इमरान खान के परिवार में कौन कौन है? फोटो- टाइम्स नाउ नवभारत।
तीन साल से जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान को लेकर इस समय पूरी दुनिया में हो-हल्ला मचा हुआ है। पाकिस्तानी मीडिया और उनके परिवार को लोग जेल में उनकी मौत का दावा कर रहे हैं। परिवार का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान खान से मिलने नहीं दिया जा रहा है और ना ही उनके बारे में कोई जानकारी दी जा रही है। वहीं, शहबाज सरकार ने इन आरोपों को खारिज किया है। जेल विभाग ने एक बयान जारी कर कहा है कि इमरान जेल में पूरी तरह से स्वस्थ हैं। इस पर उनके परिवार का कहना है कि अगर इमरान पूरी तरह से ठीक हैं तो अदालत के आदेश के बाद भी उनसे मिलने क्यों नहीं दिया जा रहा है। इमरान को लेकर मचे इस बवाल के बीच उनके छोटे बेटे कासिम जो अक्सर राजनीति से दूर रहते हैं, वो भी पिता के लिए जारी लड़ाई में उतर आए हैं। उन्होंने बीते दिन पाकिस्तान सरकार से उनके जिंदा होने के सबूत भी मांगे थे।
ऐसे में हम आपको इमरान की निजी जिंदगी और उनके परिवार के बारे में जानकारी देंगे। बताएंगे कि पूर्व प्रधानमंत्री के परिवार में कौन-कौन है और वे क्या करते हैं....
5 अक्टूबर 1952 को लाहौर में इमरान खान का जन्म हुआ था। उनके पिता इकरामुल्लाह खान नियाजी पेशे से सिविल इंजीनियर थे, जबकि उनकी मां शौकत खानुम पाकिस्तान के जाने-माने राजनीतिक चेहरे अहमद हसन खान की पुत्री थीं। अहमद हसन खान, पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना के करीबी सहयोगियों में थे। इकरामुल्लाह और शौकत के कुल पांच बच्चे थे। इनमें इमरान खान सबसे छोटे थे, उनसे बड़ी चार बहनें थीं।
इमरान खान अपने माता-पिता की पांच संतानों में अकेले बेटे हैं। उनकी चारों बहनें अपने-अपने क्षेत्र में काफी प्रभावशाली मानी जाती हैं।
रूबिना खानुम
रूबिना ने लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से शिक्षा प्राप्त की। वे संयुक्त राष्ट्र (UN) में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुकी हैं।
अलीमा खानुम
अलीमा एक सफल उद्यमी हैं। वे लाहौर स्थित एक टेक्सटाइल बाइंग हाउस की संस्थापक हैं। उन्होंने 1989 में लाहौर यूनिवर्सिटी ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज़ (LUMS) से एमबीए किया। अलीमा शौकत खानुम मेमोरियल ट्रस्ट में मार्केटिंग डायरेक्टर की भूमिका भी निभाती हैं।
उज्मा खानुम
उज्मा पेशे से क्वालीफाइड सर्जन हैं और लाहौर के प्रतिष्ठित डॉक्टरों में उनकी गिनती होती है।
रानी खानुम
रानी ने स्नातक की पढ़ाई की है और पाकिस्तान के कई शहरों में सामाजिक कार्यों से जुड़ी हैं। वे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए काम करती हैं।
1982 में इमरान खान पाकिस्तान के 13वें टेस्ट कप्तान बने। फिर 1982 से 1992 तक टेस्ट और वनडे दोनों प्रारूपों में टीम का नेतृत्व किया। वे पाकिस्तान क्रिकेट इतिहास के एकमात्र खिलाड़ी हैं जिन्होंने संन्यास लेने के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जिया-उल-हक की खास अपील पर दोबारा क्रिकेट में वापसी की थी। 1987 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में हार के बाद निराश इमरान ने क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। लेकिन जिया-उल-हक के मनाने पर उन्होंने कप्तानी फिर संभाली और 1992 में अपनी अगुवाई में पाकिस्तान को पहला और अब तक का अकेला क्रिकेट विश्व कप जिताया।
1992 में क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद इमरान खान ने 1996 में अपनी राजनीतिक पार्टी तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) की नींव रखी। शुरुआती वर्षों में बतौर नेता उन्हें बहुत ज्यादा राजनीतिक तवज्जो नहीं मिली, लेकिन समय के साथ वे युवाओं और खासकर महिलाओं में खासे लोकप्रिय हो गए। 2018 आते-आते वे पाकिस्तान की सत्ता के प्रबल दावेदार बन चुके थे। इसका एक बड़ा कारण यह भी था कि उन्होंने क्रिकेट में पाकिस्तान को नई ऊंचाई तक पहुंचाया था, इसके अलावा वे अपने सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन में बड़े विवादों से दूर रहे।
2002 में परवेज़ मुशर्रफ के सैन्य शासन के दौरान हुए आम चुनावों में पीटीआई को पहली और एकमात्र सीट मिली, और इमरान खान मियांवाली से नेशनल असेंबली के लिए चुने गए। 2002 से 2007 तक वे संसद में सक्रिय रहे। राजनीतिक बेबाकी के लिए मशहूर इमरान ने एक बार राष्ट्रपति मुशर्रफ को 'अमेरिकी राष्ट्रपति का जूता चाटने वाला' तक कह दिया था। इस बयान के बाद उन्हें उनके घर में नजरबंद कर दिया गया, जिससे उस समय पाकिस्तान की राजनीति में काफी हलचल मच गई थी।
वर्तमान में जेल में बंद इमरान खान का निजी जीवन हमेशा सुर्खियों में रहा। इमरान खान अपने दौर के सिर्फ स्टार क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक ग्लैमरस हस्ती भी थे। मैदान के बाहर उनकी लाइफस्टाइल भी खूब चर्चा में रहती थी। चाहे उनके अफेयर हों, शादियां...उनके जीवन में कई रिश्ते आए, जिनमें से कुछ तालियों के शोर में गुम हो गए, तो कुछ कड़वाहट छोड़ गए।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये बात 1987-88 के इंग्लैंड दौरे की है। उस दौरान लंदन के एक स्ट्रीट नाइट क्लब में इमरान की मुलाकात इटली मूल की शादीशुदा सीता व्हाइट से हुई। मुलाकात जल्द ही अफेयर में बदली और दोनों कुछ समय तक साथ रहे। आखिरी बार दोनों को 1991 में साथ देखा गया, तब सीता ने इमरान को बताया कि वह गर्भवती हैं। उस समय इमरान बेटा चाहते थे, इसलिए उन्होंने जांच करवाई, और रिपोर्ट में बेटी होने का पता लगा। कहा जाता है कि इस पर इमरान ने सीता पर अबॉर्शन के लिए दबाव डाला, लेकिन सीता ने इंकार कर दिया, जिसके बाद इमरान ने उनका साथ छोड़ दिया।
इसके कुछ महीनों बाद सीता ने एक बच्ची को जन्म दिया, जिसका नाम रखा गया टायरियन खान व्हाइट। हालांकि इमरान ने कभी इस बच्ची को स्वीकार नहीं किया, बाद सीता ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कैलिफोर्निया की एक अदालत ने इमरान को टायरियन का जैविक पिता घोषित कर दिया, हालांकि आज भी इमरान सार्वजनिक रूप से उसे बेटी नहीं मानते।
1995 में 42 वर्ष की उम्र में इमरान ने ब्रिटेन के अरबपति जेम्स गोल्डस्मिथ की 21 वर्षीय बेटी जेमिमा गोल्डस्मिथ से शादी कर ली। जेमिमा पेशे से पत्रकार थीं।
दोनों ने लगभग नौ साल साथ बिताए और दो बेटों सुलेमान और कासिम को जन्म दिया। 2004 में दोनों का रिश्ता टूट गया और फिर जेमिमा 30 की उम्र में अपने बच्चों के साथ ब्रिटेन लौट गईं।
इसके बाद साल 2018 में इमरान ने पंजाब के प्रभावशाली वट्टू परिवार से ताल्लुक रखने वाली बुशरा बीबी से तीसरी शादी की। यह बुशरा की भी दूसरी शादी थी, और पहले पति से उनके पांच बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और दो बेटे शामिल हैं। इमरान इन बच्चों के सौतेले पिता हैं। बुशरा और इमरान की पहली मुलाकात 2015 में हुई थी, जिसके बाद दोनों एक-दूसरे के करीब आए। सियासत में इमरान के कद के साथ-साथ बुशरा का नाम भी चर्चा में आया। उन पर प्रधानमंत्री आवास में जादू-टोना करवाने और इमरान की कुर्सी बचाने के लिए अनुष्ठान करने जैसे आरोप भी लगे, जिन्हें लेकर खूब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (Hindi News) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। एक्सप्लेनर्स (Explainer News) अपडेट और चुनाव (Elections) की ताजा समाचार के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से।