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पश्चिम बंगाल में फिर हिंसा: मतदान से कुछ घंटे पहले TMC कार्यकर्ता की हत्या, बम से उड़ाया

West Bengal News: घटना पश्चिम बंगाल के मामला केतुग्राम इलाके की है। जानकारी के मुताबिक, मृतक टीएमसी कर्मी मिंटू शेख़ (45) अपने एक साथी के साथ मोटरसाईकिल से घर जा रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उनपर अचानक से हमला कर दिया। कथित तौर पर पहले मिंटू पर धारदार हथियार से हमला किया गया और बाद में उन पर बम से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई।

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पश्चिम बंगाल में टीएमसी कर्मी की हत्या

Photo : iStock

West Bengal News: पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के बीच हिंसक घटनाएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। पिछले तीन चरणों के चुनाव में ऐसी कई घटनाएं सामने आई हैं। अब बंगाल के बर्धमान जिले में एक टीएमसी कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई। मामला केतुग्राम इलाके का है। जानकारी के मुताबिक, कुछ लोगों ने बम मारकार टीएमसी कार्यकर्ता मिंटू शेख की हत्या कर दी।

बताया गया कि मृतक टीएमसी कर्मी मिंटू शेख़ (45) अपने एक साथी के साथ मोटरसाईकिल से घर जा रहे थे। रास्ते में कुछ लोगों ने उनपर अचानक से हमला कर दिया। कथित तौर पर पहले मिंटू पर धारदार हथियार से हमला किया गया और बाद में उन पर बम से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। बहरहाल, घटना को लेकर इलाके में तनाव बना हुआ है।

चौथे चरण के मतदान से पहले हुई घटना

यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब पश्चिम बंगाल में लोकसभा चुनाव के मद्देनजर आठ सीटों पर मतदान होना है। लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में पश्चिम बंगाल के बहरामपुर, कृष्णानगर, राणाघाट (सु), पुरबा बर्धमान (एससी), बर्धमान-दुर्गापुर, आसनसोल, बोलपुर (सु) और बीरभूम में मतदान होगा। चुनाव आयोग के मुताबिक, चौथे चरण में 71,45,379 महिलाओं और 282 तृतीय लिंगी मतदाताओं सहित कुल 1,45,30,017 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करने के लिए पात्र हैं। इन आठ निर्वाचन क्षेत्रों के लिए 15,507 मतदान केंद्रों पर मतदान होना है।

ये दिग्गज हैं मैदान में

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी, तृणमूल कांग्रेस नेता शत्रुघ्न सिन्हा, महुआ मोइत्रा और यूसुफ पठान, भाजपा के एसएस अहलूवालिया और दिलीप घोष के राजनीतिक भाग्य का फैसला होगा। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी बहरामपुर से लगातार छठी बार चुनाव लड़ रहे हैं, पिछले तीन दशकों से उनका गढ़ मानी जाने वाली इस सीट पर उनके दबदबे की परीक्षा होने वाली है। इस सीट पर टीएमसी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान को चुनाव मैदान में उतारा है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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