Pradhuman Singh Tomar: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पार्टियों के बीच घमासान छिड़ गया है। ग्वालियर की सबसे हॉट सीट कहीं जाने वाली ग्वालियर विधानसभा सीट पर भी मुकाबला तगड़ा है।यहां से प्रदेश के सबसे चर्चित रहने वाले ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर विधायक हैं। प्रद्युम्न सिंह तोमर ने सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़ी थी और उसके बाद 2020 के उप चुनाव में बीजेपी के टिकट से जीत दर्ज कर प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री बने।
प्रद्युम्न सिंह तोमर
2018 में बीजेपी के टिकट से जीता चुनाव
तोमर ने 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के टिकट से चुनाव लड़ा और बीजेपी के कद्दावर नेता जयभान सिंह पवैया को 21,044 वोट से हराया था। लेकिन साल 2020 में प्रदेश में हुए सियासी बदलाव के बाद प्रद्युम्न सिंह तोमर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में शामिल हो गए। उन्होंने 2020 के उपचुनाव में कांग्रेस के सुनील शर्मा को 33,123 वोटों से हराया और विधायक चुने गए।
इस विधानसभा क्षेत्र में ग्वालियर जिले की खास पहचान ग्वालियर का ऐतिहासिक किला मौजूद है। सुर सम्राट तानसेन का समाधि स्थल भी आपको इसी विधानसभा क्षेत्र में मिलेगा। ग्वालियर पर्यटन के लिहाज से काफी अहम माना जाता है और यही कारण है कि इसमें एक दर्जन से अधिक विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं जहां हजारों की संख्या में देश विदेशी पर्यटक घूमने के लिए आते हैं।
ग्वालियर विधानसभा सीट का लेखाजोखा
अब तक यहां 5 बार कांग्रेस, 6 बार बीजेपी, एक-एक बार हिंदू महासभा और जनता पार्टी ने कब्जा किया है। संघ के प्रभाव वाले इस क्षेत्र में 2008 के चुनाव में कांग्रेस के प्रद्युम्न सिंह तोमर 2090 वोट से जीते थे। 2013 में जयभान सिंह पवैया ने प्रद्युम्न सिंह को 15,561 वोटों से हराया था, लेकिन 2018 में प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जयभान सिंह पवैया को 21,044 वोटो से हराकर बदला लिया। 2020 के उपचुनाव में प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कांग्रेस कांग्रेस के सुनील शर्मा को 33,123 से अधिक वोटो से हराया।
