'आदिपुरुष' (Adipurush Controversy) पर रोक की मांग वाली याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई, फिल्म 'आदिपुरुष' के संवादों को लेकर दर्शकों ने आपत्ति जताई थी, गौर हो कि अधिवक्ता कुलदीप तिवारी ने इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में इसे लेकर याचिका भी दर्ज करवाई थी जिसपर 26 जून को सुनवाई हुई, बताया जा रहा है कि अदालत ने सेंसर बोर्ड को जबरदस्त फटकार लगाई है।
26 जून को सुनवाई के दौरान अदालत ने सेंसर बोर्ड को जबरदस्त फटकार लगाई है
मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक हाई कोर्ट ने सेंसर बोर्ड और फिल्म के निर्माता-निर्देशक को कड़े तरीके से फटकारा है गौर हो कि फिल्म को लेकर फैंस बेहद ही नाराज है और अब फिल्म पर विवाद राजनैतिक भी बन चुका है इसी के साथ सेंसर बोर्ड पर भी लोगों ने कई आरोप लगाएं हैं।
मनोज मुंतशिर द्वारा लिखे गए डायलॉग भी बेहद खराब हैं
संशोधन याचिका में कहा गया था कि 'आदिपुरुष' फिल्म में महाकाव्य रामायण के किरदारों को तोड़-मरोड़ के दिखाया गया है और मनोज मुंतशिर द्वारा लिखे गए डायलॉग भी बेहद खराब हैं जो भारतीय सभ्यता से पूरी तरह अलग हैं।
'आदिपुरुष' रिलीज के बाद से ही विवादों में फंसी हुई है
गौर हो कि ओम राउत के डायरेक्शन में बनी एपिक रामायण पर बेस्ड फिल्म 'आदिपुरुष' रिलीज के बाद से ही विवादों में फंसी हुई है,फिल्म के खराब डायलॉग और किरदारों के खराब चित्रण को लेकर पूरे देश में इस फिल्म पर हंगामा हो रहा है, हालांकि मेकर्स ने विवादित डायलॉग को बदल दिया है बावजूद इसके फिल्म को लेकर बवाल जारी है और लोग इसके बैन की मांग भी कर रहे हैं।
