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Jammu-Kashmir: विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण की वोटिंग आज, 26 सीटों पर मैदान में 239 उम्मीदवार

Jammu and Kashmir Assembly Elections 2024: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के लिए दूसरे चरण का मतदान आज होना है। इस फेज में उमर अब्दुल्ला, रविंद्र रैना, तारिक हामिद कर्रा सहित 239 की किस्मत दांव पर होगी। दूसरे चरण में छह जिलों की कुल 26 विधानसभा सीटों के लिए वोटिंग होनी है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर।

Jammu Kashmir Second Phase Voting: जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के तहत दूसरे चरण में 26 सीटों के लिए आज मतदान होना है और इस दौरान करीब 25 लाख मतदाता 239 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रवींद्र रैना प्रमुख हैं।

26 विधानसभा सीटों के लिए आज होगा मतदान

दूसरे चरण में जिन 26 सीट पर चुनाव होगा वे छह जिलों के अंतर्गत आती हैं। इनमें से तीन जिले कश्मीर संभाग के अंतर्गत हैं जबकि इतने ही जिले जम्मू संभाग के हैं। एक अधिकारी ने बताया, 'सुचारु और निर्बाध चुनाव कराने के वास्ते निर्वाचन आयोग ने इस चरण में 3,502 मतदान केंद्र बनाए हैं। इनमें से 1,056 शहरी क्षेत्र में जबकि 2,446 मतदान केंद्र ग्रामीण इलाकों में स्थापित किए गए हैं।'

अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग की पारदर्शिता सुनिश्चित करने की कोशिश के तहत सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की सुविधा होगी।

सुबह सात बजे से शाम छह बजे तक होगी वोटिंग

एक अधिकारी ने बताया, 'मतदाताओं की हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए, दूसरे चरण के लिए 157 विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें 26 ‘पिंक मतदान केंद्र’ हैं जो पूरी तरह से महिला कर्मियों द्वारा प्रबंधित होंगे, 26 मतदान केंद्र विशेष रूप से दिव्यांगों द्वारा संचालित, 26 मतदान केंद्र युवाओं द्वारा संचालित, 31 सीमा मतदान केंद्र, 26 हरित मतदान केंद्र और 22 अद्वितीय मतदान केंद्र हैं।' उन्होंने बताया कि मतदान सुबह सात बजे शुरू होकर शाम छह बजे तक जारी रहेगा।

इन दिग्गजों की किस्मत का फैसला करेगी जनता

दूसरे चरण में जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला मतदाता करेंगे उनमें नेशनल कांफ्रेंस के उपाध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक हामिद कर्रा और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता रवींद्र रैना शामिल हैं।

अब्दुल्ला गांदेरबल और बडगाम दो सीट से चुनाव लड़ रहे हैं जबकि कर्रा सेंट्रल शाल्टेंग से अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। रैना राजौरी जिले के नौशेरा का प्रतिनिधित्व फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं जहां से वह 2014 में विजयी हुए थे। दूसरे चरण में जेल में बंद अलगाववादी नेता सर्जन अहमद वागे उर्फ बरकती पर भी नजर रहेगी जो इंजीनियर रशीद द्वारा लोकसभा में दर्ज की गई जीत की परिपाटी को दोहराने की उम्मीद कर रहे हैं। रशीद ने नेशनल कांफ्रेस उम्मीदवार को हराया था। बरकती दो सीट बीरवाह और गांदेरबल से चुनाव लड़ रहे हैं।

तिहाड़ जेल से रहते हुए जीता था लोकसभा चुनाव

रशीद इंजीनियर के नाम से चर्चित शेख अब्दुल रशीद ने इस साल की शुरुआत में तिहाड़ जेल से रहते हुए बारमूला सीट से संसदीय चुनाव लड़ा था और अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी नेशनल कांफ्रेंस नेता उमर अब्दुल्ला को दो लाख से अधिक मतों से हराया था। इस चरण में और जिन प्रमुख उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है,उनमें अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी (चन्नापोरा), पूर्व मंत्री अली मोहम्मद सागर (खानयार), अब्दुल रहीम राथर (चरार-ए-शरीफ), चौधरी जुल्फिकार अली (बुधल) और सैयद मुश्ताक बुखारी (सूरनकोट) शामिल हैं।

चौधरी जुल्फिकार अली और सैयद मुश्ताक बुखारी इस बार भाजपा के टिकट पर किस्मत आजमा रहे हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के लिए 18 सितंबर को हुए पहले चरण के मतदान के दौरान अनुमानत: 61.38 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। केंद्र शासित प्रदेश में तीसरे और अंतिम चरण का मतदान एक अक्टूबर को होगा। मतों की गिनती आठ अक्टूबर को होगी।

किस जिले से कितने उम्मीदवार आजमा रहे हैं किस्मत

आंकड़ों के मुताबिक श्रीनगर जिले में 93 उम्मीदवार, बडगाम जिले में 46, राजौरी जिले में 34, पुंछ जिले में 25, गांदेरबल में 21 और रियासी जिले में 20 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कश्मीर संभाग के तहत श्रीनगर जिले में हजरतबल, खानयार, हब्बकदाल, लाल चौक, चन्नापोरा, जादीबल, सेंट्रल शाल्टेंग और ईदगाह सीट आती हैं। बडगाम जिले के अंतर्गत बडगाम, बीरवाह, खानसाहिब, चरार ए शरीफ और चडूरा सीट आती हैं। गांदेरबल जिले में दो सीट कंगन (सुरक्षित) और गांदेरबल हैं।

जम्मू संभाग में जिन सीटों पर मतदान होगा उनमें रियासी जिले की गुलाबगढ़ (सुरक्षित), रियासी, श्री माता वैष्णो देवी; राजौरी जिले की कालाकोटे-सुंदरबनी, नौशेरा, राजौरी (सुरक्षित), पुंछ जिले की बुद्धल (सुरक्षित), थन्नामंडी (सुरक्षित), सुरनकोट (सुरक्षित), पुंछ हवेली और मेंढर (सुरक्षित) सीट शामिल हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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