बिहार विधानसभा चुनाव के बाद एग्जिट पोल के रुझान सामने आ चुके हैं।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
Bihar Election Exit Poll: बिहार विधानसभा चुनाव में बिहारवासियों ने रिकॉर्ड वोटिंग की। पहले चरण में 65.08 प्रतिशत वोटिंग हुई तो दूसरे चरण में 68.52 प्रतिशत वोटिंग हुई। दोनों चरणों को मिलाकर कुल औसत मतदान 66.90 प्रतिशत रहा, जो पिछले चुनाव से लगभग 9.6% अधिक है।वहीं, वोटिंग के तुरंत बाद कई एजेंसियों ने एग्जिट पोल जारी किए।
ज्यादातर एग्जिट पोल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी NDA की सरकार बनने की उम्मीद जताई जा रही है। वहीं, महागठबंधन 100 सीटें को अंदर सिमटता दिख रहा है। एग्जिट पोल की मानें तो राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बीजेपी बनती दिख रही है। यह राष्ट्रीय जनता दल के लिए बड़ा झटका है। साल 2020 विधानसभा चुनाव के बाद राजद बिहार की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। राजद को 75 सीटें हासिल हुई थी।
लेकिन, कहावत है न 'खोदा पहाड़ निकली चुहिया', कुछ यही हाल प्रशांत किशोर की पार्टी का दिख रहा है। एग्जिट पोल के अनुमान के मुताबिक, पार्टी को 0 से 5 सीटें मिलती दिख रही है। सभी एग्जिट पोल का औसत आंकड़ा निकालें तो जन सुराज को 2 सीटें मिलते दिख रही है।
अगर एग्जिट पोल के रुझान सही होते हैं तो यह प्रशांत किशोर की राजनीतिक करियर के लिए बड़ा झटका है। उन्होंने चुनाव से पहले कहा था कि 14 नवंबर के बाद या तो उनकी पार्टी अर्श पर रहेगी या फर्श पर। किसी भी एग्जिट पोल एजेंसी ने उन्हें दहाई का आंकड़ा भी नहीं दिया।
बात करें कांग्रेस और राजद की तो इन एग्जिट पोलों ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को तगड़ा झटका दिया है। सभी एग्जिट पोल के औसत परिणाम पर नजर डालें तो राजद को 57 से 69 सीटें मिलते दिख रही है। पिछले विधानसभा चुनाव में राजद को 75 सीटें मिली थी।
वहीं, कांग्रेस को 11 सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, महागठबंधन की ओर से उपमुख्यमंत्री उम्मीदवार मुकेश सहनी की पार्टी विकासशील इंसान पार्टी को 2 से 3 सीटें मिलती दिख रही है।
एग्जिट पोल के रुझान के मुताबिक, भाजपा 67 से 70 के बीच सीटें मिलने की उम्मीद है। हालांकि, एग्जिट पोल देखकर सबसे ज्यादा खुशी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को हो रही होगी। दरअसल, जनता दल यूनाइटेड के पिछले चुनाव से कहीं बेहतर प्रदर्शन करने की उम्मीद है। पिछले विधानसभा चुनाव में जेडीयू 43 सीटों पर सिमट गई थी, लेकिन इस बार पार्टी को इस बार 58 से 71 सीटें मिलने की उम्मीद है।
अगर बिहार में एनडीए फिर से कमाल करती दिख रही है तो इसके पीछे सबसे बड़ी वजह भारतीय राजनीति के चाणक्य कहलाने वाले अमित शाह हैं। चाहे सीट बंटवारा हो या बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रियता बढ़ाना, अमित शाह (Amit Shah) का माइक्रो मैनेजमेंट एक बार फिर कमाल करता दिख रहा है।
उनकी प्लानिंग ने न सिर्फ बीजेपी उम्मीदवारों की बल्कि जेडीयू उम्मीदवारों को भी मदद की है। चुनाव से पहले अमित शाह ने स्पष्ट तौर पर कहा था कि यह चुनाव सिर्फ सुशासन के नाम पर नहीं, बल्कि सुरक्षा, राष्ट्रवाद और केंद्रीय योजनाओं के आधार पर लड़ा जाएगा।
एग्जिट पोल के रुझान इस बात का संकेत है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के अंतर्गत नीतीश सरकार द्वारा दिए गए 10-10 हजार रुपये आखिरकार एनडीए के लिए 'तुरुप का इक्का' साबित हुआ।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) ने घोषणा की है कि योजना के तहत बेहतर कार्य करने वाली महिलाओं को 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। हालांकि यह पैसा उन्हीं महिलाओं को मिलेगा, जो 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद से शुरू किए अपने रोजगार को अच्छे से चलाएंगी।
इतिहास में झांके तो बिहार की महिलाओं को नीतीश कुमार के वादों पर हमेशा यकीन रहा है। एग्जिट पोल के ये रुझान बताते हैं कि एक बार फिर बिहार की महिलाओं ने एक बार नीतीश कुमार पर अपना भरोसा जताया है।
महागठबंधन के मुख्यमंत्री उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने युवाओं और रोजगार का मुद्दा उठाया था। उन्होंने वादा किया था महागठबंधन की सरकार बनते ही तो हर परिवार को सरकारी नौकरी दी जाएगी। वहीं, 14 जनवरी को मकर संक्रांति के अवसर पर माई-बहनों के खाते में 30 हजार रुपये दिए जाएंगे, लेकिन एग्जिट पोल के रुझान की मानें तो बिहार की जनता को तेजस्वी के वादों पर ज्यादा भरोसा नहीं है। वहीं, जिस तरह नरेंद्र मोदी ने चुनावी रैलियों में 'जंगलराज' का जिक्र किया, वो बात राज्य की जनता के दिल-ओ-दिमाग में घर कर गई।
एग्जिट पोल के रुझान पर बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने कहा कि महागठबंधन ने पहले ही हार मान ली है। माफिया जिंदाबाद कहने वालों को कौन वोट देगा? महिलाओं का समर्थन मिल रहा है। बड़ा बदलाव आया है, महिलाएं और जेन-जी पीएम मोदी और नीतीश कुमार का समर्थन और भरोसा करती हैं।
जेडीयू नेता राजीव रंजन प्रसाद ने भी कहा कि पूरे बिहार में नीतीश कुमार की लहर थी, और वह एक बार फिर एनडीए के तुरुप का इक्का बनकर उभरे हैं। उन्होंने दावा किया कि मतदाताओं ने नीतीश कुमार पर आंख मूंदकर भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि सभी एग्जिट पोल का सार यही है कि एनडीए की सरकार फिर बनेगी और 14 तारीख को नतीजे आने पर विपक्ष पूरी तरह से खत्म हो जाएगा।
वहीं, राष्ट्रीय जनता दल के नेता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि एग्जिट पोल पहले भी गलत साबित हुए हैं और आगे भी गलत साबित होंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि 14 नवंबर को महागठबंधन और तेजस्वी यादव भारी मतों से जीतेंगे। एग्जिट पोल देखकर जो लोग भ्रम में हैं, उन्हें भ्रम में रहने दें। सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं। यह तय है कि बिहार में महागठबंधन और तेजस्वी यादव की सरकार बनेगी।
गौरतलब है कि एग्जिट पोल के रुझानों को ही सही मान लेना जल्दबाजी है। बिहार की जनता का फैसला 14 नवंबर को ही पता चलेगा।
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