Sant Tukaram Movie Review Hindi: थिएटर में रिलीज होने वाली हर फिल्म की अपनी कहानी अपनी मेहनत होती है। जिसमें से कुछ दिल को छू जाती हैं तो कुछ बस मनोरंजन बनकर रह जाती हैं। लेकिन कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जो समय की कसौटी पर खरी उतरती हैं और दर्शकों के मन में एक गहरी छाप छोड़ जाती हैं। इस हफ्ते रिलीज हुई 'संत तुकाराम' ऐसी ही एक फिल्म है, जो महाराष्ट्र के महान संत तुकाराम महाराज के जीवन पर आधारित है। इसे आदित्य ओम ने बनाया है। एक्टर सुबोध भावे ने संत तुकाराम का किरदार किया है। निर्माता बी. गौतम की यह पेशकश हमें एक ऐसी आध्यात्मिक यात्रा पर ले जाती है। आइए आपको बताते हैं मूवी के बारे में
क्या है फिल्म की कहानी
'संत तुकाराम' भक्ति काल के उस महान संत की कहानी है, जिनकी कविताएं आज भी हमें जीवन का रास्ता दिखाती है। फिल्म हमें लगभग 400 साल पीछे ले जाती है, जब तुकाराम महाराज ने समाज में भक्ति और समानता का संदेश फैलाया था। कहानी की शुरुआत पंढरपुर के एक छोटे से गाँव से होती है, जहाँ संत तुकाराम के पूर्वज, परम भक्त विशम्भर (संजय मिश्रा) अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। उनकी बड़ी इच्छा होती है कि भगवान विठोबा का एक भव्य मंदिर बनवाया जाए। एक रात, भगवान विट्ठल स्वयं उन्हें सपने में मंदिर बनाने का संकेत देती हैं, और जब उनकी नींद खुलती है, तो उन्हें अपने ही बगीचे में एक दिव्य मूर्ति मिलती है। धीरे-धीरे, तुकाराम एक पूजनीय संत के रूप में प्रसिद्ध होते गए। उनकी पहचान इतनी बढ़ी कि स्वयं मराठा साम्राज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज भी उनसे मार्गदर्शन और आशीर्वाद लेने आने लगे। फिल्म की कहानी इसी के आस-पास घूमती है।
स्टार्स की एक्टिंग
सुबोध भावे ने संत तुकाराम के किरदार को पूरे मन से निभाया है। शीना चौहान ने संत तुकाराम की पत्नी आवली के रूप में एक सशक्त महिला की भूमिका निभाई है। इस फिल्म में संजय मिश्रा, अरुण गोविल और शिशिर शर्मा जैसे कई प्रसिद्ध और मंझे हुए कलाकारों का अभिनय देखने को मिलेगा, जो अपनी छोटी लेकिन प्रभावशाली भूमिकाओं से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करते दिखाई देंगे।
निर्देशक आदित्य ओम का काम और फिल्म की राइटिंग वाकई कमाल की है। उन्होंने संत तुकाराम के जीवन को बहुत ईमानदारी के साथ प्रस्तुत किया है। फिल्म को 3.5 स्टार रेटिंग दी है इसे आपको एक बार जरूर देखनी चाहिए।
