Delhi Vidhan Sabha Chunav Parinam 2025, Babarpur Seat AAP Candidate Gopal Rai Result Updates: बाबरपुर सीट से गोपाल राय ने जीत हासिल कर ली है।गोपाल राय ने 18 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की है। बाबरपुर सीट पर बीजेपी ने अनिल कुमार वशिष्ठ को टिकट दिया था, जिन्हें हार का सामना करना पड़ा है।अरविंद केजरीवाल के खास और दिल्ली सरकार में मंत्री गोपाल राय इस बार के चुनाव में भी बाबरपुर विधानसभा सीट से आप के उम्मीदवार थे। गोपाल राय बीते दो चुनाव से यहां से विधायक बनते रहे हैं। 2015 और 2020 के दिल्ली विधानसभा चुनाव में गोपाल राय ने बाबरपुर से जीत हासिल की थी।
बाबरपुर सीट से गोपाल राय का चुनावी रिजल्ट
गोपाल राय के सामने कौन
बाबरपुर सीट से बीजेपी ने जहां अनिल वशिष्ठ को चुनावी मैदान में उतारा था, वहां कांग्रेस ने मोहम्मद इशराक़ पर भरोसा जताया था। पिछले विधानसभा चुनाव में गोपाल राय ने 33 हजार से ज्यादा मतों से जीत हासिल की थी। तब उनका मुकाबला बीजेपी के नरेश गौड़ से था, बीजेपी ने इस बार नरेश गौड़ का टिकट यहां से काट दिया और अनिल वशिष्ठ को टिकट दिया। वहीं मोहम्मद इशराक, पहले आप में ही थे और सीलमपुर से 2015 में जीते भी थे। इस बार मोहम्मद इशराक़ कांग्रेस के टिकट पर बाबरपुर से मैदान में हैं।
कौन हैं गोपाल राय
गोपाल राय का जन्म 10 मई 1975 को उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम विजय शंकर राय है। गोपाल राय ने अंजना राय से विवाह किया है, जो एक गृहणी हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा मऊ से पूरी की और फिर लखनऊ विश्वविद्यालय से सोशियोलॉजी में मास्टर डिग्री की। छात्र जीवन में वह राजनीति से जुड़ गए और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के साथ छात्र आंदोलन में भाग लिया। इसी दौरान 18 जनवरी 1999 को उन्हें गोली लगी थी, जो उनकी गर्दन की हड्डी में फंस गई थी। गोपाल राय ने दिल्ली की राजनीति में 10 साल बाद अपनी पहचान बनाई। उन्होंने दिल्ली के रामलीला मैदान में अन्ना आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। आंदोलनों में उनकी भागीदारी ने उन्हें दिल्ली के राजनीतिक मंच पर पहचान दिलाई। इसके बाद आम आदमी पार्टी की स्थापना हुई और वह पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य बने।
पहले चुनाव में मिली थी हार
दिल्ली में साल 2013 में हुए विधानसभा चुनाव में गोपाल राय ने पहली बार चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। हालांकि, हार के बावजूद उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र में सक्रिय रहकर पार्टी के लिए कार्य किया। साल 2015 के चुनाव में पार्टी ने एक बार फिर उन्हें बाबरपुर से टिकट दिया और उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद 2020 में गोपाल राय ने दोबारा बाबरपुर से चुनाव जीता और उन्हें पर्यावरण, विकास और सामान्य प्रशासन विभाग का मंत्री बनाया गया।
