Varun Gandhi: एक तरफ जहां अटकलें लग रही हैं कि कांग्रेस अमेठी से राहुल गांधी और रायबरेली से प्रियंका गांधी को उतार सकती है। वहीं, दूसरी तरफ ये भी खबर आ रही है कि भारतीय जनता पार्टी रायबरेली को लेकर ऐसी रणनीति बना रही है जो कांग्रेस को पूरी तरह चौंका देगी। अटकलें हैं कि बीजेपी रायबरेली से वरुण गांधी को मैदान में उतार सकती है। कांग्रेस ने अभी तक अपने उम्मीदवार पर फैसला नहीं किया है, हालांकि प्रियंका गांधी का नाम जोर-शोर से उठ रहा है। पार्टी कार्यकर्ता इस प्रतिष्ठित सीट के लिए प्रियंका गांधी का नाम तय करने के लिए केंद्रीय नेतृत्व पर दबाव डाल रहे हैं।
वरुण गांधी के जवाब से बढ़ा सस्पेंस
रायबरेली सीट का प्रतिनिधित्व फिरोज गांधी, इंदिरा गांधी, अरुण नेहरू और सोनिया गांधी जैसे कुछ कांग्रेसी दिग्गजों ने किया है। दो दशकों तक इस सीट से सांसद रहीं सोनिया गांधी ने हाल ही में संसद जाने के लिए राज्यसभा का रास्ता अपनाया है। वरुण गांधी का नाम इसलिए भी उछला है क्योंकि उन्होंने ऐसी खबरों पर नपा-तुला जवाब दिया है। यह पूछे जाने पर कि क्या वह रायबरेली से चुनाव लड़ेंगे, वरुण गांधी ने न तो इसकी पुष्टि की और न ही इससे इनकार किया। द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में वरुण ने कहा कि गोपनीयता के आश्वासन के साथ हुई बातचीत पर सार्वजनिक रूप से चर्चा करना मेरे लिए उचित नहीं होगा। किसी भी मामले में मेरा हमेशा से मानना रहा है कि चुनाव व्यक्तित्व के बजाय मुद्दों के बारे में होना चाहिए। वरुण के इसी बयान के बाद उनके रायबरेली से चुनाव लड़ने की खबरें गर्म हैं।
पीलीभीत से कटा वरुण का टिकट
वरुण गांधी पीलीभीत से मौजूदा सांसद हैं लेकिन इस बार उन्हें टिकट नहीं दिया गया और उनकी जगह जितिन प्रसाद को टिकट मिला है। हालांकि हाईकमान ने इस पर एक शब्द भी नहीं कहा कि इस बार उन्हें टिकट क्यों नहीं दिया गया। कयास लगते रहे कि राज्य सरकार और केंद्र की कुछ नीतियों के खिलाफ उनकी आलोचनात्मक टिप्पणियों ने शीर्ष नेतृत्व को नाराज कर दिया है।
पिछले साल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए वरुण गांधी ने लोगों को सलाह दी थी कि वे "आस-पास के साधु को परेशान न करें" क्योंकि कोई नहीं जानता कि "महाराज जी' कब मुख्यमंत्री बनेंगे। सितंबर 2023 में एक मरीज की मौत के बाद अमेठी के संजय गांधी अस्पताल का लाइसेंस निलंबित करने को लेकर उन्होंने योगी सरकार का मजाक उड़ाया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा, "एक नाम के खिलाफ नाराजगी से लोगों का काम खराब नहीं होना चाहिए।" इसके अलावा उन्होंने किसान प्रदर्शन को लेकर भी सीधे तौर पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया। हालांकि बीजेपी ने उनकी मां मेनका गांधी को सुल्तानपुर से उम्मीदवार बनाए रखा है।
