Sunny Deol,Varun Dhawan,Diljit Dosanjh,Ahan Shetty,sonam bajwa,Medha Rana,Mona Singh,Anya Singh
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Jan 23, 20263 hr 20 mins
Border 2 Review in Hindi: डायरेक्टर अनुराग सिंह के डायरेक्शन में बनी बॉर्डर 2 एक संतुलित वॉर ड्रामा है, जो गुस्से की आग पर रोटियां सेकने की कोशिश नहीं करती है बल्कि सैनिकों के उस दर्द को पर्दे पर दिखाती है, जो अक्सर वॉर ड्रामा मूवीज में कहीं खो सा जाता है।
Border 2 Review: जनवरी की ठंडी सुबह... बादल से बरसता पानी और स्क्रीन पर लगी सनी देओल, वरुण धवन, दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी की 'बॉर्डर 2'... जब ये सारी चीजें एक साथ हों तो दिल से बस एक ही तड़प उठती है कि भैया बस 3 घंटे 19 मिनट की फिल्म दिल खुश कर दे, जैसे लगभग 30 साल पहले डायरेक्टर जेपी दत्ता की 'बॉर्डर' ने पूरे देश का दिल खुश किया था। दिल से उठने वाली तड़पन एक तरफ लेकिन बॉलीवुड की पैसे कमाने के लिए सफल फिल्मों का सीक्वल बनाने की छवि दूसरी तरफ। क्या 'बॉर्डर 2' भी वैसा ही सीक्वल है, जैसी बॉलीवुड रिलीज करता रहा है या फिर डायरेक्टर अनुराग सिंह ने 'बॉर्डर' फ्रेंचाइजी को 'बॉर्डर 2' से वैसे ही सलाम किया है, जैसे हमारे देश का हर एक जवान तिरंगे को सलाम करता है?
भारत-पाकिस्तान के बीच साल 1971 में हुए युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी 'बॉर्डर 2' जंग की नहीं बल्कि भारत मां के लिए अपनी जान न्योछावर करने के लिए तैयार रहने वाले वीर बहादुर सैनिकों की कहानी है। ये फिल्म भारत के उस हर एक सैनिक की जिंदगी दिखाती है, जो हरदम अपने परिवार से पहले इस देश को रखता है। वो सैनिक जो घर की खुशियों में शामिल नहीं हो पाता क्योंकि देश को उसकी जरूरत है... मां-बाप की चिता को आग देने नहीं जा पाता क्योंकि देश को उसकी जरूरत है... बच्चों का चेहरा सालों-साल नहीं देख पाता क्योंकि देश को उसकी जरूरत है... ये फिल्म एक सैनिक की जिंदगी को परत-दर-परत खोलती है, जिससे आंखें नम हो जाती हैं। (इसे भी पढ़ें: Border 2 में हुई इन स्टार्स की वापसी, अक्षय खन्ना-सुनील शेट्टी को देख भावुक हुए लोग)
'बॉर्डर 2' में सनी देओल ने फतेह सिंह, वरुण धवन ने होशियार सिंह , दिलजीत दोसांझ ने निर्मलजीत सिंह और अहान शेट्टी ने महेन्द्र सिंह रावत के रोल प्ले किए हैं। जहां सनी और वरुण थल सेना का हिस्सा हैं तो वहीं दिलजीत वायु सेना और अहान जल सेना के अधिकारी हैं। अब भले ही दुश्मन कितनी ही चालें क्यों ना चल ले लेकिन जब भारत की थल सेना-वायु सेना-जल सेना मिलकर इस धरती की रक्षा करती हैं तो उसको घुटने टेकने ही पड़ते हैं।
सालों बाद स्क्रीन पर फतेह सिंह बनकर लौटे सनी देओल आज भी उतने ही दमदार और खूंखार लगते हैं। उनकी आवाज में आज भी वो गर्जना है, जिसे सुनकर दुश्मन का दिल दहल उठे। उनकी आंखों से टपकने वाले आंसू दर्शकों की आंखें नम करते हैं और जब वो जख्मी शेर की तरह दहाड़ते हैं तो थिएटर में बैठा हर एक दर्शक शेर की तरह दहाड़ना चाहता है।
Image Source: Movie Poster
वरुण धवन ने 'बॉर्डर 2' से साबित किया है कि वो सिर्फ कॉमिक रोल्स निभाने के लिए पैदा नहीं हुए हैं। उन्हें अच्छी स्क्रिप्ट और बेहतरीन समझ वाला डायरेक्टर मिले तो वो ट्रोल्स को शांत करने का दम रखते हैं। वरुण धवन की सधी हुई एक्टिंग 'बॉर्डर 2' का एक मजबूत पिलर है। होशियार सिंह के कैरेक्टर में वो उस डेप्थ को दिखाते हैं, जो उनकी पिछली कुछ परफॉर्मेंसेज से गायब रही थी। (इसे भी पढ़ें: अजय देवगन ने 'बॉर्डर 2' को बताया दमदार फिल्म, सुनील शेट्टी ने शेयर किया वीडियो)
दिलजीत दोसांझ ने भारत पर जान न्योछावर करने वाले उस हंसमुख एयरफोर्स ऑफिसर का किरदार प्ले किया है, जो मरते हुए जब अपनी मूंछों को ताव देता है तो दर्शकों का हाथ अपने-आप मूंछों के बालों को छूने लगता है। दिलजीत अच्छे एक्टर हैं और वो 'बॉर्डर 2' में भी शानदार परफॉर्मेंस देते दिखाई देते हैं।
'बॉर्डर 2' का सरप्राइज पैकेज अहान शेट्टी हैं। भले ही उनका स्क्रीन टाइम कम हो लेकिन उन्होंने अपने कंधों पर पिता सुनील शेट्टी की उस लिगेसी का भार अच्छे से उठाया है, जो उनके पिता ने सिर्फ एक डायलॉग "शक्ति मां... शक्ति" से बनाई है। दुश्मनों से लड़ते-लड़ते जब ये नेवी ऑफिसर समुंदर की गोद में समाता है तो आंखों से आंसुओं का सैलाब बह उठता है।
फिल्म में मोना सिंह, सोनम बाजवा, मेधा सिंह और आन्या सिंह जैसी फीमेल एक्ट्रेसेज भी हैं, जिनके हिस्से बहुत ज्यादा रोल नहीं हैं। बहुत ही कम स्क्रीन टाइम में भी ये चारों दिलों में जिंदा रहने वाले रोल जी जाती हैं। खास करके मोना सिंह, जिन्होंने एक ऐसी मां का किरदार प्ले किया है, जिसका बेटा जंग में शहीद हो गया है और पति सरहद पर जान हथेली पर लिए खड़ा है।
अब बात करते हैं डायरेक्टर अनुराग सिंह की, जिन्होंने एक खूबसूरत वॉर ड्रामा बनाई है। अनुराग सिंह ने 'बॉर्डर 2' के रूप में एक ऐसी वॉर ड्रामा पेश की है जो सिर्फ नसों में उबाल पैदा नहीं करती है बल्कि उस दर्द का अहसास भी कराती है जो जंग में जाते हुए हर सैनिक करता है। फिल्म के हर एक सीन में देशभक्ति का रंग कूट-कूटकर भरा गया है लेकिन अनुराग सिंह ने इन्हें ऐसे शूट किया है कि कहीं पर भी ओवरड्रामैटिक फील नहीं होता है। छोटे हों या फिर बड़े किरदार... हर किसी का दर्द साझा महसूस होता है और 3 घंटे थिएटर में बैठने के बाद भी दर्शक "मिट्टी के लाल" गाना पूरा सुनते हैं और फिर अपनी सीट छोड़ते हैं। बड़े-बड़े एक्शन सीन्स, जोश पैदा करने वाले डायलॉग्स, सॉन्ग्स के अच्छे बोल... अनुराग सिंह ने साबित किया है कि वो बॉर्डर 2 जैसे बड़े शिप के लिए सबसे सही कैप्टन थे।
फिल्म 'बॉर्डर 2' की दो आत्माएं हैं। एक तो इसकी सधी हुई कहानी और दूसरी इसका म्यूजिक। कहानी की तो हमने खूब बात की है लेकिन 'बॉर्डर 2' की बात बिना इसके शानदार म्यूजिक के पूरी नहीं हो सकती है, जो सीन्स में जान भरते हैं। इमोशनल सीन्स के लिए बनाए गए गाने आंसू पोछने को मजबूर करते हैं और एक्शन सीन्स के लिए बनाए गए गाने खून की रफ्तार दोगुनी कर देते हैं। बॉर्डर 2 के गाने बॉर्डर की तरह 30 सालों तक जिंदा रह पाएंगे या नहीं ये वक्त बताएगा लेकिन ये खूबसूरत हैं इस बात में कोई दोराय नहीं।
अगर बॉर्डर 2 की कमी की बात करें तो मेकर्स ने पाकिस्तानी सैनिकों को खूंखार दिखाने के लिए वही घिसा पिटा तरीका अपनाया है, जो हम हर वॉर मूवी में देखते हैं। पाकिस्तानी सैनिकों के मेकअप पर थोड़ी और मेहनत की जा सकती थी। इसके साथ-साथ जब पाकिस्तानी सेनाएं भारतीय सैनिकों पर टैंकों से हमला करती है तब भारतीय सैनिकों को सिर्फ बंदूकों के भरोसे छोड़ देना थोड़ा अखरता है। भारतीय सेना पाकिस्तान की सेना से हमेशा ही मजबूत रही है, ऐसे में ये कमी गले से नहीं उतरती है लेकिन जब फिल्म 90 प्रतिशत अच्छी बनी हो तो 10 प्रतिशत की इन कमियों को दरकिनार किया जा सकता है।
बॉर्डर 2 देखें या नहीं?
बॉर्डर 2 एक 'चंगी' इमोशनल वॉर ड्रामा है, जिसे थिएटर में देखना बनता है। फैमिली के साथ फिल्में देखना भारतीय कल्चर का हिस्सा रहा है। बॉर्डर 2 उसी कल्चर की मूवी है, जिसमें इमोशन है, कॉमेडी है और एक्शन है। ये फिल्म रुलाने के साथ-साथ भारतीय सेना पर गर्व करना का मौका देगी और बच्चों को भारतीय सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित भी करेगी। हम अपनी तरफ से बॉर्डर 2 के लिए 4 स्टार देते हैं।