मुख्यमंत्री : 5 और 51 दिन के CM; एक चुनाव हारकर बना 'हीरो', तो दूसरा जोड़तोड़ का बड़ा 'खिलाड़ी'

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 का बिगुल बज चुका है। 6 और 11 नवंबर को मतदान के बाद 14 नवंबर को मतगणना के साथ ही साफ हो जाएगा कि इस बार कौन मुख्यमंत्री बनेगा। इस बीच हम आपके लिए लेकर आए हैं मुख्यमंत्री सीरीज। इस सीरीज में आज जानेंगे बिहार के छठे व सातवें मुख्यमंत्रियों के बारे में।

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की घोषणा हो चुकी है और इसी के साथ समूचे बिहार में माहौल ही बदल गया है। तमाम राजनीतिक दल और गठबंधन आपस में बैठकें कर रहे हैं। प्रत्याशियों के नाम फाइनल किए जा रहे हैं और सत्तारूढ़ पार्टी व गठबंधन के खिलाफ विपक्ष लगातार आरोप लगा रहा है। जबकि सत्तारूढ़ पार्टी और सरकार अपनी उपलब्धियां गिनाने में जुटे हैं। बिहार चुनाव के मद्देनजर हम अपने पाठकों के लिए लेकर आए हैं मुख्यमंत्री सीरीज। इस सीरीज में हम बिहार के सभी मुख्यमंत्रियों के बारे में विस्तार से जान रहे हैं। तो आज बिहार के दो ऐसे मुख्यमंत्रियों के बारे में जानते हैं, जिन्होंने सत्ता के शिखर पर बहुत ही कम समय बिताया। एक मुख्यमंत्री सिर्फ पांच दिन इस पद पर रहे, जबकि दूसरे को 51 दिन तक ही सीएम रहने का गौरव प्राप्त हुआ। चलिए जानते हैं।

6th and seventh CM of Bihar Satish Prasad and BP Mandal.

बिहार के छठे मुख्यमंत्री सतीश प्रसाद और सातवें सीएम बीपी मंडल

बिहार में 5 दिन मुख्यमंत्री रहने वाले शख्स कौन थे?

बिहार के छठे मुख्यमंत्री का नाम सतीश प्रसाद सिंह था और वह मात्र 5 दिनों तक ही इस पद पर रहे। उनकी कहानी किसी फिल्मी कहानी की तरह रोचक है। सियासत के साथ उन्होंने फिल्म निर्माण में भी हाथ आजमाया था। न तो उनका राजनीतिक करियर ज्यादा लंबा चला और न ही फिल्मी करियर। लेकिन उनकी खुद की कहानी जरूर फिल्मी नजर आती है। सतीश प्रसाद सिंह का जन्म 1 जनवरी 1936 को खगड़िया जिले के परबत्ता प्रखंड स्थित कोरचक्का गांव में एक जमींदार परिवार में हुआ था। शुरुआती शिक्षा ग्रहण करने के बाद वह आगे की पढ़ाई के लिए मुंगेर चले गए और यहीं से मैट्रिक व ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की।

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