Hyderabad Lok Sabha Seat 2024 : तेलंगाना की 17 लोकसभा सीटों में हैदराबाद भी शुमार है। हैदराबाद सीट ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की गढ़ है। इस सीट पर एक तरह से ओवैसी परिवार का कब्जा रहा है। एआईएमआईएम के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी लगातार इस सीट से विजयी होते रहे हैं। 2009, 2014 और 2019 तीनों लोकसभा चुनाव में इस सीट पर ओवैसी विजयी हुए। इस बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें कड़ी टक्कर देने की कोशिश की है। भाजपा उम्मीदवार माधवी लता ने ओवैसी के किले में सेंध लगाने और उनकी परंपरा तोड़ने का प्रयास किया है। देश की हाई प्रोफाइल सीटों में यह सीट भी शुमार है। अब देखना है कि चार जून को ओवैसी अपना किला बचाने में सफल रहते हैं या माधवी उन्हें चुनावी शिकस्त देती हैं।
1984 में हैदराबाद सीट पर ओवैसी के पिता जीते
इस सीट पर पहली बार 1984 में ओवैसी के पिता सुल्तान सलाहुद्दीन जीते। इस सीट पर वह 2004 तक अपनी जीत का परचम फहराते रहे। उनके निधन के बाद हैदराबाद सीट से असदुद्दीन चुनाव लड़ते और इस सीट को जीतते रहे हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में ओवैसी ने भाजपा के भगवंत राव को करीब 2.82 लाख वोटों से हराया। इस बार इस सीट पर ओवैसी, माधवी लता के अलावा 18 उम्मदीवार चुनाव मैदान में हैं।
हैदराबाद सीट पर 2024 के उम्मीदवार
- अंबी हनुमंत राव
- अमजद खान
- ए यू कन्ना
- अनिल सेन
- असदुद्दीन ओवैसी
- अशोक कुमार माम्बा
- सीके रेड्डा पल्लाकुरु
- जीएच गौड़
- जे पद्मजा
- जे श्यामसुंदर राव
- जमीन सईद
- केएस कृष्णा
- क्रांति कुमार बंडेला
- एल अशोक नाथ
- लुबना सरवात
- एम जॉनसन
- एमके आनंद
- माधवी लता
हैदराबाद में सात विधानसभा क्षेत्र
हैदराबाद लोकसभा सीट में वर्तमान में सात विधानसभा क्षेत्र आते हैं, जिसमें मलकपेट, कारवां, गोशामहल, चारमीनार, चंद्रयानगुट्टा, याकूतपुरा और बहादुरपुरा हैं. कुल 9,45,277 पुरुष वोटर हैं। इस सीट पर महिला वोटरों की संख्या 10,12,522 है। 2019 के लोकसभा चुनाव में कुल वोटरों की संख्या 8,77,872 थी, जिनमें से कुल पुरुष मतदाता 4,79,564 और महिला मतदाता 3,97,698 थीं। 2019 में इस सीट पर मतदान प्रतिशत 44.84% था। AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी को कुल 5 लाख 17 हजार 471 वोट मिले थे।
ओवैसी पर फर्जी वोटों से जीतने का आरोप
इस चुनाव में भाजपा उम्मीदवार माधवी लता ने ओवैसी पर गलत तरीके से चुनाव जीतने के आरोप लगाए। उनका दावा है कि ओवैसी फर्जी मतों के सहारे जीतते आए हैं। हालांकि, इस बार हजारों की संख्या में वोट काटे भी गए हैं। बावजूद इसके ओवैसी की ताकत का विरोधियों को पूरा अंदाजा है। तभी, माधवी लता के नामांकन के लिए केंद्रीय सूचना प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने रोड शो भी किया। विदेश मंत्री एस. जयशंकर प्रबुद्ध सम्मेलन तक कर चुके हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई नेताओं के कार्यक्रम भी तय हैं। साफ है कि ओवैसी के लिए भाजपा खुला मैदान नहीं छोड़ने वाली।
