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राहुल गांधी के खटाखट वाले बयान के समर्थन में उतरे तेजस्वी यादव, 'अब नौकरी मिलेगी फटाफट, भाजपा होगी सफाचट'

Tejashwi Yadav Slam PM Modi: लालू यादव के छोटे बेटे तेजस्वी यादव ने राहुल गांधी के खटाखट वाले बयान का खुले तौर पर समर्थन किया है। उन्होंने पीएम मोदी को विश्व का सबसे झूठा प्रधानमंत्री बताया है। साथ ही ये कहा कि अब नौकरी मिलेगी फटाफट, फटाफट, फटाफट, भाजपा होगी सफाचट, सफाचट, सफाचट।

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पीएम मोदी पर बरसे तेजस्वी।

Photo : Times Now Digital

Election News: चुनावी रण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के खटाखट वाले बयान को अब बिहार में भी सराहा जा रहा है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि अब नौकरी मिलेगी फटाफट, फटाफट, फटाफट, भाजपा होगी सफाचट, सफाचट, सफाचट।

'लालटेन पर वोट गिरी ठाकाटक-ठकाटक'

पाटलिपुत्र लोकसभा सीट के पालीगंज में जनसभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी ने कहा कि 'मिजाज रखिए टनाटन- टनाटन, नौकरी मिलेगा फटाफट- फटाफट, गरीब दीदी के खाता में एक लाख जाई खटाखट-खटाखट, भाजपा के हो जाई सफाचट-सफाचट और लालटेन पर वोट गिरी ठाकाटक-ठकाटक। मीसा दीदी यहां से चुनाव लड़ रही हैं, एक जून को लालटेन चुनाव चिह्न पर बटन दबाकर इनको भारी मतों से जीता कर लालू जी और राहुल गांधी जी का हाथ मजबूत करें।'

पीएम मोदी को बताया सबसे झूठा प्रधानमंत्री

तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री जी बिहार आते हैं लालू जी को गाली देते हैं, मुझे गाली देते हैं, राहुल जी को गाली देते हैं। उन्हें प्रधानमंत्री पद की गरिमा रखनी चाहिए, कम से कम...। इनसे बड़ा झूठा प्रधानमंत्री और कोई नहीं है। विश्व में अगर कोई सबसे झूठा प्रधानमंत्री है, तो उसका नाम नरेंद्र मोदी जी है। ये इतना झूठ बोलते हैं कि गोबर को भी हलवा बना देते हैं। बोले थे कि अच्छे दिन आने वाले हैं, कहां गए अच्छे दिन, ठग लिए कि नहीं ठग लिए? एक बार ठगाया, दूसरी बार ठगाया, लेकिन तीसरी बार ठगाने वाला नहीं है।

'चाचा ने सही कहा कि मोदी नहीं बनेंगे पीएम'

राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के लिए 'एक और मुख्यमंत्री कार्यकाल' की कामना करना राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)की 'निश्चित हार' को इंगित करता है। तेजस्वी, नीतीश कुमार की एक चुनावी सभा के दौरान जुबान फिसलने और यह कहने कि वे चाहते हैं कि एक बार फिर नरेन्द्र मोदी जी मुख्यमंत्री बनें का संदर्भ दे रहे थे। उन्होंने कहा कि 'कभी ना कभी तो अंदर की बात सामने आ ही जाती है। मोदी फिर से प्रधानमंत्री नहीं बनने जा रहे हैं।' उन्होंने इस मौके पर तेजस्वी के साथ कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी मौजूद रहे।

नौकरी को लेकर तेजस्वी ने किया बड़ा दावा

पूर्ववर्ती ‘महागठबंधन’ में उप मुख्यमंत्री रहे तेजस्वी ने दावा किया,'17 महीने में जो हम लोगों ने काम किया वह 17 साल में भी नहीं हुआ। पांच लाख सरकारी नौकरियां नौजवानों को दी गई। तीन लाख नौकरियां प्रक्रियाधीन कराई गई।' उन्होंने कहा,' चाचा जी (मुख्यमंत्री नीतीश कुमार) नहीं पलटते तो समझिए आठ लाख (नौकरी)हो जाता। अब पलट गए कि भाजपा वालों ने ‘हाईजैक’ कर लिया। वह तो बुजुर्ग हैं। हमारा तो पूरा सम्मान है अपने चाचा के प्रति। बुजुर्ग हैं, अभिभावक हैं। यही कामना करते हैं कि जहां भी रहे सुखी रहें स्वस्थ रहें। लेकिन चाचा ने कहा था कि जो 14 में आए हैं वह 24 में जाएंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि भले ही चाचा जी का शरीर वहां है लेकिन मन यहीं है।'

गरीबी और महंगाई के मुद्दे को तेजस्वी ने उठाया

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री काम की बात नहीं करते, उनको हिसाब देना चाहिए था कि अपने 10 साल के शासनकाल में बिहार के लिए क्या किया। तेजस्वी ने कहा, ' सबसे बड़ा मुद्दा बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई का है लेकिन हमारे प्रधानमंत्री गरीबों का ‘ग’ नहीं बोलते, बेरोजगारी का ‘ब’ नहीं बोलते, महंगाई का ‘म’ नहीं बोलते। यहां आकर क्या बोलते हैं- मटन, मछली, मंगलसूत्र, मंदिर-मस्जिद और बोलते हैं कि लालटेन वाला ‘मुजरा’ करता है।' राजद नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गरिमा को गिराने वाली बात की है।

बिहार के लोग किसी से डरते नहीं- तेजस्वी यादव

प्रधानमंत्री मोदी की हालिया ‘बिहार को लूटने’ की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए तेजस्वी ने कहा, 'बिहार के लोग किसी से डरते नहीं हैं... 73 वर्षीय एक व्यक्ति (प्रधानमंत्री मोदी) 34 वर्षीय एक युवा को जेल की धमकी दे रहा है। बिहार के लोग गुजरात के लोगों से नहीं डरते... बिहार के लोग किसी से नहीं डरते, हमारे भगवान कृष्ण का जन्म जेल में हुआ था।' प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले हफ्ते बिहार में एक रैली को संबोधित करते हुए कहा था कि राजग सरकार राज्य को लूटने वालों को नहीं बख्शेगी।

राजद नेता ने नीतीश द्वारा रविवार को चुनावी सभा में दिए बयान का संदर्भ देते हुए कहा, 'चाचा जी बोल दिए कि उनकी इच्छा है कि नरेंद्र मोदी जी मुख्यमंत्री बने। कभी ना कभी तो अंदर की बात सामने आ ही जाती है। बनारस में मोदी जी के नामांकन में भी नहीं गए चाचा जी, बीमार हो गए... समझने वाले समझते हैं।' मोदी पर अपना प्रहार जारी रखते हुए तेजस्वी ने कहा, 'जब मंडल आंदोलन चला तो अपने गुरु आडवाणी जी रथ के सारथी बने हुए थे। आरक्षण का विरोध कर रहे थे और यह यहां बिहार आकर बोलते हैं कि लालटेन वाले (राजद का चुनाव चिह्न)दलितों, पिछड़ों का आरक्षण छीन लेंगे। अरे लालू जी ने गरीबों को आवाज दी। मंडल कमीशन की सिफारिशों को लागू करवाया।'

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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