Manoj Muntashir on Adipurush: रामायण पर आधारित फिल्म आदिपुरुष का टीजर गांधी जयंती के मौके पर रिलीज हुआ था। टीजर रिलीज होने के बाद फिल्म में रामायण के किरदारों के फिल्मांकन की आलोचना की जा रही है। सोशल मीडिया पर बायकॉट आदिपुरुष और बैन आदिपुरुष हैशटैग ट्रेंड हो रहे हैं। फिल्म में भगवान हनुमान के लुक की तुलना मुगल राजाओं और रावण के तुलना अलाउद्दीन खिलजी से की जा रही है। फिल्म के डायलॉग राइटर और गीतकार मनोज मुंतशिर ने सभी आरोपों का जवाब दिया है।
Manoj Muntashir, Adipurush
टाइम्स नाउ नवभारत की एडिटर इन चीफ नाविका कुमार ने आदिपुरुष के डायलॉग राइटर मनोज मुंतशिर से खास बातचीत की। मनोज मुंतशिर फिल्म में रावण की दाढ़ी पर कहते हैं, 'हर युग की बुराई का एक प्रतीक होता है। एक क्रिएटिव विजुवलाइजेशन होता है। यहां पर यदि डायरेक्टर ओम राउत बैठेंगे तो वह इसका जवाब बेहतर तरीके से दे सकते हैं। रामानंद सागर जी ने जब रामायण बनाई तो उस दौर में अगर बेहद प्रभावशाली मूंछें हो तो वह डरावना होता था। इस कारण तब रावण का चित्रण ऐसा था। ओम राउत ने उन्हें अपने तरीके से विजुअलाइज किया है।'
#ManojMuntashirOnAdipurush: जो चित्र आए हैं उसमें रावण अलाउद्दीन लग रहा है..हनुमान जी मुगल लग रहे हैं..ये न्याय है… t.co/BAOrrPcAVL
— ANI (@ANI) Oct 7, 2022
'कहां हैं हनुमानजी की मूंछें?'
आदिपुरुष में हनुमान जी के लुक का बचाव करते हुए मनोज मुंतशिर ने कहा, 'लोग कह रहे हैं कि हनुमानजी के कानों में कुंडल कहां पर है? आप एक एंगल से देख रहे हैं। बकायदा उनके कानों में कुंडल हैं। आप बालाजी चले जाएं, राजा रवि वर्मा ने जो पेंटिंग्स बनाई है, उन्हें देख लें कहां भगवान हनुमान की मूंछें हैं? हनुमान जी की दाढ़ी है। दाढ़ी ब्राउनिश है। मैं समझ ही नहीं पा रहा हूं कि जो सामने है उसका क्या स्पष्टीकरण दूं। ये मेरा आदर भाव है। 95 सेकंड के टीजर में हम कितना श्रीराम, कितना भगवान हनुमान और कितना मां सीता को दिखा सकते हैं।
सोशल मीडिया पर फिल्म के बायकॉट पर मनोज मुंतशिर ने कहा, ' जो लोग बायकॉट करते हैं उनके मत का भी सम्मान होना चाहिए। फिल्म को लेकर जो भी नाराजगी है, हम उसे सुन रहे हैं। मुझे बायकॉट का भय नहीं है। जो लोग बायकॉट करते हैं उनके भी अपने विश्वास हैं। किसी फिल्म को बॉयकॉट यूं ही नहीं किया जाता'
