Karnataka Polls 2023: कर्नाटक में विधानसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के लिए संकट गहराता नजर आया है। मंगलवार रात जारी की गई पार्टी की 189 उम्मीदवारों वाली पहली लिस्ट के पहले और बाद जहां कई नेताओं ने पार्टी को लेकर अपनी नाखुशी जताई थी और हमले भी बोले थे उसी क्रम में पार्टी के सीनियर नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री लक्ष्मण सावदी ने बुधवार (12 अप्रैल, 2023) को बीजेपी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया।
सावदी ने मीडिया से कहा, ‘‘मैंने निश्चित तौर पर फैसला किया है। मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है।’’
दरअसल, वह 10 मई को होने वाले विधानसभा चुनाव में टिकट की अपेक्षा कर रहे थे। हालांकि, पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया। सावदी ने बेलागावी में संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ‘‘मैंने निश्चित तौर पर फैसला किया है। मैंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने का फैसला किया है।’’ वह आगे यह भी बोले, "मैं उन लोगों में से नहीं हूं, जो भीख मांगने वाला कटोरा लेकर पहुंच जाते हैं। मैं आत्म-सम्मान वाला राजनेता हूं। मैं किसी के प्रभाव या दवाब में आकर काम नहीं करता हूं।" कांग्रेस में शामिल होने की अटकलों के बीच 63 साल के नेता ने कहा कि वह बृहस्पतिवार शाम को एक 'मजबूत निर्णय' लेंगे और शुक्रवार से इस पर काम करना शुरू कर देंगे।
अथानी निर्वाचन क्षेत्र के लोगों और समर्थकों को अपना ‘असली आलाकमान’ बताते हुए सावदी ने कहा कि उन्होंने उन्हें पार्टी के साथ-साथ विधानपरिषद की सदस्यता से भी इस्तीफा देने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपने 'आलाकमान' खोने के लिए तैयार नहीं हूं। उनके निर्देशों का पालन करना मेरा प्राथमिक कर्तव्य है।’’ एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘‘जब मैंने अपनी पार्टी से इस्तीफा देने का फैसला कर लिया है तो क्या मुझे एमएलसी के रूप में बने रहना चाहिए? मैं आत्मसम्मान वाला व्यक्ति हूं।’’
इस बीच, सावदी की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने उनसे जल्दबाजी में कोई फैसला नहीं लेने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने लक्ष्मण सावदी से बात की है। मैंने उनसे जल्दबाजी में फैसला नहीं लेने को कहा है। मेरा मानना है कि सावदी का भाजपा के साथ बहुत पुराना व भावनात्मक रिश्ता है।’’ उन्होंने कहा कि वह जानते हैं कि उन्हें टिकट नहीं दिया गया है लेकिन वह और पार्टी आलाकमान उनसे बात करेंगे।
सावदी जिले की अथानी विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे हैं। पिछले चुनाव में उन्हें कांग्रेस के तत्कालीन उम्मीदवार महेश कुमाथल्ली के हाथों पराजय का सामना करना पड़ा था। कुमाथल्ली दल बदलने वाले कांग्रेस के उन नेताओं में थे, जिन्होंने कांग्रेस-जद (एस) गठबंधन की तत्कालीन सरकार को गिराने और 2019 में बी एस येदियुरप्पा के नेतृत्व में भाजपा की सरकार बनाने में मदद की थी। वह भाजपा में शामिल हो गए थे। कुमाथल्ली को भाजपा नेता और पूर्व मंत्री रमेश जारकीहोली का समर्थन भी हासिल है। (पीटीआई-भाषा इनपुट्स के साथ)
