालय को विरोध पत्र सौंपा जाएगा
- लोकतंत्र और कानून के शासन का समर्थन करने वाले सभी दलों के साथ संवाद और सहयोग
- नागरिक समाज और आम जनता के साथ भी सहयोग किया जाएगा
10 साल तक की जेल की सजा की सिफारिश
जांच आयोग ने इस अपराध के लिए तीन से 10 साल तक की जेल की सजा की सिफारिश की है। काठमांडू जिला पुलिस सर्किल के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने 'पीटीआई-भाषा’ से कहा कि शनिवार को अवकाश होने के कारण उन्हें रविवार को काठमांडू जिला अदालत में पेश किया जाएगा। इसके बाद मामले में जांच की प्रक्रिया शुरू होगी। ओली को हिरासत में लिए जाने के तुरंत बाद चिकित्सकीय जांच के लिए त्रिभुवन विश्वविद्यालय शिक्षण अस्पताल ले जाया गया। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि यह जांच की कानूनी प्रक्रिया का हिस्सा है। इस बीच, सीपीएन-यूएमएल ने स्थिति पर चर्चा के लिए ललितपुर स्थित पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में सचिवालय की आपात बैठक बुलाई है।