Voter ID Card Substitutes: भारत निर्वाचन आयोग ने साफ किया है कि यदि किसी मतदाता के पास मतदाता पहचान पत्र (EPIC) नहीं है, तो वह 12 अन्य पहचान पत्रों में से किसी एक को दिखाकर भी मतदान कर सकता है। आयोग ने यह निर्देश जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 और निर्वाचक नियम 1960 के तहत जारी किया है।
बिहार वोटर ID की जगह और क्या दिख कर मतदान कर सकेंगे वोटर (सांकेतिक तस्वीर|PTI)
सभी मतदाताओं को मतदाता पहचान पत्र देने की तैयारी पूरी
निर्वाचन आयोग ने बताया कि बिहार सहित उपचुनाव वाले सभी आठ विधानसभा क्षेत्रों में लगभग सभी मतदाताओं को पहचान पत्र जारी कर दिए गए हैं। आयोग ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि नए मतदाताओं को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने के 15 दिनों के भीतर पहचान पत्र पहुंचा दिए जाएं।
इस कदम का उद्देश्य मतदान के दिन पहचान में कोई दिक्कत न आए और फर्जी मतदान को रोका जा सके।
इन 12 वैकल्पिक पहचान पत्रों से कर सकेंगे मतदान
आयोग ने सात अक्टूबर 2025 को एक अधिसूचना जारी कर कहा है कि जिन मतदाताओं के पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है, वे नीचे दिए गए 12 दस्तावेजों में से कोई एक प्रस्तुत कर सकते हैं-
1. आधार कार्ड
2. मनरेगा जॉब कार्ड
3. बैंक या डाकघर की पासबुक जिसमें फोटो हो
4. श्रम मंत्रालय या आयुष्मान भारत योजना का स्वास्थ्य बीमा कार्ड
5. ड्राइविंग लाइसेंस
6. पैन कार्ड
7. राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर के तहत जारी स्मार्ट कार्ड
8. भारतीय पासपोर्ट
9. फोटो सहित पेंशन दस्तावेज
10. केंद्र या राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र या लिमिटेड कंपनियों के कर्मचारियों के पहचान पत्र
11. सांसद, विधायक या विधान परिषद सदस्य को जारी आधिकारिक पहचान पत्र
12. सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी कार्ड (यूडीआईडी)
निर्वाचन आयोग ने कहा कि इनमें से किसी एक दस्तावेज को दिखाकर मतदाता मतदान केंद्र पर अपनी पहचान सुनिश्चित कर सकता है।
मतदाता सूची में नाम होना जरूरी
आयोग ने यह भी दोहराया कि मतदान करने के लिए मतदाता सूची में नाम दर्ज होना जरूरी है। केवल पहचान पत्र दिखाने से मतदान का अधिकार नहीं मिलता। यदि किसी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में नहीं है, तो वह मतदान नहीं कर सकेगा, चाहे उसके पास कोई भी पहचान पत्र हो।
परदा/बुर्का वाली महिलाओं के लिए विशेष व्यवस्था
आयोग ने बताया कि परदाशीन यानी घूंघट या बुर्का पहनने वाली महिलाओं के सम्मानजनक पहचान सत्यापन के लिए विशेष इंतज़ाम किए जाएंगे। मतदान केंद्रों पर महिला मतदान अधिकारियों या सहायकों की मौजूदगी में उनकी पहचान सुनिश्चित की जाएगी ताकि उनकी निजता बनी रहे।
भारत निर्वाचन आयोग के इस फैसले से उन मतदाताओं को राहत मिलेगी जिनके पास फिलहाल मतदाता पहचान पत्र नहीं है। आयोग का उद्देश्य है कि कोई भी पात्र नागरिक सिर्फ पहचान पत्र की कमी के कारण अपने मतदान अधिकार से वंचित न रहे।
