Warsaliganj Assembly Constituency (वारसलीगंज विधानसभा सीट): वारसलीगंज विधानसभा सीट बिहार के नवादा जिले में स्थित है। यह सीट नवादा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र का हिस्सा है। एक समय में यह क्षेत्र चीनी और कपड़ा मिलों के लिए प्रसिद्ध था। यहां की मिट्टी भी काफी उपजाऊ मानी जाती है। वारसलीगंज के राजनीतिक इतिहास को समझे तो शुरुआती समय में इसे कांग्रेस का गढ़ माना जाता था, लेकिन अभी यहां भाजपा-एनडीए का वर्चस्व है। वारसलीगंज में कांग्रेस को 1995 में आखिरी बार जीत हासिल हुई थी। इसके बाद से कांग्रेस और उसके सहयोगी दल यहां से चुनाव नहीं जीत पाए। दिलचस्प बात ये भी है कि यहां अब तक राजद का खाता नहीं खुला। वारसलीगंज की वर्तमान विधायक बीजेपी की अरुणा देवी हैं। पिछले दो चुनावों से यह सीट बीजेपी के खाते में है। इस बार पार्टी के सामने जीत की हैट्रिक लगाने का भी मौका है। भाजपा ने वारसलीगंज से इस बार फिर अरुणा देवी पर भरोसा जताया है। वहीं राजद ने अनीता देवी महतो को उम्मीदवार चुनाव है। जन सुराज पार्टी ने उमेश प्रसाद को मैदान में उतारा है।
वारसलीगंज विधानसभा सीट
वारसलीगंज विधानसभा सीट के उम्मीदवार
- अनीता देवी महतो - RJD
- उमेश प्रसाद - JSP
- अरुणा देवी - BJP
वारसलीगंज सीट का चुनावी समीकरण
वारसलीगंज विधानसभा सीट का गठन 1951 में हुआ था। इस सीट पर अब तक 17 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। एक समय पर यहां कांग्रेस का दबदबा था। पार्टी ने वारसलीगंज सीट पर 7 बार जीत दर्ज की। आखिरी बार यहां से 1995 में कांग्रेस को जीत मिली। वहीं सीपीआई ने 3 बार और निर्दलीय उम्मीदवारों ने दो बार जीत का परचम लहराया। जनता पार्टी और जेडीयू ने भी 1-1 बार यहां जीत का स्वाद चखा। बीजेपी ने पिछले दो विधानसभा चुनावों में वारसलीगंज सीट को अपने नाम किया। इस बार बीजेपी यहां पर जीत की हैट्रिक पूरी करने के इरादे से मैदान में है, जबकि आरजेडी वारसलीगंज से जीत का खाता खोलने की कोशिश में पूरी ताकत झोंक रही है।
वारसलीगंज सीट का जातीय समीकरण और वोटर संख्या
वारसलीगंज विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण वोटरों की संख्या अधिक है। यहां पर सिर्फ 7.7 फीसदी शहरी आबादी है, 92.31 फीसदी लोग ग्रामीण हैं। 2020 के विधानसभा चुनाव में यहां मतदाताओं की कुल संख्या 3,51,015 थी। जिनमें से सिर्फ 1,71,160 वोटरों ने मतदान किया था। इस क्षेत्र में अनुसूचित जाति के वोटर 22.23 फीसदी हैं, जबकि मुस्लिम वोटरों की आबादी 9.3 फीसदी है।
