UP Nikay Chunav Result : उत्तर प्रदेश निकाय चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन दिखाया, लेकिन इस बीच रामनगरी अयोध्या के एक वार्ड से एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने अन्य वार्ड के लोगों चौंका कर रख दिया। उस वार्ड के बारे में बताते हैं कि अभिराम दास को दिसंबर 1949 में बाबरी परिसर में रामलला की मूर्ति रखने के लिए जाना जाता है, जिसके कुछ दिनों बाद मस्जिद को बंद कर दिया गया था और 1986 में इसके खुलने के बाद से आज तक उसी मूर्ति की राम जन्मभूमि में पूजा की जा रही है। हालांकि उनके (अभिराम दास) नाम के हिंदू बाहुल्य वार्ड से मुस्लिम प्रत्याशी सुल्तान अंसारी ने जीत दर्ज की। जब इस बारे में उस वार्ड के लोगों से पूछा गया तो उन्होंने दिल जीत लेने वाला बयान दिया।
अयोध्या से निर्दलीय मुस्लिम प्रत्याशी की जीत।
इस वार्ड का है मामला
अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर आंदोलन के नायक-महंत राम अभिराम दास के नाम पर रखे गए वार्ड से सुल्तान अंसारी ने पार्षद पद के लिए बतौर निर्दलीय प्रत्याशी पर्चा भरा था। वोट प्रतिशत के हिसाब से इस वार्ड में हिंदू समुदाय के 3844 मतदाताओं के मुकाबले सिर्फ़ 440 मुस्लिम वोटर हैं। यहां 10 उम्मीदवार मैदान में थे। कुल पड़े 2388 मतों में अंसारी को 996 मत मिले जो करीब 42 फीसद है। अंसारी ने पहली बार चुनाव में किस्मत आजमायी। उन्होंने राम जन्मभूमि के पास के हिंदू बाहुल्य वार्ड में एक अन्य निर्दलीय उम्मीदवार नागेंद्र मांझी को 442 मतों के अंतर से हराया। भाजपा इस सीट पर तीसरे नंबर पर रही।
क्या बोले सुल्तान अंसारी
चुनाव में जीत हासिल करने वाले सुल्तान अंसारी से जब उनकी जीत के बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि यह अयोध्या में हिंदू-मुस्लिम भाईचारे और दोनों समुदायों के शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व का सबसे अच्छा उदाहरण है। सभी हिंदू भाईयों मेरा समर्थन किया और मेरी जीत सुनिश्चित की। जब उनसे चुनाव लड़ने से पहले की हिचचिाहट के बारे में पूछा गया तो वे बोले कि चूंकि मैं इस क्षेत्र का निवासी हूं और मेरी जानकारी के अनुसार मेरे पूर्वज यहां 200 से अधिक वर्षों से रह रहे थे। जब मैंने अपनी इच्छा प्रकट की तो मेरे हिंदू दोस्तों ने पूरे दिल से मेरा समर्थन किया और मुझे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्थानीय लोगों ने क्या कहा
वार्ड के स्थानीय निवासी अनूप कुमार ने अंसारी की जीत पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या को बाहर से देखने वाले सोचते हैं कि अयोध्या में कोई मुसलमान कैसे हो सकता है, लेकिन अब वे देख सकते हैं, अयोध्या में मुस्लिम न केवल मौजूद है बल्कि चुनाव जीत भी सकता है।
