Kahalgaon Assembly Constituency (कहलगांव विधानसभा सीट): भागलपुर जिले की कहलगांव विधानसभा सीट पर महागठबंधन के भीतर दरार साफ दिखाई देने लगी है। कांग्रेस ने प्रवीण सिंह कुशवाहा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि आरजेडी पहले ही रजनीश भारती को प्रत्याशी बना चुकी है। यह वही सीट है जहां 2020 में बीजेपी ने जीत हासिल की थी। महागठबंधन के दोनों दलों द्वारा अपने-अपने उम्मीदवार उतारने से स्थानीय स्तर पर उलझन की स्थिति बन गई है।
क्या है कहलगांव का चुनावी समीकरण
कांग्रेस की परंपरागत सीट, पर बदले समीकरण
कहलगांव विधानसभा क्षेत्र, जो सन्हौला, गोराडीह और कहलगांव प्रखंड से मिलकर बना है, परंपरागत रूप से कांग्रेस का गढ़ माना जाता रहा है। पार्टी ने इस सीट पर अब तक 11 बार जीत दर्ज की है। बिहार कांग्रेस के दिग्गज नेता रहे सदानंद सिंह नौ बार यहां से विधायक बने। 2020 में बीजेपी के पवन यादव ने सदानंद सिंह के बेटे शुभानंद को हराकर पहली बार इस सीट पर कमल खिलाया।
जातीय समीकरण और स्थानीय मुद्दे
कहलगांव में यादव और मुस्लिम मतदाता निर्णायक भूमिका निभाते हैं, जबकि ब्राह्मण, कोइरी, रविदास और पासवान समुदायों के वोट भी असर डालते हैं। यह क्षेत्र गंगा नदी के किनारे बसा है, जहां बाढ़ और कटाव जैसी समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। रोजगार, कृषि, बिजली और सड़क जैसे मुद्दे भी चुनावी विमर्श का हिस्सा बने रहते हैं।
कहलगांव का चुनावी गणित
1951 में स्थापित इस विधानसभा क्षेत्र में अब तक 17 चुनाव हो चुके हैं। इनमें कांग्रेस ने 11, जनता दल ने दो, जबकि सीपीआई, जद(यू), भाजपा और एक निर्दलीय उम्मीदवार ने एक-एक बार जीत दर्ज की है। 2020 में बीजेपी के पवन कुमार यादव ने कांग्रेस उम्मीदवार शुभानंद मुकेश को 42,893 मतों से हराया था।
रोचक मुकाबले की ओर कहलगांव
2025 के बिहार विधानसभा चुनाव में कहलगांव की सीट पर कांटे का मुकाबला तय है। कांग्रेस के लिए यह सीट प्रतिष्ठा का प्रश्न है, जबकि बीजेपी अपने 2020 के विजय अभियान को दोहराने की कोशिश में है। आरजेडी और कांग्रेस के आमने-सामने आने से महागठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
भागलपुर जिले की कहलगांव विधानसभा सीट पर महागठबंधन के भीतर दरार साफ दिखाई देने लगी है। कांग्रेस ने प्रवीण सिंह कुशवाहा को अपना उम्मीदवार घोषित किया है, जबकि आरजेडी पहले ही रजनीश भारती को प्रत्याशी बना चुकी है। यह वही सीट है जहां 2020 में बीजेपी ने जीत हासिल की थी। यह विधानसभा सीट RJD और कांग्रेस के बीच सबसे विवादास्पद सीटों में मानी जाती है। यहां से RJD ने रजनीश यादव को अपना उम्मीदवार बनाया है, जिनका मुकाबला पहले जनता दल यूनाइटेड (JDU) के शुभानंद मुकेश से माना जा रहा था। लेकिन अब प्रवीण कुशवाहा के चुनावी मैदान में उतरने से मुकाबला और भी रोचक हो गया है।
कहलगांव में कब होंगे चुनाव (Kahalgaon Election Date):
| नोटिफिकेशन की तारीख | 13 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन की आखिरी तारीख | 20 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन जांच की आखिरी तारीख | 21 अक्टूबर 2025 |
| नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख | 23 अक्टूबर 2025 |
| मतदान | 11 नवंबर 2025 |
| चुनाव नतीजे | 14 नवंबर 2025 |
इतिहास और राजनीतिक विविधता का संगम
कहलगांव का नाम भारतीय इतिहास में विक्रमशिला विश्वविद्यालय के कारण स्वर्णाक्षरों में दर्ज है। पाल वंश के राजा धर्मपाल द्वारा स्थापित यह बौद्ध शिक्षा का प्रमुख केंद्र था, जिसे बाद में मुहम्मद बिन बख्तियार खिलजी ने नष्ट कर दिया। आज इसके खंडहर भारतीय विरासत की धरोहर हैं।
