कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो रविवार को यूपी में एक जनसभा के दौरान का है। जहां मंच पर ही राहुल गांधी अखिलेश यादव से बात कर रहे हैं। इस वीडियो में राहुल गांधी, पीएम मोदी से लेकर मुलायम सिंह तक से जुड़े हुए कई सवाल पूछे, जिसका जवाब अखिलेश ने दिया।
रैली के दौरान राहुल गांधी से बात करते हुए अखिलेश यादव
राहुल गांधी और अखिलेश के बीच संवाद
जब राहुल गांधी ने पूछा कि पीएम नरेंद्र मोदी डिबेट से क्यों डरते है? तो अखिलेश यादव ने कहा कि क्योंकि वो सच का सामना नहीं करना चाहते। पढ़िए दोनों के संवाद के कुछ अंश
राहुल गांधी: पूरा उनका झूठ का ग़ुब्बारा है
अखिलेश यादव: वो- BJP के लोग मन मर्ज़ी से चलते हैं।
राहुल गांधी: भाजपा को लगता है कि वो सब जानते हैं।
अखिलेश यादव: डेमोक्रेसी में जितना डिस्कशन होगा, जितने विचार सुनेंगे, भरोसा करेंगे, उतना लोकतंत्र मजबूत होगा। भाजपा के लोगों ने ने केवल हमारी जान को खतरा पैदा किया है, बल्कि लोकतंत्र और संविधान को भी खतरा पैदा किया है।
राहुल गांधी: चीन हमारी जमीन के अंदर आ गया है, बेरोजगारी बढ़ गई है, ED सीबीआई यह लोग रंगदारी कर रहे हैं।
अखिलेश यादव: लद्दाख की सीमा असुरक्षित हो गई है, अरुणांचल की सीमा असुरक्षित हो गई है -चीन से सीमा के साथ-साथ बाजार को भी खतरा है।
मुलायम सिंह पर क्या बोले अखिलेश
राहुल गांधी ने इस संवाद के दौरान मुलायम सिंह यादव से जुड़े सवाल से की। उन्होंने अखिलेश यादव से पूछा कि आप अपने पिता के बारे में कुछ बताइए। इस पर अखिलेश ने कहा- नेताजी और उनके साथ के लोग...हालांकि नेताजी कुश्ती, पहलवानी, वो गांव के थे। मैं कुश्ती नहीं कर पाया जीवन में। मैं मिलिट्री स्कूल में चला गया तो कुश्ती नहीं कर पाया। देखिए नेताजी इसलिए धरतीपुत्र माने गए क्योंकि वो जमीन की बात को समझते थे, जो लोग हैं उनकी क्या भावना है, उसको लेकर वो आगे बढ़ना चाहते थे। आपका इस क्षेत्र से आज का लगाव नहीं है। कितने सालों पुराना लगाव है। जो इमोशनल कनेक्ट आपका इस शहर से है, वो शायद और किसी राजनीतिक परिवार का नहीं हो। तो नेताजी से उनका हार्ड वर्क और अपने लक्ष्य के लिए लगातार काम करते रहना। जो गैर बराबरी की लड़ाई, डॉ. राम मनोहर लोहिया यहीं लड़े थे। हमारी और आपकी वितचारधारा का टकराव रहा, लेकिन हमारे व्यक्तिगत...सिद्धांत में कभी समझौता नहीं हुआ। सिद्धांत को लेकर हम आपके साथ खड़े हुए और कई बार खड़े हुए।
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