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Chhattisgarh Election Results 2023: धरे के धरे रह गए छत्तीसगढ़ के सभी एग्जिट पोल, भाजपा ने सभी को चौंकाया

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Dec 3, 2023, 11:53 AM IST

Chhattisgarh Election Results 2023: 30 नवंबर को जारी हुए एग्जिट पोल ने राज्य में फिर से कांग्रेस सरकार बनने का अनुमान लगाया था और लगभग सभी एजेंसियों ने कांग्रेस को बहुमत मिलते दिखाया था। लेकिन चुनावी रुझान इससे अलग हैं और भाजपा ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका कर रख दिया है।

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छत्तीसगढ़ चुनाव नतीजे

Photo : ANI

Chhattisgarh Election Results 2023: छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी ने सभी को चौंका कर रख दिया है। पार्टी ने यहां रुझानों में बहुमत के आंकड़े को पार कर लिया है और जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ती जा रही है, कांग्रेस की वापसी की उम्मीदें भी खत्म होती जा रही है। सूबे में सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू हुई और पहला रुझान सामने आते ही कांग्रेस बढ़त में दिखी। हालांकि, 11 बजे के बाद भाजपा ने बड़ा उलटफेर किया और कांग्रेस काफी पिछड़ती दिखाई दी।

अभी तक सामने आए रुझानों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी ने छत्तीसगढ़ की 90 सीटों में से 47 पर बढ़त बना ली है, जबकि कांग्रेस 42 सीटों पर आगे चल रही है। इस बीच भाजपा नेता और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी राज्य में अभूतपूर्व जीत हासिल करेगी।

सभी एग्जिट पोल हुए फेल

छत्तीसगढ़ में सभी एजेंसियों के एग्जिट पोल फेल होते दिखाई दे रहे हैं। 30 नवंबर को जारी हुए एग्जिट पोल ने राज्य में फिर से कांग्रेस सरकार बनने का अनुमान लगाया था और लगभग सभी एजेंसियों ने कांग्रेस को बहुमत मिलते दिखाया था। लेकिन चुनावी रुझान इससे अलग हैं और भाजपा ने अपने प्रदर्शन से सभी को चौंका कर रख दिया है। भारतीय जनता पार्टी यहां बहुमत के आंकड़े के करीब पहुंचती दिखाई दे रही है।

देखें क्या थे एग्जिट पोल -

एजेंसी भाजपाकांग्रेस अन्य
टाइम्स नाउ-ईटीजी 32-4048-562-4
जन की बात 34-4542-520-3
टीवी 9 पोलेस्ट्रेट 35-4540-500-2
सी-वोटर 36-4841-530-4
रिपब्लिक 34-4244-520-2

2018 में 15 सीटों पर सिमटी थी भाजपा

छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव 2018 की मतगणना के बाद जब नतीजे सामने आए तो यहां कांग्रेस को स्पष्ट बहुमत मिला था। कांग्रेस यहां 68 सीटें जीतने के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और भाजपा को 15 सीटों पर संतोष करना पड़ा। हालांकि, इस बार भाजपा ने जबरजस्त वापसी करती दिखाई दे रही है।
प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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