Tejashwi Yadav: आरजेडी नेता और भारतीय जनता पार्टी के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान के चार दिन बाद भी मतदान करने वाले मतदाताओं का लिंग-वार डेटा सार्वजनिक न करने के लिए भारतीय चुनाव आयोग की आलोचना की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार में बेरोजगारी और पलायन जैसे मुद्दों पर बात नहीं की और अपने चुनाव प्रचार के दौरान नकारात्मक राजनीति की।
तेजस्वी का ECI पर निशाना (PTI)
बीजेपी नेताओं को निशाने पर लिया
भाजपा के केंद्रीय नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने दावा किया कि बिहार की जनता बाहरी लोगों को राज्य पर नियंत्रण नहीं करने देगी। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए यादव ने कहा, चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव के पहले चरण के चार दिन बीत जाने के बाद भी 6 नवंबर को मतदान करने वाले मतदाताओं का लिंग-वार डेटा सार्वजनिक नहीं किया है। ऐसा पहली बार हो रहा है। पहले, यह तुरंत उपलब्ध करा दिया जाता था।
पीएम मोदी पर निशाना
उन्होंने यह भी आरोप लगाया, प्रधानमंत्री ने बिहार चुनाव प्रचार के दौरान बेरोजगारी और पलायन जैसे प्रमुख मुद्दों पर बात नहीं की। वह नकारात्मक राजनीति में लिप्त रहे। राजद नेता ने यह भी दावा किया कि कानून-व्यवस्था के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और अगर इंडिया ब्लॉक बिहार चुनाव जीतती है तो हम अपराधियों, सांप्रदायिक ताकतों और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।
कल दूसरे चरण का मतदान, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
बता दें कि बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के कल मतदान होना है और इसे लेकर पूरे राज्य में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। मंगलवार को होने वाले मतदान के दौरान निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। राज्य में दूसरे और अंतिम चरण के तहत 122 विधानसभा सीटों पर मतदान होगा। इसके लिए कुल 45,399 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 40,073 ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं। निर्वाचन आयोग के एक अधिकारी ने बताया, बिहार में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए चार लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।
पहले चरण में बंपर वोटिंग
उन्होंने बताया कि राज्य में चुनाव-पूर्व ड्यूटी के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की करीब 500 कंपनियां (लगभग 50,000 जवान) पहले से तैनात थीं। इसके अलावा अक्टूबर के तीसरे सप्ताह में और 500 कंपनियों को राज्य में भेजा गया था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिहार पुलिस के 60,000 से अधिक कर्मी चुनावी ड्यूटी में पहले से लगे हुए हैं। इसके अलावा अन्य राज्यों से आए रिजर्व बटालियन के लगभग 2,000 जवान, बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस के 30,000 कर्मी, 20,000 से अधिक होमगार्ड, प्रशिक्षणरत 19,000 नए सिपाही और करीब डेढ़ लाख अन्य कर्मी (ग्रामीण पुलिस) भी दोनों चरणों के लिए चुनावी ड्यूटी में लगे हैं। पहले चरण में 121 विधानसभा क्षेत्रों में 65 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया जो अब तक का सर्वाधिक है।
