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लोकसभा चुनाव 2024: चौथा चरण, 96 सीटें, 1717 उम्मीदवार; जानें किन-किन दिग्गजों की किस्मत का हो रहा फैसला

Lok Sabha Chunav: चौथे चरण में कई दिग्गजों की किस्मत का फैसला होगा, जिनमें अखिलेश यादव, गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, अर्जुन मुंडा, महुआ मोइत्रा, यूसुफ पठान, शत्रुघ्न सिन्हा, अधीर रंजन चौथरी, ललन सिंह, असदुद्दीन ओवैसी और वाईएस शर्मिला जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं। आपको समझाते हैं सारा सियासी गुणा-गणित।

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चौथे चरण की वोटिंग का गुणा-गणित समझिए।

Photo : Times Now Digital

Election News: लोकसभा चुनाव 2024 के चौथे चरण की वोटिंग चल रही है, जिसके तहत उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना समेत 10 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों की 96 लोकसभा सीट पर उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो जाएगी। इस चरण में कई दिग्गजों की किस्मत का फैसला होगा, जिनमें समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव, केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह, नित्यानंद राय, अर्जुन मुंडा, तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा, क्रिकेटर यूसुफ पठान, अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा, कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौथरी, जदयू नेता ललन सिंह, एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी और वाईएस शर्मिला जैसे कई प्रमुख नाम शामिल हैं।

चौथे चरण की वोटिंग का गुणा-गणित समझिए

देशभर की 96 लोकसभा सीटों के लिए कुल 1,717 उम्मीदवार मैदान में हैं। इस चरण में 8.73 महिलाओं सहित 17.70 करोड़ से अधिक पात्र मतदाताओं हैं। इन मतदाताओं के लिए 1.92 लाख मतदान केंद्रों बनाए गए हैं, जिन पर 19 लाख से अधिक मतदानकर्मी तैनात किए गए हैं। पहले तीन चरणों में मतदान प्रतिशत क्रमशः 66.14%, 66.71% और 65.68% था

लोकसभा चुनाव के चौथे चरण में प्रमुख उम्मीदवार

उम्मीदवारसीटराज्यपार्टी
अखिलेश यादवकन्नौजउत्तर प्रदेशसमाजवादी पार्टी
महुआ मोइत्राकृष्णानगरपश्चिम बंगालतृणमूल कांग्रेस
अधीर रंजन चौधरीबहरामपुरपश्चिम बंगालकांग्रेस
गिरिराज सिंहबेगूसरायबिहारभाजपा
वाईएस शर्मिलाकडप्पाआंध्र प्रदेशकांग्रेस
अर्जुन मुंडाखूंटीझारखंडभाजपा
शत्रुघ्न सिन्हाआसनसोलपश्चिम बंगालतृणमूल कांग्रेस
असदुद्दीन ओवैसीहैदराबाद तेलंगानाAIMIM
ललन सिंहमुंगेरबिहारजदयू
नित्यानंद रायउजियारपुरबिहारभाजपा

किस राज्य की कितनी सीटों पर हो रही वोटिंग?

अब आपको बताते हैं कि चौथे चरण में किस राज्य की कितनी सीटों पर मतदान हो रहा है। चौथे चरण में आंध्र प्रदेश में 25, बिहार में 5, झारखंड में 4, मध्य प्रदेश में 8, महाराष्ट्र में 11, पश्चिम बंगाल में 8, तेलंगाना में 17, उत्तर प्रदेश में 13, ओडिशा में 4 और जम्मू और कश्मीर में एक लोकसभा सीट पर वोटिंग हो रही है।

चौथे चरण में आंध्र प्रदेश की 25 सीटों पर वोटिंग

  1. अनाकापल्ली
  2. काकीनाडा
  3. अमलापुरम (एससी)
  4. राजमुंदरी
  5. नरसापुरम
  6. एलुरु
  7. मछलीपट्टनम
  8. विजयवाड़ा
  9. गुंटूर
  10. नरसरावपेट
  11. बापटला (एससी)
  12. अराकू (एसटी)
  13. श्रीकाकुलम
  14. नेल्लोर
  15. तिरुपति (एससी)
  16. विजयनगरम
  17. विशाखापत्तनम
  18. ओंगोल
  19. नंद्याल
  20. कुरनूल
  21. राजमपेट
  22. चित्तूर (एससी)
  23. हिंदूपुर
  24. अनंतपुर
  25. कडप्पा

चौथे चरण में बिहार की 5 सीटों पर वोटिंग

  1. दरभंगा
  2. उजियारपुर
  3. बेगूसराय
  4. मुंगेर
  5. समस्तीपुर

चौथे चरण में जम्मू और कश्मीर की 1 सीट पर वोटिंग

  1. श्रीनगर

चौथे चरण में मध्य प्रदेश की 8 सीट पर वोटिंग

  1. देवास
  2. उज्जैन
  3. मंदसौर
  4. रतलाम
  5. इंदौर
  6. खरगोन
  7. खंडवा
  8. धार

चौथे चरण में महाराष्ट्र की 11 सीट पर वोटिंग

  1. नंदुरभार
  2. जलगांव
  3. रावेर
  4. जालना
  5. मावल
  6. पुणे
  7. शिरूर
  8. अहमदनगर
  9. शिरडी
  10. बीड
  11. औरंगाबाद

चौथे चरण में ओडिशा की 4 सीट पर वोटिंग

  1. कालाहांडी
  2. नबरंगपुर (एसटी)
  3. बेरहामपुर
  4. कोरापुट (एसटी)

चौथे चरण में तेलंगाना की 17 सीट पर वोटिंग

  1. आदिलाबाद (एसटी)
  2. पेद्दापल्ली (एससी)
  3. करीमनगर
  4. निजामाबाद
  5. चेवेल्ला
  6. महबूबनगर
  7. नलगोंडा
  8. नागरकुर्नूल (एससी)
  9. जहीराबाद
  10. मेडक
  11. मल्काजगिरी
  12. सिकंदराबाद
  13. हैदराबाद
  14. भोंगिर
  15. वारंगल (एससी)
  16. महबूबाबाद (एसटी)
  17. खम्मम

चौथे चरण में उत्तर प्रदेश की 13 सीट पर वोटिंग

  1. फर्रुखाबाद
  2. इटावा
  3. कन्नौज
  4. शाहजहांपुर
  5. खीरी
  6. धरुहरा
  7. सीतापुर
  8. हरदोई
  9. मिश्रिख
  10. उन्नाव
  11. कानपुर
  12. अकबरपुर
  13. बहराईच (एससी)

चौथे चरण में पश्चिम बंगाल की 8 सीट पर वोटिंग

  1. बर्धमान-दुर्गापुर
  2. बहरामपुर
  3. कृष्णानगर
  4. आसनसोल
  5. राणाघाट
  6. बर्धमान पूर्व
  7. बोलपुर
  8. बीरभूम

चौथे चरण में झारखंड की 4 सीट पर वोटिंग

  1. सिंहभूम
  2. पलामू
  3. खूंटी
  4. लोहरदगा

चौथे चरण की हाईप्रोफाइल सीटें

कन्नौज (उत्तर प्रदेश): यूपी के पूर्व सीएम और समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव इस बार 2019 में अपनी पत्नी डिंपल यादव की हार का बदला लेने के लिए मैदान में हैं, बीजेपी ने यहां से मौजूदा सांसद सुब्रत पाठक को उम्मीदवार बनाया है। वर्ष 2000-2012 तक अखिलेश यादव इसी सीट से लोकसभा सांसद रहे है, 2012 में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने के बाद कन्नौज सीट से इस्तीफा दे दिया था।

हैदराबाद (तेलंगाना): हैदराबाद लोकसभा सीट पर भारतीय जनता पार्टी की माधवी लता और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के मौजूदा सांसद असदुद्दीन ओवैसी के बीच चुनावी जंग हो रही है। 2019 के चुनाव में ओवैसी ने 282,186 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी और बीजेपी के भगवंत राव को हराया था।

आसनसोल (पश्चिम बंगाल): इस सीट पर टीएमसी ने शत्रुघ्न सिन्हा को मैदान में उतारा है, जिनका मुकाबला बीजेपी के सुरिंदरजीत सिंह अहलूवालिया से होना है। 2019 के लोकसभा चुनावों में बाबुल सुप्रियो ने भाजपा के उम्मीदवार के रूप में जीत हासिल की थी, लेकिन बाद में वो टीएमसी में शामिल हो गए। यहां उपचुनाव हुए तो शत्रुघ्न ने जबरदस्त जीत हासिल की थी।

कृष्णानगर (पश्चिम बंगाल): टीएमसी की महुआ मोइत्रा का बीजेपी की अमृता रॉय से मुकाबला हो रहा है। 2019 में मोइत्रा ने बीजेपी के कल्याण चौबे को मात दी थी। पैसे के बदले सवाल पूछने के मामले में महुआ मोइत्रा को लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था।

बहरामपुर (पश्चिम बंगाल): इस सीट पर पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी का मुकाबला टीएमसी ने पूर्व भारतीय क्रिकेटर यूसुफ पठान को और भाजपा ने निर्मल कुमार साहा से हो रहा है।

बेगूसराय (बिहार): इस सीट पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का मुकाबला सीपीआई उम्मीदवार अवधेश राय से हो रहा है। 2019 में गिरिराज सिंह ने सीपीआई के कन्हैया कुमार को मात दी थी।

मुंगेर (बिहार): जनता दल (यूनाइटेड) के पूर्व अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) और राजद नेता अनिता देवी के बीच मुकाबला है। 2019 के चुनाव में ललन सिंह ने राजद की नीलम देवी को हराकर जीत हासिल की थी।

खूंटी (झारखंड): चौथे चरण में झारखंड के सबसे हैवीवेट प्रत्याशी अर्जुन मुंडा हैं, जो केंद्र सरकार में कृषि और जनजातीय मामलों के मंत्री हैं। खूंटी सीट पर उनका मुकाबला कांग्रेस के कालीचरण मुंडा से है। यह सीट वर्ष 2009 से लगातार भाजपा के कब्जे में है। वर्ष 2019 में यहां तत्कालीन सांसद और लोकसभा के उपाध्यक्ष रहे कड़िया मुंडा को अधिक उम्र के कारण रिटायरमेंट देने के बाद भाजपा ने अर्जुन मुंडा को चुनाव मैदान में उतारा था। तब भी अर्जुन मुंडा कांग्रेस के कालीचरण मुंडा से मात्र 1445 मतों से जीते थे।

कडप्पा (आंध्र प्रदेश): इस सीट पर बड़ा दिलचस्प मुकाबला देखने को मिल रहा है। आंध्र प्रदेश कांग्रेस प्रमुख वाईएस शर्मिला और उनके चचेरे भाई मौजूदा सांसद अविनाश रेड्डी के खिलाफ चुनाव लड़ रही हैं।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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