Court Not Ready To Dismiss Legal Proceeding Against These 7 Stars In Karan Oberoi Rape Case: टीवी के मशहूर एक्टर करण ओबरॉय के खिलाफ साल 2019 में एक महिला ने दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। इस मामले में पूजा बेदी सहित सात लोगों पर पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने का आरोप है, जिसमें अनवेशी जैन, चैतन्य भोसले, व्रकाय पाटनी, गुर्बानी ओबरॉय, शेरिन वर्गीज, एक्टर सुधांशु पांडे और एडवोकेट दिनेश तिवारी शामिल हैं। वहीं अब इस मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। दरअसल, मुंबई के एक सेशन कोर्ट ने पूजा बेदी और सुधांशु पांडे (Sudhanshu Pandey) सहित सात लोगों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही रद्द करने से साफ इंकार कर दिया है। कोर्ट का कहना है कि इस मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 228 ए का उल्लंघन किया गया है, जिसमें दुष्कर्म पीड़िता की पहचान सार्वजनिक करने से साफ इंकार किया गया है।
करण ओबरॉय (Karan Oberoi) रेप केस मामले में सेशन कोर्ट ने पूजा बेदी और सुधांशु पांडे सहित सात लोगों के खिलाफ अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा, "अगर ग्रुप में शामिल एक और सदस्य ने रेप पीड़िता का नाम लिया तो इस मामले में सभी को जिम्मेदार माना जाएगा। दूसरी ओर याचिकाकर्ता का कहना है कि पीड़िता की पहचान उजागर करने की उनकी कोई मंशा नहीं थी। ये आरोप जनरल हैं और ट्रायल के दौरान इनका बचाव किया जा सकता है।"
आखिर क्या है मामला?
करण ओबरॉय (Karan Oberoi) के खिलाफ साल 2019 में एक महिला ने दुष्कर्म के आरोप लगाए थे, जिससे उनके करियर पर भी बड़ा असर पड़ा। मामले में मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पुलिस से जांच करने और रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कहा था। वहीं पुलिस जांच में सामने आया कि 5 मई, 2019 को पूजा बेदी क घर पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई थी, जहां ग्रुप के बाकी सदस्यों ने शिकायतकर्ता की पहचान का खुलासा कर दिया था। पीड़िता के नाम के साथ-साथ उसकी कई निजी जानकारियां साझा की गई थीं।
