मोदी के नए 'हनुमान' पशुपति पारस? नहीं करेंगे बगावत, रहेंगे NDA के साथ; लोकसभा चुनाव में नहीं मिली है एक भी सीट

  • Authored by: शिशुपाल कुमार
  • Updated Mar 30, 2024, 08:27 PM IST

बिहार में जब एनडीए के बीच सीटों की जब बंटवारा हुआ और पशुपति पारस की पार्टी को एक भी सीट नहीं मिली। जिसके बाद वो भड़क गए, मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया। अलग रास्ते की बात करने लगे, लेकिन अब पशुपति पारस ने सुर बदल लिए हैं।

लोजपा के संस्थापक रामविलास पासवान की जब मृत्यु हुई तो पार्टी टूट गई। रामविलास पासवान के भाई पशुपति पारस ने भतीजे चिराग पासवान को अकेला छोड़ दिया और खुद बीजेपी के साथ मिलकर केंद्रीय मंत्री बन गए। चिराग पासवान अपने चाचा से तो खफा हुए लेकिन बीजेपी से नहीं, पीएम मोदी से नहीं। चिराग पासवान खुद को मोदी का हनुमान बताते रहे, अब ऐसी ही हालत चिराग के चाचा पशुपति पारस की हो गई। पशुपति पारस एनडीए में तो हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव में उन्हें एक भी सीट नहीं मिली है। पहले तो बागी सुर दिखे, लेकिन अब पशुपति पारस पीएम मोदी के गुण गाते दिख रहे हैं। मतलब चिराग पासवान की तरह अब वो मोदी के 'हनुमान' बनते दिख रहे हैं।

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