Sidhi MP (Madhya Pradesh) Chunav Election Result 2023: मध्य प्रदेश की सीधी विधानसभा सीट पर भाजपा ने मौजूदा सांसद रीति पाठक को मैदान पर उतारा है। लगातार दो बार से रीति पाठक सीधी से सांसद निर्वाचित हुई हैं। रीति उन चुनिंदा सांसदों में शामिल हैं जिनपर भाजपा ने विधानसभा चुनाव में भाजपा की नैय्या को पार लगाने के लिए दांव लगाया है। रीति की छवि एक दबंग राजनेता की है। उनका विधानसभा चुनाव में सीधा मुकाबला कांग्रेस के ज्ञान सिंह से है। 17 नवंबर को मतदान के बाद दोनों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। 3 दिसंबर को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हो गई है। मतगणना के अपडेट के लिए यहां जुड़ें....
सीधी विधानसभा सीट पर मतगणना का ऐसा है हाल
| क्रमांक | उम्मीदवार | पार्टी | मत | परिणाम |
| 1 | रीति पाठक | भाजपा | 52723 | 19757 वोट से आगे |
| 2 | ज्ञान सिंह | कांग्रेस | 32966 | 19757 वोट से पीछे |
| 3 | केदार नाथ शुक्ला | निर्दलीय | 8098 | 44625 वोट से पीछे |
विधानसभा चुनाव 2018 में ऐसा था सीधी का हाल
साल 2018 में सीधी विधानसभा सीट पर भाजपा के केदार नाथ शुक्ल विजयी हुए थे। उन्होंने भाजपा के कमलेश्वर प्रसाद द्विवेदी तो मात दी थी। बसपा उम्मीदवार यहां तीसरे पायदान पर रहे थे। साल 2013 के विधानसभा चुनाव में भी केदार नाथ शुक्ल (बीजेपी) ने अपने प्रतिद्वंदी को 2360 मतों के अंतर से हराकर जीत दर्ज की थी।कौन हैं रीति पाठक
रीति पाठक मध्य प्रदेश के सीधी से लोकसभा सांसद हैं। वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) से ताल्लुक रखती हैं। वह पहली बार 2014 के लोकसभा चुनाव में सीधी सीट से बीजेपी उम्मीदवार के रूप में लोकसभा के लिए चुनी गई थीं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार को तब 1,08,046 वोटों के अंतर से हराकर सीट जीती थी। वह 2019 में 17वीं लोकसभा के लिए फिर से चुनी गईं। उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार अजय सिंह को 2,86,524 वोटों के अंतर से हराकर सीधी सीट फिर से हासिल की।
सिंगरौली में हुआ जन्म, रीवा से की पढ़ाई
पाठक का जन्म एक जुलाई 1977 को जिला सीधी में (मौजूदा समय में जिला सिंगरौली) के ग्राम खटखरी में रामकरण देव पांडे (वकील) और श्यामा पांडे (गृहिणी) के घर हुआ था। रीति का पालन-पोषण रीवा में हुआ। उन्होंने इतिहास और हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री (बीए) की। फिर इतिहास में मास्टर डिग्री (गर्ल्स डिग्री कॉलेज, रीवा से) की।
आगे एलएलबी (द बैचलर ऑफ लॉज़) में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। स्कूल और कॉलेज में रहते हुए वह सह-पाठ्यचर्या से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय थीं। उन्होंने स्नातक स्तर की पढ़ाई तक अपने सभी तीन एनसीसी प्रमाणपत्र पूरे कर लिए थे। वह 1994-95 में जीडीसी में संयुक्त सचिव थीं।
समाज सेवा के साथ शुरू हुआ था राजनीति का सफर
परिवार से प्रेरणा और समर्थन से उन्होंने अपने गृह निर्वाचन क्षेत्र में महिलाओं के लिए सामाजिक कार्य शुरू किए थे। राजनीति से उनका परिचय तब हुआ जब उन्होंने सीधी के जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। 2014 में उन्होंने मध्य प्रदेश के सीधी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। वह 2019 में लोकसभा के लिए फिर से चुनी गईं। वह वर्तमान में 17वीं लोकसभा की मौजूदा सदस्य हैं।
